श्रीनगर: अस्पतालों में बच्चों की मौत?

श्रीनगर का अस्पताल
    • Author, फ़ैसल मोहम्मद अली
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर से

श्रीनगर में बच्चों के सरकारी अस्पताल में कई नवजातों की मौत की ख़बरें हैं. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है.

जम्मू-कश्मीर के बाढ़ राहत कार्य मंत्री शामलाल शर्मा ने बीबीसी से कहा कि वह '100 फ़ीसदी निश्चितता से कुछ नहीं कह सकते'.

शामलाल शर्मा ने कहा कि बच्चों के अस्पताल में पानी घुसने से वहां से दो खेप में बच्चों को निकालना पड़ा था. उनमें से कुछ को अतिसंवेदनशील हालत में आर्मी बेस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था.

अस्पताल बंद

जीबी पंत अस्पताल में द्वितीय वर्ष के मेडिकल छात्र आदिल मतीन ने बीबीसी को बताया कि अस्पताल में दो-तीन बच्चों की मौत हुई. इसके बाद कई बच्चों को आर्मी अस्पताल ले जाया गया था, जहां कुछ बच्चों की मौत होने की जानकारी उन्हें मिली थी.

हालांकि अस्पताल के एचओडी डॉक्टर क़ैसर अहमद का कहना है कि जब तक मेडिकल रिकॉर्ड्स नहीं देखेंगे तब तक इसकी पुष्टि नहीं कर सकते.

उनका कहना है कि फिलहाल अस्पताल बंद है और उसे खुलने में कम से कम एक हफ़्ता लगेगा.

स्वास्थ्य सेवा सूत्रों का कहना है कि मौतें बिजली कटौती के चलते वेंटीलेटर बंद होने से हो सकती हैं.

अस्पतालों में ऑक्सीजन और कई इमरजेंसी दवाओं की भारी कमी है.

शहर के मुख्य सरकारी अस्पताल में बाढ़ का पानी घुस गया था. कई अस्पतालों को मरीज़ों को पहले और दूसरे माले पर ले जाना पड़ा.

मरीज़ लापता

श्रीनगर का अहमद अस्पताल

कई मरीज़ों की पूरी सूचना प्रशासन के पास नहीं है. अब्दुल रशीद ड्राइवर शहर के बड़े मैटरनिटी सरकारी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती अपनी बहन को तीन दिन से खोज रहे हैं.

यही स्थिति पुलवामा के स्कूल शिक्षक इरशाद अहमद बट की थी, जो बहन को ढूंढ़ने के लिए तैरकर मैटरनिटी अस्पताल पहुंचे पर वह वहां नहीं थीं.

सीनियर सरकारी डॉक्टर आसिफ़ ख़ान कहते हैं कि अस्पताल सैलाब को लेकर तैयार ही नहीं थे. उन्हें होश तब आया जब 'पानी वार्डों तक घुस गया.'

स्वयंसेवी डॉक्टर

श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती मरीज़

डॉक्टर आसिफ़ ख़ान और शहर के कई दूसरे सरकारी और ग़ैर सरकारी डॉक्टर आजकल अहमद अस्पताल में स्वयंसेवी सेवा दे रहे हैं.

अहमद अस्पताल शहर का एक पुराना बड़ा अस्पताल है, जहां बाढ़ का पानी नहीं घुसा. सरकारी अस्पताल अपने मरीज़ों को यहां रेफ़र कर रहे हैं.

कुछ ओपीडी सेंटर में भी मरीज़ भर्ती किए गए हैं. यहां की डॉक्टर ख़ुशबू के मुताबिक़ बिजली कटौती की वजह से ऑपरेशन थियेटर में पानी की कमी और स्टरलाइज़ेशन में दिक़्क़त आ रही है.

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