मांझी ने दो नीतीश समर्थक मंत्रियों को हटाया

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- Author, नीरज सहाय
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए पटना से
बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार के नज़दीकी समझे जाने वाले दो मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया है.
उन्होंने पथ निर्माण मंत्री लल्लन सिंह और वन व पर्यावरण मंत्री पीके शाही को हटाने की सिफ़ारिश राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी से कर दी है.
समझा जाता है कि ये दोनों मंत्री जीतन राम माझी को हटाने की मुहिम में शामिल हैं.
शुक्रवार शाम मुख्यमंत्री आवास पर चली बैठक के बाद माझी ने यह फ़ैसला किया. ग़ौरतलब है कि मांझी शनिवार को दिल्ली आ रहे हैं.
माझी जाएंगे दिल्ली
दूसरी ओर, जनता दल (यूनाईटेड) के अध्यक्ष शरद यादव ने राज्यपाल को चिट्ठी लिख कर कल विधानमंडल दल की होने वाली बैठक के बारे में उन्हें जानकारी दी है.
इसके पहले शुक्रवार को पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में मांझी और नीतीश के कुछ समर्थकों के बीच नारेबाज़ी और उसके बाद जमकर हाथापाई हुई.
समर्थकों में हाथापाई
मांझी समर्थकों ने अपनी ही पार्टी जद (यू) के ख़िलाफ़ धरना दिया और पार्टी अध्यक्ष शरद यादव से शिकायत की. हालाँकि मांझी के कुछ समर्थकों ने कहा कि हाथापाई करने वाले बाहर के असामाजिक तत्व थे.
लगभग आठ महीने पहले नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से हट गए थे और मांझी को मुख्यमंत्री पद के लिए समर्थन दिया था.
इस दौरान मांझी के विवादित बयानों और तेज़ी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के कारण अब जब नीतीश कुमार के समर्थक चाहते हैं कि वे मुख्यमंत्री पद का कार्यभार फिर संभालें, तो दोनों नेताओं के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं.
शुक्रवार को नीतीश कुमार के घर सुबह दलित प्रकोष्ठ की बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य केसी त्यागी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दलितों का नेता बताया.
नीतीश को चुनौती

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नीतीश कुमार के आवास पर हुई बैठक में जब केसी त्यागी ने कहा कि अगले मुख्यमंत्री नीतीश ही होंगे, तो मांझी के समर्थकों ने इसका ज़बरदस्त विरोध किया.
दोनों नेताओं के समर्थकों ने एक दूसरे को चुनौती दे डाली. बात तू-तू-मैं-मैं तक पहुंच गई.
इसके बाद पटना में एक अन्य जगह पर दोनों नेताओं के समर्थकों ने हाथापाई हुई और फिर मांझी के समर्थकों ने धरना दिया.
नया सियासी समीकरण
इस दौरान मुख्यमंत्री मांझी सरकारी कार्यक्रम में पटना के बाहर थे. वहां उन्होंने नीतीश कुमार की आलोचना की और उन्हें एक 'मिथकीय चरित्र' करार दिया.

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शुक्रवार की शाम को मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हुई, जिसमें स्वयं मांझी मौजूद थे.
इस बैठक में बाग़ी विधायक रवींद्र राय, ज्ञानेंद्र सिंह 'ज्ञानू' और रामेश्वर पासवान भी मौजूद थे. उनके अलावा पूर्व सांसद रंजन यादव, पूर्व मंत्री देवेंद्र यादव और विधायक शकुनि चौधरी भी मौजूद थे.
सूत्रों का कहना है कि विधानमंडल की कल होने वाली बैठक में मांझी समर्थक शामिल नहीं होंगे, क्योंकि उनके मुताबिक यह बैठक ही ग़ैरक़ानूनी है.
शरद यादव की ओर से बुलाई गई बैठक में नीतीश कुमार के समर्थक भाग लेंगे.
समझा जाता है कि इस बैठक में दोनों गुटों के बीच तल्ख़ी तो बढ़ेगी ही, यह भी साफ़ है कि अब दोनों नेताओं में आर-पार की लड़ाई है. शायद मांझी के लिए अब वापस लौटने का विकल्प न बचे.
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