जम्मू-कश्मीर के भी आएंगे 'अच्छे दिन'

मुफ्ती मोहम्मद सईद और मोदी (फ़ाइल फोटो)
    • Author, माजिद जहांगीर
    • पदनाम, कश्मीर से, बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए

भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में रविवार को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बन गई है.

जनता की उम्मीदों पर कितनी ख़रा उतरेगी नई सरकार और इस नई गठबंधन सरकार के बारे की लोग क्या सोचते हैं?

पढ़ें लोगों की राय विस्तार से

पीडीपी-बीजेपी सरकार पर जनता का रिएक्शन

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श्रीनगर के 50 वर्षीय ऑटो ड्राइवर नज़ीर को मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद से काफ़ी उम्मीदें हैं.

नज़ीर कहते हैं, "अभी कुछ नहीं कह सकते, पर हमें उम्मीद है कि मुफ़्ती सईद कुछ न कुछ हमारे लिए करेंगे. कश्मीर बाढ़ से तबाह हो चुका है. इसे फिर से बनाने की ज़रूरत है. शायद मुफ़्ती साहब इसके लिए कोई क़दम उठाकर हम लोगों पर रहम करें."

भाजपा के साथ गठबंधन पर नज़ीर कहते हैं कि यह फैसला सोच-समझकर लिया गया होगा.

नज़ीर कहते हैं, "नेशनल कॉन्फ्रेंस ने कभी ग़रीबों के लिए कुछ नहीं किया. अगर मुफ़्ती साहब ने भी कुछ नहीं किया, तो उनका हश्र भी बहुत बुरा होगा, भाजपा की तो बात ही नहीं है."

बेरोज़गारी बड़ा मुद्दा

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31 वर्षीय डॉक्टर इंतिख़ाब आलम नई सरकार पर राय देते हैं, "हमें इससे कोई मतलब नहीं कि कौन किसके साथ सरकार बना रहा है. हमें मतलब इससे है कि राज्य का विकास हो. बेरोज़गारी दूर करने की ज़रूरत है."

बन सकती है मज़बूत सरकार

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38 वर्षीय पत्रकार हारून रेशी इस गठबंधन को एक 'कामयाब सरकार' के तौर पर देख रहे हैं.

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रेशी कहते हैं, "इस समय जम्मू-कश्मीर राज्य को माली मदद की ज़रूरत है. मुफ़्ती मोहम्मद सईद जानते थे कि बीजेपी के साथ सरकार बनाकर वह राज्य के लिए कोई काम कर सकते हैं."

बीजेपी के साथ सरकार बनाने को बारे में रेशी कहते हैं, "इसमें कोई शक़ नहीं कि कश्मीर में कुछ लोग बीजेपी को पसंद नहीं करते. वह इसलिए कि उनको न सिर्फ़ कश्मीर बल्कि भारत का मुसलमान भी मुस्लिम विरोधी समझता है, लेकिन कुल मिलाकर यह एक मज़बूत सरकार बन सकती है."

पूरे किए जाएं चुनावी वादे

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सब्ज़ी और मेवा बेचने वाले 37 वर्षीय मोहम्मद रफ़ीक मीर कहते हैं कि उन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि पीडीपी किसके साथ सरकार बना रही है. मीर कहते हैं, "चुनाव में जो वादे किए गए हैं, वो पूरे किए जाएं."

36 साल के कारोबारी फ़ाज़ली बिलाल फारूक कहते हैं, "हमें उम्मीद है कि नरेन्द्र मोदी का नारा ‘अच्छे दिन’ अब बहुत जल्द कश्मीर भी पहुंचेगा जिससे कश्मीर का विकास और शिक्षा व्यवस्था बेहतर होगी."

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