फिर 'विवादों' के घेरे में पूर्व सेनाध्यक्ष वीके सिंह

जनरल वीके सिंह
इमेज कैप्शन, जनरल वीके सिंह का कहना है कि टीएसडी को गुप्त रखा जाना था

भारत के रक्षा मंत्रालय ने स्वीकार किया है कि उसे सेना मुख्यालय से एक रिपोर्ट मिली है.

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में शुक्रवार को इस आशय की ख़बर छपने के बाद रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान जारी किया.

बयान में कहा गया है कि इस रिपोर्ट में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों को उठाया गया है, इसलिए सरकार रिपोर्ट को बेहद सावधानी से देखने के बाद ही आगे की कार्रवाई के बारे में कोई फ़ैसला करेगी.

बयान में यह भी कहा गया है कि सरकार ने इस तरह के अवांछित क्रियाकलाप को रोकने के लिए कदम उठाए हैं.

क्या है मामला

दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने ख़बर छापी है कि पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने सेना के गुप्त कोष का इस्तेमाल कर जम्मू-कश्मीर की अब्दुल्लाह सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की थी.

अख़बार के अनुसार यह निष्कर्ष मिलिट्री ऑपरेशन्स के डीजी लेफ़्टिनेंट जनरल विनोद की अध्यक्षता में गठित जांच दल के हैं.

इस जांच दल ने जनरल वीके सिंह की गठित की गई विवादित मिलिट्री इंटेलिजेंस यूनिट- टेक्निकल सर्विसिस डिवीजन के क्रियाकलापों की जांच की थी.

अख़बार के अनुसार इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि टीएसडी ने कथित तौर पर अवैध रूप से सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के फ़ोन टेप किए थे.

सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने शुक्रवार को कहा कि रिपोर्ट में दिए गए तथ्य "बेहद संवेदनशील" हैं. उन्होंने कहा, "जिस रिपोर्ट का अख़बार में ज़िक्र किया गया है सरकार उस पर विचार कर रही है. अगर इस मामले में किसी व्यक्ति के ख़िलाफ़ (चाहे वह कार्यरत हो या सेवानिवृत्त) कोई गड़बड़ी पाई गई तो उसके ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई की जाएगी."

जनरल वीके सिंह ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "पूर्व सैनिकों के लिए हित के लिए नरेंद्र मोदी के साथ मेरे एक मंच पर बैठने को कुछ लोग बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं और यह बवाल इसीलिए किया जा रहा है."

पूर्व सेनाध्यक्ष ने यह भी कहा कि जो भी इस यूनिट के क्रियाकलापों की जांच की बात कर रहा है उसे इस बारे में कुछ भी पता नहीं है. इस ऑपरेशन को गुप्त रहना था. बीजेपी का कहना है कि जनरल वीके सिंह पर इसलिए हमला किया जा रहा है क्योंकि वह रेवाड़ी में बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ एक मंच पर बैठे थे.

भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा, "इस रिपोर्ट की विषयवस्तु और समय को लेकर संदेह उत्पन्न होता है." पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ रेवाड़ी की एक जनसभा में एक ही मंच पर बैठे थे.

इससे पहले जनरल सिंह अन्ना हज़ारे के आंदोलन में भी शिरकत कर चुके हैं.

<bold>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक करें</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/multimedia/2013/03/130311_bbc_hindi_android_app_pn.shtml " platform="highweb"/></link>. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href="https://www.facebook.com/bbchindi " platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi " platform="highweb"/></link> पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)</bold>