'किसान रैली से राहुल गांधी करेंगे वापसी'

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कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के अनुसार पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी जल्द ही सक्रिय राजनीति में वापस आने वाले हैं. राहुल फ़रवरी के आख़िरी हफ़्ते से छुट्टी पर हैं. उनकी छुट्टी मीडिया में चर्चा का विषय बन गई थी.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा है, "भूमि अधिग्रहण विधेयक के विरोध में 19 अप्रैल को दिल्ली में होने वाली किसान रैली में राहुल गांधी उपस्थित होंगे."
राहुल ने बजट सत्र के ठीक पहले 23 फरवरी को छुट्टी के लिए निवेदन किया था. उनके छुट्टी पर जाने को लेकर ट्विटर पर हैशटैग #WhereIsRahul भी ट्रेंड कर रहा था.
मुश्किल वक़्त में छुट्टी

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राहुल गांधी का सक्रिय राजनीति से <link type="page"><caption> कुछ दिनों की छुट्टी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/02/150223_rahul_gandhi_analysis_rashid_sm" platform="highweb"/></link> लेने का फ़ैसला ऐसे समय पर आया था जब कांग्रेस लोकसभा चुनाव में बुरी तरह से हारने के बाद अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही थी.
पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार और विपक्षी दलों के बीच भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर तकरार बरकरार है.
यह विधेयक लोकसभा में पारित हो चुका है. नरेंद्र मोदी सरकार के पास राज्य सभा में बहुमत नहीं है इसलिए उन्हें इसे पारित कराने के लिए विपक्षी दलों का सहयोग चाहिए होगा.
भूमि अधिग्रहण विेधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में 14 विपक्षी दलों ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक <link type="page"><caption> मार्च</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2015/03/150317_opposition_marched_on_land_bill_rns" platform="highweb"/></link> किया था.
इन दलों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को ज्ञापन सौंपा था. इस मार्च में राहुल गांधी उपस्थित नहीं थे.
'किसान विरोधी अध्यादेश'

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सरकार भूमि अधिग्रहण अध्यादेश पहले ही पारित कर चुकी है. लेकन इस अध्यादेश को क़ानून बनाने के लिए सरकार को छह महीने के अंदर इससे जुड़े विधेयक को संसद के दोनों सदनों से पारित कराना होगा.
हाल ही में सोनिया गांधी ने सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के संबंध में <link type="page"><caption> चिट्ठी लिखी</caption><url href="https://twitter.com/INCIndia" platform="highweb"/></link> थी. चिट्ठी में सोनिया ने इस अध्यादेश को किसान विरोधी बताया.
सोनिया की चिट्ठी के जवाब में नितिन गडकरी ने भी एक चिट्ठी लिखी और यूपीए सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताया.
गडकरी ने अपने पत्र में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को "गांव, ग़रीब, किसान और <link type="page"><caption> मज़दूर के हित में</caption><url href="https://twitter.com/nitin_gadkari" platform="highweb"/></link>" बताया है.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












