एसटीएफ़ जवानों के शव खुले में

हमले में घायल जवान
इमेज कैप्शन, नक्सली हमले में घायल जवानों में दो की हालत गंभीर बनी हुई है.
    • Author, आलोक प्रकाश पुतुल
    • पदनाम, रायपुर से बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

छत्तीसगढ़ के सुकमा में माओवादी हमले में मारे गए एसटीएफ़ के सात जवानों के शव अब तक बरामद नहीं किये जा सके हैं.

दक्षिण बस्तर के इलाके में मौसम कल से ही खराब है. सुकमा के इलाके में सुबह से बारिश हो रही है.

यही कारण है कि अभी तक बचाव और राहत दल घटनास्थल पर नहीं पहुंच सका है.

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ख़राब मौसम के कारण जवानों का शव लाने के लिये हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल मुश्किल है.

ग़ौतलब है कि शनिवार को पुलिस के जवानों का दल रात दो बजे पोलमपल्ली और चिंतागुफ़ा के इलाक़े में एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन के लिये निकला था.

घात लगाकर हमला

नक्सल हमला

इमेज स्रोत, Rajkumar Tiwari

इमेज कैप्शन, नक्सली इससे पहले भी सुरक्षा बलों को निशाना बनाते रहे है.

पुलिस बल माओवादियों के प्रभाव वाले इलाक़े में ये ऑपरेशन चलाते हैं.

सुबह एक इलाक़े में नाश्ता करने के बाद 9 से 10 बजे के बीच दोरनापाल के पीडमेल के पास पुलिस का दल जब पहुंचा तो पहले से घात लगाए माओवादियों ने हमला कर दिया.

इस हमले में छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स के एक प्लाटुन कमांडर समेत 7 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई और 10 जवान गंभीर रुप से घायल हो गये.

पुलिस के जवान 10 घायलों को तो मौके से निकलने में सफल रहे लेकिन घटना के लगभग 24 घंटे बाद भी मारे गये जवानों के शव नहीं निकाले जा सके हैं.

हालत गंभीर

नक्सलियों के ख़िलाफ़ अभियान

इमेज स्रोत, niraj sinha

इमेज कैप्शन, सुरक्षा बल नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाक़ों में अभियान चलाते रहते हैं.

इधर राजधानी रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराये गए जवानों में से दो की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है.

सुकमा के पीडमेल में शनिवार को माओवादियों ने एसटीएफ़ के जवानों पर उस समय हमला बोला है, जब राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह एक दिन बाद ही जन सुराज अभियान की शुरुवात बस्तर इलाके से ही करने वाले थे.

यह सुराज अभियान पूरे राज्य भर में चलना था.

लेकिन अब माओवादी हमले के बाद जन सुराज अभियान की तारीख आगे बढ़ा दी गई है.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> कर सकते हैं. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>