'दुर्गाशक्ति मामले में प्रधानमंत्री को सोनिया का पत्र'

दुर्गाशक्ति नागपाल
इमेज कैप्शन, सपा के नेता पर यह आरोप है कि उन्होंने आईएएस अधिकारी दुर्गाशक्ति पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है.

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उत्तर प्रदेश की हाल में निलंबित आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के लिए सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ अपने पत्र में सोनिया गांधी ने लिखा, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि अधिकारी के साथ अन्याय न हो."

उन्होंने पत्र में लिखा, "इस घटना से कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने कर्तव्य का पालन करने वाले अधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपाय उपलब्ध हैं या नहीं इसे आंकने की जरूरत भी रेखांकित हुई है. कानून व्यवस्था लागू कराने वाली मशीनरी को यह अहसास होना चाहिए कि निडर और निष्पक्ष होकर अपनी ड्यूटी और जनसेवा करने के लिए माहौल अनुकूल है"

पीटीआई ने ये भी लिखा है कि लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार द्वारा बुलाई गई एक सर्वदलीय बैठक के दौरान पत्रकारों के सवाल पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दुर्गाशक्ति मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया.

इस बीच नूतन ठाकुर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और उत्तर प्रदेश एग्रो के अध्यक्ष नरेंद्र भाटी की कथित टिप्पणी पर महिला आयोग के सामने अपनी शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा है कि भाटी ने आईएएस अधिकारी के ख़िलाफ़ 'औरत' और 'बेहूदगी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल अपमानजनक तरीके से किया.

उन्होंने एक वीडियो फुटेज का हवाला देते हुए इन शब्दों को आपत्तिजनक बताकर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा से इस प्रकरण की जांच कराने का अनुरोध किया है.

सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने कहा, "मैंने यूट्यूब पर अपमानजनक टिप्पणी वाला वीडियो देखा जिसमें उन आपत्तिजनक शब्दों को दबा दिया गया है. इसके अलावा 'औरत' और 'बेहूदगी' जैसे शब्द भी आपत्तिजनक हैं. मैंने महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है कि वे इस गंभीर मामले की मांग करें."

28 वर्षीय दुर्गा शक्ति नागपाल गौतमबुद्ध नगर में एसडीएम (सदर) पद पर कार्यरत थीं. उन्हें 27 जुलाई को उत्तर प्रदेश सरकार ने सांप्रदायिक सद् भाव बिगाड़ने के आरोप में निलंबित कर दिया. हालांकि विपक्ष के मुताबिक उन्हें रेत खनन माफ़िया के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के कारण निलंबित किया गया.

अदालत नहीं देगी दख़ल

National Commission
इमेज कैप्शन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुर्गा शक्ति को निलंबन करने की कार्रवाई को उचित बताया है

दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दखल देने से इंकार कर दिया है. हाईकोर्ट में 30 जुलाई को नूतन ठाकुर ने याचिका दायर कर अधिकारियों के निलंबन मामले में दिशा-निर्देश जारी करने की माँग की थी.

हालाँकि अदालत ने याचिका में अवैध खनन और अवैध धार्मिक स्थलों के निर्माण के विषय में अधिक जानकारी माँगी है.

नूतन ठाकुर की याचिका में अवैध बालू खनन और अवैध निर्माण को बड़ी समस्या बताया गया है. याचिका में कहा गया है कि सरकार को इसके ख़िलाफ़ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करना चाहिए.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा था कि दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन वापस नहीं लिया जाएगा. अखिलेश यादव ने इस बात से भी इनकार किया कि खनन माफ़िया के ख़िलाफ़ कार्रवाई के कारण दुर्गाशक्ति नागपाल को निलंबित किया गया है.

दुर्गा शक्ति नागपाल 2009 बैच की आईएएस अधिकारी हैं. यूपीएससी परीक्षा में 20वां रैंक हासिल करने वाली नागपाल मूल रूप से छत्तीसगढ़ की हैं. उन्होंने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की है.

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