राहुल गाँधी के नेतृत्व में खुश रहूँगा: मनमोहन सिंह

इस बात के संकेत देते हुए कि 2014 के आम चुनावों के बाद कांग्रेस द्वारा सौंपे गए किसी भी कार्यभार में वे खुश रहेंगे, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक बार फिर राहुल गाँधी की प्रधानमंत्री पद की दावेदारी रखी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार रूस में जी-20 सम्मलेन से वापसी करते वक़्त अपने विशेष विमान में <link type="page"><caption> मनमोहन </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/08/130830_manmohan_singh_economy_rns.shtml" platform="highweb"/></link>सिंह ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए और कहा कि राहुल गाँधी के नेतृत्व में काम करने में उन्हें 'बहुत ख़ुशी' मिलेगी.
साथ ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस बात को भी दोहराया कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ही अगले लोक सभा चुनावों के बाद प्रधानमंत्री पद के 'उपयुक्त दावेदार' रहेंगे.
उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा से ये बात कही है कि 2014 के आम चुनावों के बाद राहुल गाँधी ही प्रधानमंत्री पद के उपयुक्त दावेदार हैं. मैं कांग्रेस पार्टी में उनके नेतृत्व में काम करके बेहद खुश रहूँगा".
80 वर्षीय मनमोहन सिंह पत्रकारों के उन सवालों का जवाब दे रहे थे कि क्या आगामी आम चुनावों के बाद तीसरे <link type="page"><caption> प्रधानमंत्री </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/08/130815_modi_manmohan_ra.shtml" platform="highweb"/></link>पद कार्यकाल की दावेदारी संभव है, जबकि कांग्रेस में तमाम लोग राहुल के नेतृत्व के पक्षधर हैं.
गठबंधन
विश्लेषकों के मुताबिक़ रूस में हुई जी-20 देशों की शिखर वार्ता में मनमोहन सिंह और भारतीय विदेश नीति का झुकाव अप्रत्यक्ष रूप से मेज़बान देश के प्रति रहा.
जानकारों के अनुसार एक लंबे समय बाद भारत ने खुल कर किसी अंतरराष्ट्रीय शिखर वार्ता में ऐसा रुख दर्शाया है.
लेकिन वापसी की यात्रा शुरू करने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने विशेष विमान में भारतीय <link type="page"><caption> राजनीति </caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/07/130722_manmohan_tweet_speech_an.shtml" platform="highweb"/></link>और अर्थव्यवस्था पर खुल कर अपने विचार रखे.
उन्होंने पिछले दिनों की कांग्रेस पार्टी सहयोगी तृणमूल कांग्रेस से भी भावी गठबंधन की बात नहीं नकारी और कहा, "राजनीति में न तो कोई स्थाई शत्रु होता है और न ही कोई स्थाई मित्र".
उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से राजनीति में एक सप्ताह का समय भी बहुत लंबा समय होता है इसीलिए मैं, खासतौर से गठबंधनों को, कभी भी अलग रख के नहीं सोचता".
इस बात को स्वीकारते हुए कि तृणमूल नेता और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक ज़माने में कांग्रेस पार्टी की एक सम्मानित सदस्य थीं, मनमोहन सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार में उनके होने पर कांग्रेस भी बहुत खुश थी.
मनमोहन सिंह ने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि कांग्रेस पार्टी देश की राजनीति में ज्यादा से ज़्यादा धर्मनिरपेक्ष लोगों के भाग लेने के मत में है.
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