मंत्रियों को पैसा विकास के लिए दिया: वीके सिंह

भारत प्रशासित कश्मीर में सेना की तरफ़ से मंत्रियों को पैसे दिए जाने के अपने बयान को पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने सही बताया है. वीके सिंह का कहना है कि यह पैसा बतौर रिश्वत नहीं दिया जाता था.
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जनरल वी के सिंह ने कहा, ''यह रिश्वत नहीं होती और न ही उस पैसे का इस्तेमाल निजी हित में या किसी राजनीतिक हित में हुआ है, बल्कि इस पैसे का इस्तेमाल लोगों के दिल जीतने के लिए किया गया.''
पूर्व सेना प्रमुख का कहना था कि ऑपरेशन सदभावना के लिए पैसा दिया गया और ये पैसा सरकारी अधिकारियों को कश्मीर में विकास के कामों को अंजाम देने के लिए दिया जाता था.
जनरल सिंह ने कहा, ''जो चीज देश के हित में नहीं है, मैं उसे नहीं बोलूंगा क्योंकि मेरे लिए देश सबसे पहले है.''
पूर्व सेना प्रमुख ने सेना की सीक्रेट यूनिट के कामकाज को आम जनता के बीच लाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उनका कहना है, ''सीक्रेट यूनिट मेरी निजी सेना नहीं थी.. आज सीमा पर जो भी घटनाएं हो रही हैं, वो नहीं होतीं, अगर इसे ख़त्म नहीं किया गया होता.''
भारतीय सेना के पूर्व प्रमुख जनरल वीके सिंह के बयान ने राजनीतिक हलक़ों में हलचल मचा दी है.
जनरल सिंह ने एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा था कि सेना भारत प्रशासित कश्मीर में मंत्रियों को कथित तौर पर पैसे देती है.
रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा था कि राज्य में स्थायित्व बनाए रखने के लिए सेना ऐसा करती है.
बयान पर हलचल
उनके इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा है कि जनरल सिंह को उन सभी मंत्रियों के नाम बताने चाहिए, जिनको सेना ने कथित तौर पर पैसे दिए हैं.
मंगलवार को दिल्ली में पत्रकारों से बात करते हुए गृहमंत्री शिंदे ने कहा, ''जनरल वीके सिंह को राजनीतिज्ञों के नाम बताने चाहिए. अगर इस बारे में हमें जानकारी दी जाती है तो हम जांच कर सकते हैं.''
इस ताज़ा विवाद पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और केंद्र में मंत्री फारुख़ अब्दुल्लाह ने कहा है कि वीके सिंह का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है और इसकी जांच होनी चाहिए.
उनका कहना था, ''सेना किसी भी पार्टी के लिए फ़ंडिंग नहीं कर सकती है और अगर ऐसा हुआ है तो वह ग़लत है. सीबीआई से इस मामले की तुंरत जांच कराई जानी चाहिए ताकि यह पता चल सके की किसने पैसे लिए हैं और उसका कैसा इस्तेमाल किया गया है.''
विवाद
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा है कि जनरल सिंह को यह बात तब ही कहनी चाहिए थी, जब वो सेना प्रमुख थे.
वहीं जम्मू-कश्मीर के मंत्री ताज मोहिउद्दीन का कहना है कि अगर वीके सिंह के पास मंत्रियों के नाम हैं, तो उन्हें सभी नाम सार्वजनिक करने चाहिए.
भाजपा के सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इस मसले पर जनरल सिंह का बचाव किया और कहा कि मंत्री की जानकारी और इजाज़त के बिना जनरल सिंह ऐसा नहीं कर सकते.
केंद्र सरकार पहले ही कह चुकी है कि इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में सेना की जिस रिपोर्ट के बारे में छपा है, सरकार उसका अध्ययन कर रही है.
<bold>(बीबीसी हिंदी का एंड्रॉयड मोबाइल ऐप डाउनलोड करने के लिए यहाँ <link type="page"><caption> क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> पन्ने पर भी आ सकते हैं और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)</bold>












