विदेशी काले धन को सफ़ेद करने का मौक़ा

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भारत सरकार ने विदेशों में अघोषित संपत्ति घोषित करने का मौका देने के लिए कंप्लायंस विंडो को बुधवार को अधिसूचित कर दिया.
सरकार का कहना है कि 30 सितंबर तक अघोषित संपत्ति घोषित करने वालों को राहत मिल सकती है.
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने काला धन अधिनियम के तहत कंप्लायंस विंडो की तारीखें घोषित कीं.
कंप्लायंस विंडो 1 जुलाई को खुली और अगले तीन महीने तक 30 सितंबर तक खुली रहेगी.
30 प्रतिशत टैक्स, 30 प्रतिशत पेनल्टी

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वित्त मंत्रालय के अनुसार काला धन (अघोषित विदेशी आय एवं संपत्ति) एवं कराधान अधिनियम 2015 के प्रावधानों के तहत 30 सितम्बर 2015 तक भारत से बाहर मौजूद अघोषित चल-अचल संपत्ति की घोषणा की जा सकेगी.
जो लोग अपनी चल-अचल संपत्ति की घोषणा करेंगे, उन्हें संपत्ति पर टैक्स एवं पेनल्टी भरने के लिए 31 दिसंबर 2015 तक का मौका दिया जाएगा.

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इसी साल मई से लागू काला धन अधिनियम के तहत काला धन रखने को 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है.
कंप्लायंस विंडो की ख़ास बातें
- विंडो एक जुलाई को खुली और 30 सितंबर को बंद होगी
- टैक्स चुकाने के लिए 30 दिनों का समय मिलेगा
- कंप्लायंस विंडो के लिए दिल्ली में विशेष प्रकोष्ठ खोला गया
- अघोषित संपत्तियों के मामले अधिक होने पर मुंबई में एक और विशेष प्रकोष्ठ संभव
- ऐसी अघोषित संपत्तियों पर 30 प्रतिशत टैक्स और 30 प्रतिशत पेनल्टी
- एमनेस्टी स्कीम नहीं, संपत्ति पर 60 प्रतिशत (टैक्स+पेनल्टी) टैक्स चुकाकर सज़ा से बचने का मौका
- अधिनियम में कालेधन पर टैक्स चुकाने वालों की पहचान गुप्त रखने का प्रावधान नहीं <image id="d5e382"/>
30 सितंबर के बाद क्या
- कानून के अनुसार टैक्स के तीन गुना लगेगी पेनल्टी
- काले धन का मामला पकड़े जाने पर अधिकतम 10 साल की सज़ा संभव.
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