पाकिस्तान को ओबामा ने दिलाया भरोसा

इमेज स्रोत, Reuters
अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से फ़ोन पर बात की और इस क्षेत्र के हालात पर चर्चा की.
नवाज़ शरीफ़ के दफ़्तर से जारी बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मामलों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बात की.
उन्होंने नवाज़ शरीफ़ को अपनी भारत यात्रा के बारे में भी भरोसा दिलाया और शरीफ़ की आख़िरी भारत यात्रा को सकारात्मक बताया.
ओबामा ने कहा कि वो भारत-पाकिस्तान दोनों पड़ोसी देशों के बीच सौहार्दपूर्ण रिशतों में और बढ़ोत्तरी देखना चाहते हैं.
उधर अमरीका में उपप्रेस सचिव एरिक शूल्ट्ज़ ने भी एक बयान जारी कर इसकी पुष्टि कर दी है.
बयान के अनुसार ओबामा ने नवाज़ शरीफ़ को फ़ोन कर कहा कि अमरीका पाकिस्तान के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मज़बूत करना चाहता है. बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में चरमपंथ पर क़ाबू पाने और इलाक़े में शांति और स्थायित्व बढ़ाने के लिए अपने प्रतिबद्धता को दोहराया.
मोदी का निमंत्रण
ओबामा ने अगले साल गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनने का भारतीय प्रधानमंत्री मोदी का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है. ओबामा की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी) ने ट्विटर पर इसकी पुष्टि कर दी है.
एनएससी ने ट्वीट किया, "ये पहली दफ़ा होगा जब कोई अमरीकी राष्ट्रपति भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होगा. राष्ट्रपति ओबामा नरेंद्र मोदी और भारतीय अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे ताकि भारत-अमरीका संबंधों को मज़बूत किया जा सके."

इमेज स्रोत, TWITTER
नरेंद्र मोदी ने बराक ओबामा को गणतंत्र दिवस पर भारत आने का न्यौता दिया था.
मोदी ने इस बारे में ट्वीट किया था, "इस गणतंत्र दिवस पर हमें एक दोस्त के यहाँ आने की उम्मीद है. मैंने राष्ट्रपति ओबामा को निमंत्रण दिया है कि वो इस मौक़े पर चीफ़ गेस्ट बनने वाले पहले अमरीकी राष्ट्रपति बनें."
गणतंत्र दिवस के अवसर पर भारत हर वर्ष किसी न किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष को बुलाता है.
मोदी के प्रति नर्मी
इससे पहले नरेंद्र मोदी भी सितंबर में अमरीका गए थे जहाँ उन्होंने व्हाइट हाउस में अमरीकी राष्ट्रपति से मुलाक़ात की थी.
इसी महीने जी-20 सम्मेलन में भी मोदी और ओबामा की दोबारा मुलाक़ात हुई थी जहाँ ओबामा ने मोदी को 'मैन ऑफ़ एक्शन कहा था'.
वैसे तो अमरीका ने पिछले कई वर्षों से नरेंद्र मोदी को वीज़ा नहीं दिया था लेकिन मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से अमरीका का रुख़ बदल गया है.
<bold>(बीबीसी हिंदी का <link type="page"><caption> एंड्रॉयड मोबाइल ऐप</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi&hl=en" platform="highweb"/></link> डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें. आप हमसे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पर भी जुड़ सकते हैं.)</bold>












