इश्क में बेघर हुए, अब मोदी और शी से आस

- Author, अंकुर जैन,
- पदनाम, अहमदाबाद से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
अहमदाबाद के एक दंपत्ति की ख़ास नज़र भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाक़ात पर है क्योंकि उनका मामला इश्क का है.
यूं तो पूरी दुनिया ही इस मुलाक़ात पर नज़र रख रही है और देख रही है कि निवेश, निर्यात और बिजनेस के मुद्दों पर क्या समझौते होते हैं.
लेकिन अहमदाबाद के रॉयस रोड्रिक्स और उनकी पत्नी शा ली के दिमाग पर बस एक ही मसला छाया हुआ है - साथ रहने का ख़्वाब.
पेस्ट्री और जैकी चैन
अहमदाबाद के रॉयस की शा ली से मुलाक़ात दुबई में 2006 में हुई थी.

इमेज स्रोत, AP
रॉयस बताते हैं, "मैं दुबई के होटल में पेस्ट्री बनाने का काम करता और शा वहीं बैंक्वेट में है. पर उसे पेस्ट्री बनाने में रूचि थी और इस तरह से हमारी दोस्ती हुई. फिर मैं उसे बॉलीवुड फिल्मों के बारे में बताता और वह मुझे चीनी फ़िल्में दिखाती. उसे हिंदी फिल्मों के बारे में कुछ नहीं पता था और मैं चीन के हवाले से केवल जैकी चैन को जानता था."
शा ली के अनुसार पांच साल की दोस्ती के बाद 2012 में उन्होंने रॉयस से शादी करने का फैसला किया.
वो कहती हैं, "जब मुझे मेरे माता पिता ने पूछा कि रॉयस भारत में कहां से हैं तो मैंने बताया कि वो महात्मा गांधी की जन्मभूमि से हैं. उन्हें ये जान कर अच्छा लगा.’’
शादी के बाद कहा जाएं?

रॉयस और शा के लिए शादी के बाद सबसे बड़ी चिंता ये थी कि वो किस देश में रहें.
रॉयस बताते हैं, "हमने शादी अहमदाबाद में और बीजिंग के नज़दीक शा के जन्मस्थल में भी की. लेकिन अब समस्या ये है कि दोनों देशों के वीज़ा नियमों के मुताबिक शा भारत में सिर्फ 30 दिन रह सकती हैं और मैं चीन सिर्फ दो महीने. ऐसे में हमें किसी ने कनाडा के बारे में बताया और हम वहां चले गए क्योंकि हमारा दुबई का वीज़ा भी खत्म होने को था."
अब दोनों उम्मीद कर रहे हैं कि भारत में नई सरकार और चीनी राष्ट्रपति के तीन दिन के भारत दौरे के बाद दोनों देशो में दोस्ती बढ़ेगी और वह अपने परिवार के साथ रह पाएंगे.
शा कहती हैं, "मैं भारत में रॉयस के परिवार के साथ बसना चाहती हूं और रॉयस के साथ चीन में अपने परिवार के साथ भी रहना चाहती हूँ. जिनपिंग चीन में बहुत लोकप्रिय हैं और मोदी भारत में. इस बैठक के बाद शायद दोनों देशों में हम आराम से आ और जा सकें."
शा कहती हैं कि चीन और भारत के लोगों में बहुत समानता है और दोनों ही देशों में परिवार को बहुत महत्व दिया जाता है.
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