सन्नाटे में क्यों हैं यूपी का एक ज़िला

बीती 27 अगस्त को एक हिंसक वारदात में तीन युवकों की मौत के बाद यूपी के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले में सांप्रदायिक तनाव व्याप्त हो गया है.

कवाल गाँव में सन्नाटा
इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के मुज़फ़्फ़रनगर ज़िले के कवाल गाँव में 27 अगस्त को तीन युवकों की हत्या हुई थी. हिंसक घटना को सांप्रदायिक रंग दे दिया गया और तभी से यहाँ सन्नाटा पसरा है. राजधानी दिल्ली से क़रीब सवा सौ किलोमीटर दूर स्थित इस गाँव में हुई हिंसा से पूरे जिले में तनाव व्याप्त है. (सभी तस्वीरें:दिलनवाज़ पाशा)
हत्याकांड में गिरफ़्तारी न होने पर गुरुवार को मुज़फ़्फ़रनगर में बंद रखा गया. शहर के क़रीब 40 प्रतिशत हिस्से में दुकानें बंद रहीं. यह बेहद व्यस्त रहने वाले शिव चौक का नज़ारा है.
इमेज कैप्शन, हत्याकांड में गिरफ़्तारी न होने पर गुरुवार को मुज़फ़्फ़रनगर में बंद रखा गया. शहर के क़रीब 40 प्रतिशत हिस्से में दुकानें बंद रहीं. यह बेहद व्यस्त रहने वाले शिव चौक का नज़ारा है.
जानसठ में सन्नाटा
इमेज कैप्शन, सिर्फ मुज़फ़्फ़रनगर में ही नहीं बल्कि आसपास के छोटे क़स्बों में भी बंद रहा. यह जानसठ की तस्वीर हैं जहाँ दुकाने बंद रहीं.
कवाल में बवाल
इमेज कैप्शन, 27 अगस्त की वारदात के बाद कवाल गाँव में ज़िंदगी अभी पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौटी है. लोग बाहर निकल तो रहे हैं लेकिन डरे हुए हैं.
कवाल में बवाल
इमेज कैप्शन, गाँव में लोग अख़बार पढ़कर वक़्त गुज़ार रहे हैं. ख़बरों पर चर्चाएं हो रही हैं. इस तस्वीर में दिख रहे ग्रामीण चाहते हैं कि अब शांति उनके गाँव लौट आए
कवाल में बवाल
इमेज कैप्शन, धार्मिक स्थलों में भी सन्नाटा पसरा है. कवाल गाँव में धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ भी की गई थी. हालांकि इस गाँव में छोटी-बड़ी तेरह मस्ज़िदे हैं और क़रीब इतनी ही मंदिरें हैं.
कवाल में बवाल
इमेज कैप्शन, मारे गए युवकों के परिजनों के रोकने के बावजूद भी ग़ुस्साई भीड़ ने कवाल गाँव के अल्पसंख्यक समुदाय के कुछ घरों में तोड़फोड़ की. जब हम यहाँ पहुँचे तो यह घर भी बंद पड़ा था.
कवाल में बवाल
इमेज कैप्शन, कवाल गाँव से ज्यादातर अल्पसंख्यक परिवार घर छोड़ कर चले गए हैं. घटना के क़रीब दो हफ़्ते बाद भी यहाँ घरों पर ताला लगा है. इस घर में भी तोड़फोड़ की गई थी. घर छोड़कर गया परिवार सामान भी नहीं समेट पाया.
कवाल गाँव में जली हुई एक कार
इमेज कैप्शन, युवकों की हत्या के बाद गुस्साई भीड़ ने वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया था. इस हिंसा के बाद कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कई गिरफ़्तारियाँ भी की हैं.
कवाल गाँव के इसी चौक पर 27 अगस्त को तीन युवकों की मौत हुई थी. अब यहाँ सन्नाटा पसरा है और एक-दो लोग ही नज़र आ रहे हैं.
इमेज कैप्शन, कवाल गाँव के इसी चौक पर 27 अगस्त को तीन युवकों की मौत हुई थी. अब यहाँ सन्नाटा पसरा है और एक-दो लोग ही नज़र आ रहे हैं.
मारे गए हिंदू युवकों के परिजन
इमेज कैप्शन, मारे गए युवकों के परिजनों का कहना है कि वे किसी भी जनसभा में शामिल नहीं हुए हैं और न ही उन्होंने किसी से कोई अपील की है. वे सिर्फ यही चाहते हैं कि उनके बेटों की मौत पर राजनीति और हिंसा न हो, बल्कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ़्तार किया जाए. वे शांति की अपील कर रहे हैं लेकिन शायद उनकी भावनाएं लोगों तक नहीं पहुँच पा रही हैं.