मुज़फ़्फ़रनगर हिंसा पर घिरी अखिलेश यादव सरकार

अखिलेश यादव
इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव पर दबाब बढ़ा

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर में जारी तनाव को लेकर राज्य की समाजवादी पार्टी की चौतरफा आलोचना हो रही है. विपक्ष ने दंगों से निपटने में राज्य सरकार को पूरी तरह नाकाम बताया है.

उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फरनगर में दो समुदायों के बीच संघर्ष में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है.

उत्तर प्रदेश के गृह सचिव कमल सक्सेना ने बताया कि 11 लोग शनिवार को मारे गए जबकि 8 लोगों की मौत रविवार को हुई.

हिंसा के कारण हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. पूरे शहर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया गया है.

शनिवार-रविवार की दरमियानी रात ज़िले की सुरक्षा व्यवस्था की कमान सेना ने अपने हाथ में ले ली. सेना की टुकड़ियों ने रविवार सुबह शहर में फ़्लैग मार्च किया.

राज्य सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

अफवाहों से डर

एडीजी (कानून व्यवस्था) अरुण कुमार ने बताया, “कल रात से तीस गिरफ्तारियां हुई हैं. और स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है.”

एडीजी अरुण कुमार ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "मंसूरपुर, शाहपुर, बुढ़ाना और भौराकलां थाना क्षेत्रों के कुछ गाँवों में हिंसक वारदातों हुई है जिनमें कुछ लोगों की मौत हुई है. बाकि जिले में हालात सामान्य हैं."

उन्होंने बताया कि सहारनपुर और मेरठ ज़िले के लिए अभी सेना को नहीं बुलाया जा रहा है.

मुज़फ़्फ़रनगर से लौटे बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा के अनुसार तरह तरह की अफवाहों के कारण माहौल तनावपूर्ण हो रहा है. सुबह अखबार न मिलने की वजह से इंटरनेट से मिली अफवाहों को ही लोग सच मान रहे हैं.

अहतियातन प्रशासन ने रविवार सुबह अख़बार भी नहीं बंटने दिए. हालाँकि आठ बजे के बाद ग्रामीण इलाक़ों में भेजे जाने वाले अख़बारों को बाँटने की इजाज़त दे दी गई थी.

चौतरफा आलोचना

कांग्रेस ने मुज़फ़्फरनगर में जारी तनाव के लिए समाजवादी पार्टी की नाकामी को जिम्मेदार बताया है.

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, “समाजवादी पार्टी अपनी मौजूदा सरकार में सांप्रदायिक दंगों को नियंत्रित करने के मामले में बेहद लचर साबित हुई है. जब हम इसकी तुलना पूर्व की बीएसपी सरकार से करते हैं, तो कम से कम इस मोर्च पर बीएसपी का रिकॉर्ड कहीं बेहतर था.”

बहुजन समाज पार्टी ने राज्य सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है.

बीएसपी नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, “सपा सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उसे तत्काल सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए, अन्यथा बहुजन समाज पार्टी राज्यपाल से मांग करती हैं कि कानून व्यवस्था के मुद्दे पर पूरी तरह से नाकाम सरकार को तत्काल बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश करें.”

मुज़फ़्फ़रनगर में तनाव
इमेज कैप्शन, मुज़फ़्फ़रनगर में तनाव के बीच सेना को बुलाया गया है

राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने भी मुजफ़्फ़रनगर के हालात को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है.

'सख्ती से निपटेंगे'

वहीं समाजवादी पार्टी के नेता और राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री शिवपाल यादव ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की.

उन्होंने कहा, “कुछ शक्तियां हैं, सांप्रदायिक शक्तियां भी हैं. चुनाव का वर्ष है. लेकिन अब हमारी सरकार बहुत सख्ती के साथ निपटेगी. जनता से हमारी अपील है कि शांति बनाए रखें और कहीं पर भी दंगा न होने दें.”

मुज़फ़्फ़रनगर शहर के ज़्यादातर इलाक़ों में ख़ामोशी पसरी है. हिंसा की वजह से शहरी जनजीवन थम सा गया है और लोगों के बीच अफ़वाहें फैली हुई हैं.

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