ब्रिटेन के पांच उपग्रहों को लांच करेगा भारत

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    • Author, पल्लव बागला
    • पदनाम, विज्ञान मामलों के जानकार

श्रीहरिकोटा स्थित भारत के अंतरिक्ष संगठन इसरो के लिए शुक्रवार का दिन बहुत अहम है, क्योंकि इसरो व्यावसायिक मोर्चे पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहा है.

एक अरब डॉलर (क़रीब 63 अरब रुपए) के वार्षिक बजट वाला इसरो शुक्रवार रात को ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) रॉकेट के ज़रिए ब्रिटेन के पांच सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजेगा.

इन पांच सैटेलाइट का वजन 1440 किलोग्राम है. श्रीहरिकोटा से शुक्रवार रात 9.58 बजे ये प्रक्षेपण किया जाएगा. पीएसएलवी का यह 30वां मिशन है.

किस तरह के होंगे रॉकेट

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यह एक जैसे तीन डीएमसी-3 उपग्रहों को प्रक्षेपित करेगा. ये सैटेलाइट पृथ्वी की निगरानी कर सकेंगे.

तीन डीएमसी-3 उपग्रहों में प्रत्येक का वजन 447 किलोग्राम है और इन्हें 647 किलोमीटर दूर सूर्य-समकालिक कक्षा में स्थापित किया जाएगा.

यह तीनों सैटेलाइट पृथ्वी के किसी भी हिस्से की तस्वीर लेने में सक्षम होंगे. साथ दो छोटे सैटेलाइट होंगे जिनका वजन 7 किलोग्राम होगा.

इनका काम अंतरिक्ष से पृथ्वी पर वापस लौटने वाले अंतरिक्ष यानों की एक नई प्रक्रिया की जांच करना होगा.

क्या है लागत

इस प्रक्षेपण के लिए भारत ने ब्रिटेन से कितने रकम ली है इसे व्यावसायिक कारणों से सार्वजनिक नहीं किया गया है.

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हालांकि मुख्य तीन सैटेलाइटों को बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी डीएमसी-3 का कहना है कि 11 करोड़ पाउंड (क़रीब 10 अरब रुपए) के अनुबंध के तहत यह प्रोजेक्ट किया जा रहा है.

कई सफलताएं मिल चुकी हैं

पीएसएलवी अब तक 28 सफल रॉकेट प्रक्षेपण कर चुका है. इसका कुल वज़न 320 टन और यह ऊंचाई 44.4 मीटर या क़रीब 15 मंज़िल इमारत जितनी है.

पीएसएलवी के ज़रिए ही भारत के पहले सफल मंगल मिशन को अंजाम दिया गया था.

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