वोट डालो और पाओ सस्ता पिज्जा और सस्ती मिठाई

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- Author, आलोक प्रकाश पुतुल
- पदनाम, रायपुर से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में डॉक्टर आपको आपके इलाज के ख़र्च में 25 फ़ीसदी तक की छूट दे सकते हैं. आप चाहें तो एक ख़ास पिज्जा कंपनी से 25 फ़ीसदी की छूट ले सकते हैं.
यहां तक कि शहर के हलवाइयों से भी आप मिठाई पर दस फ़ीसदी की छूट पा सकते हैं. लेकिन इसकी एक शर्त है.
शर्त ये कि आपको इन सबसे छूट लेने के लिए मतदान करने के सबूत के तौर पर उंगली पर लगा स्याही का निशान दिखाना होगा.
राजनांदगांव में लोकसभा के लिए 17 अप्रैल को मतदान होना है. इस हाई प्रोफाइल सीट पर राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह भाजपा की ओर से चुनाव मैदान में हैं.
कांग्रेस ने यहां लोधी समाज के कमलेश्वर वर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है. लेकिन इन उम्मीदवारों से कहीं अधिक चर्चा मतदाता जागरुकता को लेकर हो रही है.
पिछले कुछ समय से पूरे ज़िले में मतदाता जागरुकता की होड़-सी लगी हुई है. मतदान करने के लिए तरह-तरह के अभियान चलाए जा रहे हैं, प्रस्ताव दिए जा रहे हैं, छूट की घोषणा हो रही है.
<link type="page"><caption> देखें: नाव, बुज़ुर्ग, नौजवान और मतदान</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2014/04/140410_voting_boat_gallery_sk.shtml" platform="highweb"/></link>
सस्ता इलाज

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने तय किया है कि 17 अप्रैल से 19 अप्रैल तक जो भी मरीज इलाज के लिए आएगा, अगर उसकी उंगली में मतदान करने के बाद लगाई गई स्याही मिलेगी तो उसे चिकित्सा शुल्क में 25 फीसदी की छूट दी जाएगी.
राजनांदगांव के डोंगरगढ़ के चिकित्सक डॉक्टर पन्नालाल बाफना कहते हैं, "एसोसिएशन के अलावा हम जैसे छोटे कस्बों में रहने वाले डॉक्टरों की भी कोशिश है कि अधिक से अधिक लोग मतदान करें. आखिर लोकतंत्र की बेहतरी का सवाल है."
राजनांदगांव शहर के मुख्य इलाके में ‘पंख रेस्टोरेंट’ चलाने वाले अतुल रायचा कहते हैं कि उनकी कोशिश है अधिक लोग मतदान के लिए प्रेरित हों. पंख रेस्टोरेंट में मतदान करने वाले लोगों को दस प्रतिशत की छूट दी जा रही है.
राजनांदगांव जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉक्टर प्रियंका शुक्ला इन ऑफरों को 'स्वीप' का प्रतिफल बताती हैं. 'स्वीप' यानी मतदाताओं को जागरुकता बनाने के लिए चुनाव आयोग का अभियान- सिस्टमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्ट्रल पार्टिसिपेशन.
<link type="page"><caption> पढ़ें: यह ऊँट किस करवट बैठेगा?</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/04/140409_election_analysis_salman_ravi_tk.shtml" platform="highweb"/></link>

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प्रियंका को इस साल चुनाव आयोग ने देश में सर्वोत्कृष्ट चुनाव अभियान के लिए पुरस्कार भी दिया है.
मतदान की 'प्रतिज्ञा'
मतदान के लिए जागरुकता फैलाने के लिए प्रियंका ने फेसबुक पर 'प्रतिज्ञा' नाम से पेज़ बनाया और फिर उससे लोगों को जोड़ने का सिलसिला शुरु किया.
स्वसहायता समूह, स्कूल, औद्योगिक घराने, व्यवसायिक घराने, खेल संघ, व्यापारी, नौकरीपेशा लोग और समाज के हर वर्ग को प्रतिज्ञा से जोड़ने की कोशिश की गई.
पिछले डेढ़ महीने में लोकसभा चुनाव के लिए प्रतिज्ञा ने अपना अभियान चलाकर कई लाख लोगों को जोड़ा है. इनमें डेढ़ लाख तो केवल स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाएं हैं, जिन्हें सीधे तौर पर मतदान के लिए चलाए गए अभियान में शामिल किया गया.
प्रियंका शुक्ला के पास इन अभियानों की एक लंबी फेहरिश्त है, लाखों लोगों की सहभागिता वाले डोंगरगढ़ मेले में मतदान की प्रतिज्ञा से लेकर महिलाओं का गुलाबी गैंग बनाकर गांवों में जागरुकता अभियान फैलाने तक.
<link type="page"><caption> पढ़ें: 'राजनीतिक' कपड़े पहने था, मतदान केंद्र से लौटाया</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/04/140404_political_dress_vote_denied_rd.shtml" platform="highweb"/></link>

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वो बताती हैं, "धार्मिक आयोजनों में मतदान के लिए लोग प्रतिज्ञा कर रहे हैं. स्कूलों में पैरेंट्स-टीचर्स मीटिंग में मतदान को लेकर विशेष आयोजन किए जा रहे हैं. ज़िले के हर कर्मचारी और अधिकारी को हम मतदान के लिए प्रतिज्ञा सूत्र बांध रहे हैं. यहां तक कि डाक्टर अपनी पर्ची पर मतदान की अपील लिख रहे हैं."
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफार्म की छत्तीसगढ़ इकाई के संयोजक गौतम बंदोपाध्याय इस तरह की कोशिश को लोकतंत्र को मज़बूत करने वाला क़दम बताते हैं.
गौतम कहते हैं, "मतदाताओं को मतदान करने के अलावा, सही उम्मीदवार के चुनाव के लिए भी प्रेरित करना ज़रुरी है और यह काम समाज के हरेक वर्ग को आगे आ कर करना होगा."
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