'मोदी' फ़ोन, 'केजरीवाल' का कप: सब बिक रहा है

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- Author, अनुराग शर्मा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
लोकसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक चर्चा का फ़ायदा उठाने की कोशिश बाज़ार में भी है. ऑनलाइन रिटेलर हों या पड़ोस के दुकानदार, सब नेताओं की लोकप्रियता का फ़ायदा उठाने में लगे हैं.
हालांकि सोशल मीडिया की तरह ही यहां पर भी नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल में कड़ी टक्कर दिखाई देती है.
ब्लूगेप डॉट कॉम नाम की एक कंपनी राजनीतिक हस्तियों से जुड़े सामान बेचती है. इनमें सजावट की चीज़ें, सिक्के, टीशर्ट, मग, घड़ी, पोस्टर शामिल हैं.
ब्लूगेप के संस्थापक अनुपम आचार्य कहते हैं, "अब तक हमने जहां सबसे ज़्यादा बिक्री देखी है वो नरेंद्र मोदी कलेक्शन में है. मुंबई, हैदराबाद में मोदी से जुड़ी चीज़ों की बिक्री ज़्यादा है. दिल्ली और बैंगलोर में आम आदमी पार्टी से जुड़ी चीज़ें ज़्यादा बिक रही हैं. अभी हमने देखा है कि मोदी से जुड़ी चीज़ों की बिक्री बढ़ रही है."
अनुपम आगे बताते हैं, "सबसे ज़्यादा लोग नरेंद्र मोदी के मग, दीवार घड़ी ख़रीदते हैं, आम आदमी पार्टी के केस में लोग पोस्टर और लैपटॉप स्किन ख़रीदते हैं."
कांग्रेस पिछड़ी

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ब्लूगेप हर रोज़ कम से कम 500 ऑर्डर को पूरा करती है. इनमें से करीब 30 फ़ीसदी राजनेताओं से जुड़ी चीज़ों के होते हैं.
लेकिन पार्टियों से जुड़ी चीज़ों की बिक्री में कांग्रेस कहां टिकती है?
अनुपम आचार्य बताते हैं, "राहुल गांधी का कलेक्शन हमने थोड़ा देरी से लॉन्च किया था. हमारा उनके साथ कोई आधिकारिक टाइअप नहीं था. उनकी चीज़ें ज़्यादा नहीं बिकी हैं. हमें हर रोज़ डेढ़ सौ से ज़्यादा ऑर्डर राजनीति से जुड़ी चीज़ों के मिलते हैं. इनमें से मोदी का हिस्सा 60 फ़ीसदी का है, आम आदमी पार्टी का 40 फ़ीसदी और राहुल गांधी का बहुत कम है."
इसके अलावा नरेंद्र मोदी के प्रशंसकों की वेबसाइट 'नमोस्टोर' भी उनसे जुड़े सिक्के, मग, टीशर्ट, स्टेशनरी बेच रही है. ये वेबसाइट हर महीने करीब 10 से 15 लाख रुपए की बिक्री कर रही है.
कंपनी से जुड़े एक स्वयंसेवक नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि ज़्यादातर बिक्री दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक में हो रही है. और ख़रीदार 20 से 35 साल उम्र वाले लोग हैं.
लेकिन चुनावों के मौसम का फ़ायदा उठाने की कोशिश सिर्फ़ ऑनलाइन रिटेलर ही नहीं कर रहे.
आईटी कंपनियों के लिए मशहूर बैंगलोर में 'नमोस्ते' नाम की एक दुकान आईटी कंपनियों के युवा कर्मचारियों की पसंद बन गई है.
इस दुकान को हाल ही में वसंत ने शुरू किया है. उनका दावा है कि वो नरेंद्र मोदी के प्रशंसक हैं और उनके संदेश से जुड़ी चीज़ें बेच रहे हैं.
वसंत कहते हैं, "पिछले साल गुजरात के चुनाव से मैं उनका प्रशंसक हूं. मैं चाहता हूं कि वो प्रधानमंत्री बनें. दक्षिण में उनका प्रचार करने के लिए मेरी तरफ़ से जो हो सकता है मैं करूंगा. शुरुआत में हमने टीशर्ट बेची जो लोगों को पसंद आई, अब बैज वगैरह भी बेच रहे हैं."
वसंत 'नमोस्ते' में एक रुपए के स्टीकर से 500 रुपए के मोदी कुर्ते बेच रहे हैं.
पार्टियों को फ़ायदा?

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नरेंद्र मोदी के प्रशंसकों ने उनके नाम से एक स्मार्टफ़ोन भी लॉन्च किया है. नमो सैफ़्रॉन नाम का ये फ़ोन कुछ शॉपिंग वेबसाइट पर उपलब्ध है.
कंपनी की वेबसाइट पर दावा किया गया है कि ये फ़ोन नरेंद्र मोदी के सम्मान में उनके प्रशंसकों ने बनाया है. इस फ़ोन का कैमरा 13 मेगापिक्सल का है, रैम एक जीबी और प्रोसेसर 1.5 गीगाहर्ट्ज़ है.
सवाल ये भी है कि क्या इस तरह का सामान बिकने से नेताओं को या पार्टियों को कोई फ़ायदा होता है? कम से कम आम आदमी पार्टी को लेकर ये बात कही जा सकती है.
ब्लूगेप ने अपना काम तब शुरू किया था जब आम आदमी पार्टी दिल्ली में जड़ें जमाने की कोशिश कर रही थी. अब भी ब्लूगेप पर टीशर्ट जैसी कुछ चीज़ें हैं जिनकी कीमत तो 350 रुपए ही है लेकिन उनके लिए 100,000 रुपए तक चुकाए जा सकते हैं. कंपनी अपना हिस्सा लेकर बाकी पैसा पार्टी को चंदे में दे देगी.
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