सांसदों को पुरस्कार भी, नसीहत भी

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मंगलवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बेहतरीन सांसदों को पुरस्कृत किया. उससे कुछ पहले ही संसद भवन में तृणमूल कांग्रेस और तेलुगूदेसम पार्टी के सांसद एक कमरे के लिए झगड़ा कर चुके थे.
जब सांसदों को पुरस्कृत करने के बाद राष्ट्रपति ने भाषण दिया तो सांसदों के व्यवहार की पीड़ा उसमें साफ़ दिखी.
राष्ट्रपति ने कहा, “कृपया, भगवान के लिए संसद की गरिमा बनाए रखें. यह काम आपके अलावा और कोई नहीं कर सकता. यह संस्था हमारे स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है और आपको यह काम करना ही होगा."
दरअसल, संसद के प्रथम तल पर स्थित ये कमरा कई वर्षो से टीडीपी के पास है, लेकिन गत 6 अगस्त को इसे टीएमसी को आबंटित कर दिया गया.

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टीडीपी इस कमरे को खाली नहीं कर रही थी तो टीएमसी सांसदों ने इसे ज़बरन खाली कराने की कोशिश की और फिर दोनों दलों के बीच इसे लेकर विवाद हुआ.
संसद भवन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने इन सांसदों को प्रशस्ति पत्र और शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया.
अरुण जेटली को वर्ष 2010 के लिए, डा. कर्ण सिंह को 2011 के लिए और शरद यादव को 2012 के सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
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