जर्मनी में सेक्स ई-बुक्स पर पाबंदी

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इमेज स्रोत, Thinkstock

जर्मनी में सेक्स सामग्री वाली ई-बुक्स सिर्फ़ रात्रि दस बजे से सुबह छह बजे के भीतर ही ख़रीदी जा सकेंगी.

ये नियम जर्मनी में वयस्क फ़िल्में दिखाने वाले सिनेमाघरों पर 2002 से ही लागू थे लेकिन अब इन्हें इंटरनेट पर मौजूद ई-बुक्स पर भी लागू कर दिया गया है.

उत्तेजक सामग्री वाली किताबों की बच्चों के लिए आसानी से उपलब्धता की शिकायतों के बाद ये नियम लागू किया गया है.

किताब जगत के एक ब्लॉगर ने यूथ प्रोटेक्शन अथॉरिटी के इस फ़ैसले को 'पागलपन' बताया है.

जर्मनी के प्रकाशकों और किताब बेचने वालों की एसोसिएशन का कहना है कि वे नए नियमों को लागू करने के रास्ते तलाश रहे हैं.

हालांकि एसोसिएशन की क़ानूनी टीम से जुड़ी जेसिका सेंगर का कहना है कि बच्चे इससे बचने का रास्ता निकाल ही लेंगे.

बेवकूफ़ी

उन्होंने कहा, "ऐसी व्यवस्था से बचना मुश्किल है जिसमें उम्र का सबूत मांगा जाता हो और हम ऐसा ही रास्ता निकालने पर विचार कर रहे हैं."

इस नियम का पालन न करने पर किताब बेचने वालों पर साढ़े तीन करोड़ रुपए तक का जुर्माना लग सकता है.

डिजीटल मीडिया ब्लॉगर नेट होफ़ेल्डर का कहना है कि क़ानून को ई-बुक्स पर लागू करने का कोई तुक नहीं है.

उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा, "जर्मनी के बाहर की वेबसाइटों पर वयस्क समाग्री की बेतहाशा मौजूदगी को देखते हुए जर्मनी की वेबसाइटों पर पहुँच को नियंत्रित करना बेवकूफ़ी है."

उन्होंने लिखा, "राजा कैन्यूट जानता था कि वो ज्वारभाटे को नहीं रोक पाएगा लेकिन जर्मनी के नियामकों में इतनी भी समझ नहीं है."

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