दहेज कैलकुलेटर से दहेज पर चोट

भारतीय दुल्हन की तस्वीर

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    • Author, विकास पांडे
    • पदनाम, बीबीसी मॉनिटरिंग

भारत में दहेज की समस्या पर एक बार फिर नए अंदाज़ में बहस छिड़ गई है.

इसकी वजह बना है कॉमेडी ग्रुप एआईबी का एक <link type="page"><caption> नया वीडियो</caption><url href="https://www.youtube.com/watch?v=iU6qI92Nt-Q" platform="highweb"/></link> और एक वैवाहिक वेबसाइट का नायाब प्रयोग.

इस ग्रुप ने 'ऑनेस्ट इडियन वेडिंग्स' नाम का एक वीडियो जारी किया है.

गंभीर मुद्दा, मज़ाकिया अंदाज़

भारतीय दुल्हन फाइल तस्वीर

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वीडियो में दुल्हन के परिवार को दूल्हे के रिश्तेदारों को दहेज देने के लिए दबाव में दिखाया गया है. परिवार के सदस्य दहेज के बारे में बातचीत कर रहे हैं और लड़की के पास उस शख्स से शादी करने के अलावा कोई चारा नहीं है.

इस वीडियो में भारत की भव्यता वाली उन शादियों का भी मज़ाक बनाया गया है जिनमें मेहमानों की लिस्ट लंबी होती है और बेशुमार खाना परोसा जाता है.

दक्षिण एशिया में दहेज सदियों पुरानी परंपरा है जिसमें दुल्हन का परिवार दूल्हे को तोहफे और नकदी देता है. भारत में साल 1961 में दहेज परंपरा को गैरकानूनी घोषित किया गया था लेकिन ये परंपरा अब भी बरकरार है.

एआईबी के वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

ट्विटर पर प्रतिक्रिया

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दहेज कैलकुलेटर

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भारत में कई ऐसी <link type="page"><caption> वेबसाइट</caption><url href="http://www.dowrycalculator.com/" platform="highweb"/></link> भी हैं जिसके जरिए कोई शख्स अपने दहेज की गणना कर सकता है. मसलन इसमें आँकड़ें भरने पर ये संदेश आया.

वैवाहिक वेबसाइट शादी डॉट कॉम ने 29 अप्रैल को <link type="page"><caption> देहज कैलकुलेटर</caption><url href="http://www.shaadicares.org/calculate-dowry/" platform="highweb"/></link> लॉन्च किया. अब तक 2 लाख से ज्यादा लोग इस कैलकुलेटर में दर्ज सवालों का जवाब दे चुके हैं.

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ज्यादातर लोगों ने खुद को मिल सकने वाले दहेज की रकम जानने के लिए सवालों के जवाब दिए लेकिन जो जवाब मिला, उससे उन्हें हैरानी हुई. जवाब में दहेज की रकम के बजाए भारत में देहज की वजह से हुई हत्याओं की संख्या बताई गई.

शादी डॉट कॉम के आदित्य सेव ने बताया, "हम अलग तरीके से इस समस्या की तरफ लोगों का ध्यान खींचना चाहना चाहते थे और केलकुलेटर ने हमें लक्ष्य हासिल करने में मदद की."

इस प्रयास की ट्विटर पर सराहना की गई है.

आदित्य इस प्रयास को 'मार्केटिंग' बताने के आरोपों को गलत बताते हैं.

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