'नहीं पटते मुझसे मुंडे टाउन के...'

- Author, शालू यादव
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
हनी सिंह के गाने आपने कहीं न कहीं ज़रूर सुने होंगें...शादी-ब्याहों में, पार्टियों में, एफ़-एम रेडियो पर और टीवी पर. उनके गानों पर मानो पूरा भारत ही थिरकता है.
लेकिन वो गाने विवादों से परे नहीं हैं. उन गानों में इस्तेमाल होने वाले शब्द और महिलाओं को संबोधित करने का तरीका कई लोगों को रास नहीं आता.
दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली रेने वर्मा ने जब पहली बार रैपर हनी सिंह के गाने सुने, तो उन्हें कुछ असहज महसूस हुआ और उन्होंने रैप के ज़रिए ही अपनी भावनाएं ज़ाहिर कीं.
उनके रैप का वीडियो चंद घंटों में ही फ़ेसबुक पर वायरल हो गया. आख़िर ये पहली बार है जब किसी महिला रैपर ने हनी सिंह के गानों पर चुटकी ली है.
'नहीं पटते मुंडे'

इमेज स्रोत, PR
बीबीसी से ख़ास बातचीत में रेने ने बताया, ‘मुझे रैप करने का बहुत शौक है. मैं उन चीज़ों के बारे में लिखती हूं जो या तो मुझे परेशान करती हैं या मुझे प्रेरित करती हैं. हनी सिंह के गाने मुझे शुरू में अच्छे लगे लेकिन उन गानों में इस्तेमाल होने वाले शब्दों ने मुझे गहरी सोच में डाल दिया. मुझे हनी सिंह से नहीं, बल्कि इस समाज से दिक्कत है जो उस सोच को बढ़ावा देता है कि औरत आपकी जागीर है और जो आदमी उसे पटा नहीं सकता उसमें कुछ कमी है.’
उनका कहना है कि आजकल जिस तरह से गानों में लड़कियों को ‘हॉट’ बुलाया जाता है औऱ उन्हें कहा जाता है कि वो ‘छोटी ड्रेस में बॉम्ब लगती हैं’, इसका सीधा असर हमारे समाज की सोच पर होता है और लोग इसे ठीक समझने लगते हैं.
रेने ने कहा, ‘छोटी ड्रेस में बॉम्ब लगना मेरे बस की बात नहीं है, मेरी आंखें ब्लू नहीं है और मेरे टाउन में सारे मुंडे मुझसे नहीं पटते. लेकिन मुझे इस बात का बुरा नहीं लगना चाहिए. इन गानों को सुन कर लगता है कि समाज में मेरे जैसी लड़कियों का कोई महत्तव ही नहीं है! हमारे जैसे सामान्य लोगों की जगह इस म्यूज़िक में कहां है?’
रेने का रैप वीडियो वायरल ज़रूर हुआ और लाखों लोगों ने इसे पसंद किया, लेकिन कुछ प्रतिक्रियाएं तीखी भी थीं.
प्रतिक्रिया
उन्होंने बताया, "कुछ प्रतिक्रियाएं बहुत अच्छी थी और कई लोगों ने मुझे कहा कि उन्हें मेरा रैप बहुत ही प्रेरणादायक लगा. लेकिन कुछ प्रतिक्रियाएं ऐसी थीं कि जिन्हें सुनकर मुझे बहुत हंसी आती है. कुछ लोगों ने मुझे कहा कि मुझे हनी सिंह से जलन होती है तो कुछ ने मेरे चरित्र पर भी सवाल उठाए और कहा कि मुझे अपने विचार अपने तक ही सीमित रखने चाहिए."
लेकिन ऐसी प्रतिक्रियाओं से रेने को कोई फ़र्क नहीं पड़ता क्योंकि उनके मुताबिक ये हमारे समाज का ही एक प्रतिबिंब है.
जब मैंने रेने से पूछा कि अगर हनी सिंह से उनकी मुलाकात होती है तो वो उन्हें क्या कहेंगीं?
वो ज़ोर से हंसी और कहा, "मैं बस ये जानना चाहूंगी कि क्या वो ये गाने ख़ुद लिखते हैं? और हां, ये भी कि वो ख़ुद क्या सोचते हैं अपने गानों के बारे में?"
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