शिक्षक घोटाले में चौटाला की सज़ा बरक़रार

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दिल्ली हाई कोर्ट ने शिक्षक भर्ती घोटाले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को मिली 10 साल की सज़ा को बरक़रार रखा है.
दो साल पहले सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें ये सज़ा सुनाई थी.
हाई कोर्ट ने चौटाला के सलाहकार रहे शेर सिंह बादशामी और दो आईएएस अफ़सर विद्याधर और संजीव कुमार को मिली 10-10 साल की सज़ा को सही ठहराया है.
न्यायमूर्ति सिदार्थ मृदुल ने फ़ैसला देते हुए कहा कि इन लोगों ने शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया को कलंकित किया है और भ्रष्टाचार फैलाया है.
हाई कोर्ट ने 50 अन्य दोषियों की सज़ा को दो साल कर दिया. जिन्होंने दो साल की सज़ा पूरी कर ली है उन्हें रिहा करने के भी आदेश दिए गए हैं.
हरियाणा में वर्ष 2000 में 3,206 जेबीटी शिक्षकों की भर्ती में हुए घोटाले में इंडियन नेशनल लोकदल के अध्यक्ष चौटाला, अजय चौटाला और 53 अन्य को दोषी ठहराया गया था.
अदालत ने लंबित ज़मानत याचिकाओं का निपटारा करते हुए उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा है.
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