अब बकरा भी खड़ा है ऑनलाइन बाज़ार में

इमेज स्रोत, manish saandilya
- Author, मनीष शांडिल्य
- पदनाम, पटना से बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए
बक़रीद के दिन क़ुर्बानी के लिए बकरे ख़रीदे जाते हैं, इसके लिए मंडियां लगती हैं, मेले लगते हैं.
लेकिन शायद अब ये तरीक़ा भी डिजिटल एज में आउटडेटेड होता जा रहा है. क्योंकि अब बकरे बेचे जा रहे हैं ऑनलाइन शॉपिंग पोर्टलों पर.
'ओएलएक्स' से लेकर 'क्विकर' तक कई ऑनलाइन बाज़ारों में बकरों के वर्गीकृत इश्तेहार मौजूद हैं. ये बकरे चार हज़ार से 25 लाख तक की क़ीमत के हैं.
उत्तर प्रदेश के फिरोज़ाबाद के हेमंत कुमार ने ओएलएक्स पर अपने बकरे की क़ीमत 25 लाख रुपए रखी है.
उन्होंने बीबीसी से कहा, "हमारे बकरे पर चांद बना हुआ है और ये पूरी तरह से स्वस्थ है. खरीदार इसकी 17-18 लाख तक की क़ीमत लगा चुके हैं."
वेबसाइट के सर्च में जाकर अपनी ज़रूरत टाइप करने पर शहर के नाम के साथ आपको बकरे की तस्वीरें और क़ीमत सब कुछ मिल जाएगा.
ओएलएक्स पर बकरों के क़रीब पांच हज़ार इश्तेहार हैं, जबकि क्विकर पर ये संख्या एक से डेढ़ हज़ार के बीच है.
सही क़ीमत के लिए इश्तेहार
बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर के तिलकनगर इलाक़े में रहने वाले राजू दास एक साड़ी दुकान में सैल्समेन हैं. राजू बताते हैं कि ऑनलाइन इश्तेहार उन्होंने डाला क्योंकि जो लोग घर पर बकरा ख़रीदने आ रहे थे, उनमें से कोई सही क़ीमत नहीं दे रहा था. उनका बकरा अभी बिका नहीं है, लेकिन वेबसाइट के ज़रिए कई लोगों ने उनसे संपर्क किया है.

इमेज स्रोत, OLX.IN
पटना के नौसामोड़ इलाक़े में रहने वाले काशिफ़ वारसी ने अपने दोस्त तारिक़ के दो बकरों का ऑनलाइन इश्तेहार डाला था.
बक़ौल तारिक़ उन्होंने ऑनलाइन इश्तेहार का विकल्प चुना क्योंकि वे बकरा बेचने के लिए रस्सी थामे चौक-चौराहों या बकरी बाज़ार तक नहीं जाना चाहते थे. इश्तेहार देखकर कुछ ख़रीददार बकरा देखने तारिक के घर आए. उनके मुताबिक बकरा अब बिक चुका है.
इन राज्यों के बकरे ज़्यादा बिकाऊ
सबसे ज़्यादा इश्तेहार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों से हैं.
इश्तेहारों की तस्वीरों में बकरा मालिक ख़ास अंदाज़ में ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. किसी बकरे पर अरबी में 'अल्लाह' लिखा हुआ है तो किसी पर '786'.
विज्ञापनों में बकरे की नस्ल, वज़न, रंग-रुप और दूसरी ख़ासियतें भी बताई जा रही है, तो कई मालिक अपने बकरों के उचित लालन-पालन और तंदुरुस्ती के नाम पर ऊंची क़ीमतें मांग रहे हैं.
बकरे तस्वीरों में पत्ते खाते हुए तो किसी में कलाबाज़ी दिखाते हुए नज़र आ रहे हैं.
होम डिलेवरी उपलब्ध नहीं
हालांकि बकरों की ख़रीद में ऑनलाइन शॉपिंग के ज़रिए अभी 'कैश ऑन डिलेवरी' या 'ईएमआई' जैसे विकल्प मौजूद नहीं हैं.

इमेज स्रोत, Manish Saandilya
ऑनलाइन बकरा पसंद करने के बाद आपको ख़रीदारी के पुराने तरीक़ों की ओर ही लौटना होगा.
यानी की बताए पते पर जाकर बकरा देखना होगा और फिर अगर वहां जाकर सौदा पट जाए तो भुगतान कर बकरा ख़ुद घर लाना होगा.
<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>












