अहम टेस्ट में कामयाब रहा मंगलयान

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भारत के मंगलयान का 'मेन लिक्विड इंजिन' सोमवार को चार सेकंड के लिए स्टार्ट किया गया.
इसरो ने ट्वीट कर कहा कि इंजिन को चलाने का परीक्षण सफल रहा.
इसका मकसद स्पेसक्राफ़्ट की गति को धीमा करना है ताकि ये मंगल ग्रह के गुरुत्वाकर्षण में खिंचा चला जाए और उस की कक्षा में स्थापित हो सके.
इसरो ने बताया कि स्पेसक्राफ़्ट के 'मैन लिक्विड इंजिन' के कार्य-निष्पादन (परफ़ोरमेंस) की तसदीक के लिए स्टार्ट किया गया. इससे मंगल ग्रह की कक्षा में प्रवेश की रणनीति में सहायता मिलेगी.
इससे पहले सोमवार सुबह मंगल की थाह लेने जा रहा भारत का महत्वाकांक्षी मंगलयान उसके गुरूत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंच गया है.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने सोमवार को ट्विटर पर कहा, "हमारे नेविगेटरों की गणना के मुताबिक मंगलयान मंगल के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश कर गया है."
मंगल से 5.8 लाख किलोमीटर दूर से उसका गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र शुरू हो जाता है.
दस महीने से सुषुप्त पड़े इस इंजन को करीब चार सेकंड के लिए चालू किया गया.
मोदी की मौजूदगी

मंगलयान 24 सितंबर को मंगल की कक्षा में प्रवेश करेगा और इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी बेंगलूर में इसरो के केंद्र में मौजूद रहने की संभावना है.
भारत अगर अपने मिशन में कामयाब रहता है तो वह मंगल पर सफल मिशन भेजने वाला एशिया का पहला और दुनिया का चौथा देश होगा.
मंगलयान को पिछले साल पांच नवंबर में प्रक्षेपित किया गया था.
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