क्या कहना है 1984 के हाइजैकर का...

इमेज स्रोत, SATPAL DANISH
- Author, अतुल संगर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
वर्ष 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार, फिर इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख विरोधी दंगों पर अपना विरोध व्यक्त करने के लिए तब 18 वर्षीय नौजवान अमरेंद्र सिंह और उनके साथियों ने इंडियन एयरलाइंस विमान का अपहरण किया था.
अमरेंद्र सिंह का कहना है कि वर्ष 1984 में वे चंडीगढ़ स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह खालसा कॉलेज में प्री-युनिवर्सिटी यानी 11वीं कक्षा के छात्र थे.
उस घटना के 25 साल बाद वे कहते हैं, "उस समय स्थिति काफ़ी तनावपूर्ण थी. सिख महसूस कर रहे थे कि समुदाय के साथ दुर्व्यवहार हो रहा है. उनका कहना है कि दिमाग में ये सवाल उठते थे कि आख़िर सिखों के साथ ऐसा क्यों हो रहा है?"
<link type="page"><caption> क्यों एक छात्र चला चरमपंथ की ओर...</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2009/06/090605_bluestar_25_kanvarpal_awa.shtml" platform="highweb"/></link>
अमरेंद्र सिंह बताते हैं कि उनकी उम्र कम थी और मन में उत्पीड़न का भाव था. ऑपरेशन ब्लूस्टार के बाद उन्होंने अपने साथियों से मिलकर विमान अपहरण की योजना बनाई.
'बदले की कार्रवाई'
अमरेंद्र अपरहण की घटना को याद करते हुए कहते हैं कि वे सात लोग थे जिन्होंने मिलकर इस अपहरण को अंजाम दिया था. उनका कहना है कि इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए कोई बड़ी तैयारी नहीं की गई थी और आम तौर तरीकों से ही हवाई अड्डे के अधिकारियों को चकमा दे दिया गया.
<link type="page"><caption> अमृतसर: ब्लूस्टार के विरोध में कार्यक्रम</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2009/06/090606_bluestar_anniv_amrs_as.shtml" platform="highweb"/></link>
फिर उन पर एंटी-हाईजैकिंग क़ानून का मुक़दमा चला. उनको और उनके साथियों को अजमेर, जोधपुर ओर चंडीगढ़ की जेलों में 12 साल की सजा काटनी पड़ी. फिर उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रिहाई मिली.
उनका कहना है, "जब सरकारें अल्पसंख्यकों की भावनाओं का ध्यान नहीं रखतीं तो किसी भी देश में अल्पसंख्यक बग़ावत कर सकते हैं. जब ऐसा होता है तो मानवता का काफ़ी नुक़सान होता है. यही भावना समस्या की जड़ है."
<link type="page"><caption> 'विरोध जताना था...हम आतंकवादी नहीं'</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2009/06/090605_bluestar_25_tejinder_awa.shtml" platform="highweb"/></link>
उनके अनुसार सैद्धांतिक रूप से भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था काफ़ी अच्छी है, लेकिन व्यावहारिक रूप से ऐसा नहीं है.
(यह खबर 05 जून, 2009 को बीबीसी हिंदी डॉट कॉम पर <link type="page"><caption> प्रकाशित</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/regionalnews/story/2009/06/printable/090603_bluestar_25_amrinder_awa.shtml" platform="highweb"/></link> हो चुकी है.)
<bold>(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां <link type="page"><caption> क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml" platform="highweb"/></link>. आप हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












