छात्रों ने निर्देशों का उल्लंघन कियाः आईआईटी-एम

बीआर आंबेडकर

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    • Author, इमरान क़ुरैशी
    • पदनाम, बैंगलौर से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मद्रास (आईआईटी-एम) में छात्रों के एक संगठन पर प्रतिबंध लगाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.

आईआईटी के छात्रों के अंबेडकर पेरियार स्टडी सर्कल ने कथित तौर पर एक पर्चा जारी किया था. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की नीतियों की आलोचना की गई थी.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने आईआईटी-एम से इस मामले में सफाई मांगी है. यह एक अज्ञात व्यक्ति की ओर से की गई शिकायत पर आधारित है. इसमें कहा गया है कि स्टडी सर्कल की ओर से परिसर में वितरित किए जा रहे पर्चे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिंदुओं के प्रति नफरत फैल रही है.

इस पर्चे पर मंत्रालय ने आईआईटी-एम से सफाई मांगी जिसके बाद संस्थान ने स्टडी सर्कल को प्रतिबंधित कर दिया.

आचार संहिता का सवाल

आईआईटी, मद्रास

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आईआईटी-एम की डीन शिवकुमार श्रीनिवासन ने मीडिया से कहा कि छात्रों के इस संगठन ने आचार संहिता का उल्लंघन किया था, इसलिए तकनीकी कारणों की वजह से इसे इजाजत नहीं दी गई.

लेकिन स्टडी सर्कल के एक प्रवक्ता ने अपना नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर बीबीसी से कहा, ''जो बात की जा रही है, उसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है. हमने किसी आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया है. वहां धार्मिक मामलों के और भी स्टडी ग्रुप हैं, जो पोस्टर लगा सकते हैं या बैठक कर सकते हैं, अगर हमने किया है तो इसमें ग़लत क्या है.''

प्रवक्ता ने कहा, ''हमारे पर्चे में उन आर्थिक नीतियों की आलोचना की गई है जिनका सरकार पालन कर रही है. हम समसामयिक मुद्दों पर चर्चा कर रहें और इन मुद्दों पर डॉ. आंबेडकर औऱ पेरियार के विचार रख रहे हैं.''

अभिव्यक्ति की आज़ादी

स्मृति ईरानी

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आईआईटी-एम ने एक बयान में कहा है, ''आईआईटी मद्रास छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कम नहीं करती है. छात्र संगठनों से उम्मीद की जाती है कि वो दिशा निर्देशों का पालन करेंगे."

बयान में कहा गया है, "इन दिशा निर्देशों के मुताबिक़ छात्र संगठन आईआईटी मद्रास के नाम और इसके आधिकारिक प्रविष्टियों का बिना वैध अनुमति के किसी भी रूप में अपनी गतिविधियों के प्रचार या समर्थन जुटाने के लिए इस्तेमाल नहीं करेंगे. इस संगठन ने अपनी बैठक के दौरान इन दिशा निर्देशों का उल्लंघन किया है.''

इस स्टडी सर्कल के एक और सदस्य ने अपना नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, ''यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हमारे संवैधानिक अधिकार का हनन है. कोई आचार संहिता संविधान का उल्लंघन नहीं कर सकती है.''

कांग्रेस पार्टी, भारत

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दूूसरी ओर कांग्रेस से जुड़े छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया ने इस पर सरकार का विरोध करना शुरू कर दिया है.

एनएसयूआई ने दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के घर के बाहर प्रदर्शन किया. पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में ले लिया है.

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