महिला आयोग का समन नहीं मिलाः भारती

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दिल्ली में पिछले सप्ताह युगांडा की कुछ महिलाओं के साथ कथित के मामले में दिल्ली महिला आयोग, डीसीडबल्यू, ने दिल्ली के क़ानून मंत्री सोमनाथ भारती को समन जारी किया है.
उधर पत्रकारों से बातचीत में सोमनाथ भारती ने कहा है कि उन्हें अब तक डीसीडबल्यू का समन नहीं मिला है और इसे मिलने के बाद ही वह इस मामले में कोई टिप्पणी कर पाएंगे.
आम आदमी पार्टी ने कहा है कि सोमनाथ भारती ने कुछ भी ग़लत नहीं किया है. आम आदमी पार्टी लगातार कहती आई है कि सोमनाथ भारती पुलिस वालों से आम लोगों की कथित शिकायत के आधार पर कार्रवाई करने को कह रहे थे.
डीसीडबल्यू की सदस्य सुधा टोकस ने बीबीसी बातचीत में बताया, "युगांडा की पांच महिलाओं ने आयोग को शुक्रवार को उत्पीड़न की लिखित शिक़ायत भेजी थी. उसमें उन्होंने कहा था कि इस मामले में वे सिर्फ़ एक ही व्यक्ति को पहचान सकती हैं जिन्हें उन्होंने टीवी पर देखा था. वे उस व्यक्ति का नाम 'सोम-सोम' बता रही थीं, वे ठीक से नाम भी नहीं ले पा रही थीं. उस वक्त टीवी चल रहा था और उन्होंने सोमनाथ भारती को पहचाना.''
उन्होंने आगे बताया, "उन्होंने मौखिक और लिखित में भी बताया कि सोमनाथ भारती उन लोगों में से एक थे जिन्होंने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और उन (महिलाओं) के साथ सार्वजनिक तौर पर बदसलूकी हुई. महिलाओं का कहना था कि उनके (सोमनाथ भारती) के साथ 8-10 लोग थे."
सुधा टोकस के मुताबिक समन सोमवार को भेजे गए थे और मंगलवार को सोमनाथ भारती को आयोग के सामने पेश होना था लेकिन क़ानून मंत्री वहां नहीं पुहंचे. इस मामले में एक सप्ताह का इंतज़ार किया जाएगा और अगर तब भी भारती आयोग के सामने नहीं पहुंचते तो उन्हें एसएचओ के ज़रिए फिर से समन भेजा जाएगा.
एफ़आईआर

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उधर दिल्ली पुलिस ने 20 और 21 जनवरी को रेल भवन पर हुए धरना प्रदर्शन के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की है.
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बीबीसी से इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि संविधान की धारा 144 के उल्लंघन के लिए प्राथमिकी दर्ज की गई है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली के पांच पुलिस वालों के निलंबन की मांग को लेकर सोमवार 20 जनवरी को धरने पर बैठे थे.
पिछले दिनों दिल्ली के पहाड़गंज इलाक़े में डेनमार्क की एक महिला पर्यटक के साथ बलात्कार हुआ था, अरविंद केजरीवाल इस इलाक़े के पुलिस अधिकारी को निलंबित करने की मांग कर रहे थे.
उनकी दूसरी मांग दिल्ली मालवीय नगर इलाक़े से जुड़ी हुई थी जहां पिछली दिनों खिड़की टेंशन में दिल्ली के क़ानून मंत्री सोमनाथ भारती की पुलिस अधिकारियों से झड़प हुई थी. इस विवाद के बाद पुलिस और दिल्ली सरकार के बीच तनातनी की स्थिति बन गई थी.
धरना
उस घटना के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल उन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग के साथ गृह मंत्रालय के बाहर धरना देने जा रहे थे मगर केजरीवाल का क़ाफ़िला पुलिस ने रेल भवन के पास रोक दिया.

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मुख्यमंत्री केजरीवाल वहीं धरने पर बैठ गए और उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह दिल्ली पुलिस को चुपचाप अत्याचार करते नहीं देख सकते.
सोमवार से शुरू हुआ उनका धरना मंगलवार दोपहर बाद काफ़ी तनावपूर्ण हो गया था. आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस के जवानों के बीच झड़प हुई और कई लोग घायल भी हुए. आप के कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़कर धरना स्थल पर पहुँचने की कोशिश कर रहे थे. दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की.
आप कार्यकर्ताओं का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें बेवजह पीटा, जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने तो बस उन्हें बैरिकेड तोड़ने से रोकने की कोशिश की.
मंगलवार देर शाम उप राज्यपाल की अपील के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपना धरना ख़त्म करने का फ़ैसला किया. केजरीवाल के पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग की जगह उप राज्यपाल नजीब जंग ने उन्हें छुट्टी पर भेजने का फ़ैसला किया.
केजरीवाल ने कहा कि हालाँकि उप राज्यपाल महोदय ने उनकी मांगे आंशिक रूप से मानी है, लेकिन उनकी अपील का सम्मान करते हुए वे अपना धरना ख़त्म कर रहे हैं.
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