आम आदमी पार्टी के सरकार बनाने के संकेत

दिल्ली में सरकार गठन को लेकर बीते दो हफ्ते से जारी गतिरोध सोमवार को ख़त्म हो सकता है. सरकार बनाने के मुद्दे पर रायशुमारी के बाद आम आदमी पार्टी विधायक दल के नेता उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलने वाले है. आम आदमी पार्टी कांग्रेस के बिना शर्त समर्थन से दिल्ली में अपनी सरकार बना सकती है.
STYआप जिम्मेदारी से न बचे, सरकार बनाए: कांग्रेसआप जिम्मेदारी से न बचे, सरकार बनाए: कांग्रेसदिल्ली में सरकार का बनना अब भी टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी का समर्थन लेने के लिए रखी गईं आम आदमी पार्टी की 18 शर्तें सियासी चर्चा की नई धुरी बन गई हैं.2013-12-14T15:05:29+05:302013-12-14T16:41:54+05:30PUBLISHEDhitopcat2
दिल्ली विधानसभा की 70 में से 28 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी को कांग्रेस अपनी आठ सीटों के साथ सरकार बनाने के लिए बिना शर्त समर्थन दे रही है. समर्थन लेने या न लेने और सरकार बनाने या न बनाने के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कई जनसभाएं की हैं.
STYजाति के किले उत्तर प्रदेश में 'झाड़ू' चलेगी कि टूटेगी?जाति के किले उत्तर प्रदेश में 'झाड़ू' चलेगी कि टूटेगी?माना जाता है कि दिल्ली की गद्दी का रास्ता लखनऊ होकर निकलता है. तो क्या आम आदमी पार्टी दिल्ली में मिली सफलता को उत्तर प्रदेश की जातिवाद, साम्प्रदायिक, आपराधिक और भ्रष्ट राजनीति में दोहरा पाएगी?2013-12-21T22:54:52+05:302013-12-22T08:49:36+05:30PUBLISHEDhitopcat2
पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल का कहना है कि इन जनसभाओं में उमड़े लोगों ने कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने के लिए अपनी रज़ामंदी जताई है.
केजरीवाल का कहना है कि वे सोमवार को पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के साथ बैठक के बाद वे दिल्ली के उपराज्यपाल से मुलाक़ात कर रहे हैं.
घोषणापत्र के वादे

पार्टी घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा करने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जबाव में केजरीवाल ने कहा कि ये घोषणापत्र, विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किया गया था और पार्टी अपना वादा पूरा करेगी.
STYखुद को जोखिम में फँसा लिया ‘आप’ नेखुद को जोखिम में फँसा लिया ‘आप’ नेदिल्ली में आम आदमी पार्टी जनता के बीच जाकर यह पूछ रही है कि सरकार बनानी चाहिए या नहीं. पार्टी को सरकार बनाने के समर्थन में अब तक लाखों एसएमएस मिल चुके हैं. इस प्रक्रिया से जुड़े जोखिमों के बारे में बता रहे हैं प्रमोद जोशी.2013-12-18T06:29:34+05:302013-12-19T11:27:09+05:30PUBLISHEDhitopcat2
दिल्ली में सरकार बनाने के मुद्दे पर पिछले दो हफ़्ते से गतिरोध जारी था. इस गतिरोध की शुरुआत आठ दिसम्बर को तब हुई थी जब दिल्ली विधानसभा के नतीजे आए जिन्हें राजनीतिक विश्लेषकों ने अप्रत्याशित बताया था.
दिल्ली विधानसभा की मौजूदा स्थिति ये है कि कुल सदस्य संख्या 70 है. इसमें सबसे ज्यादा 31 सीटें भारतीय जनता पार्टी को मिली हैं जो 15 साल से दिल्ली की सत्ता से दूर है. भाजपा सहयोगी अकाली दल को भी एक सीट मिली है.
दूसरे स्थान पर आम आदमी पार्टी है जिसे 28 सीटें मिली हैं. कांग्रेस आठ सीटों के साथ तीसरे स्थान पर सिमटकर रह गई है.
इसके अलावा, जनता दल यूनाइटेड को भी एक सीट मिली थी. वहीं एक सीट स्वतंत्र उम्मीदवार के खाते में गई थी.
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