दाग़दार नेता हमें मंज़ूर नहीं: जद-यू

बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ मिलकर सरकार चला रही जनता दल (यूनाइटेड) <link type="page"><caption> गठबंधन को जारी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130418_bihar_nitish_bjp_vr.shtml" platform="highweb"/></link> रखने या तोड़ने के सवाल पर विचार कर रही है.
गुजरात के मुख्यमंत्री <link type="page"><caption> नरेंद्र मोदी</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130609_narendra_modi_va.shtml" platform="highweb"/></link> को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए <link type="page"><caption> भाजपा</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/06/130610_bjp_advani_modi_crisis_sk.shtml" platform="highweb"/></link> की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद यह प्रक्रिया और तेज़ हो गई है.
<link type="page"><caption> पढ़िए: नरेंद्र मोदी: दगों से लेकर दबंगई तक</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/12/121219_modi_profile_aa.shtml" platform="highweb"/></link>
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श किया है. वहीं राज्य के उपमुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने मंगलवार को कहा कि अगला लोकसभा चुनाव नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य में गठबंधन सरकार के सामने पेश आ रही दिक्कतों को जल्द ही दूर कर लिया जाएगा.
राज्य के कृषि मंत्री और जद-यू नेता नरेंद्र सिंह ने कड़े तेवर अपनाते हुए कहा कि बीजेपी ने कट्टरपंथी नेताओं के हाथ में नेतृत्व सौंप दिया है.
नरेंन्द्र सिंह ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बग़ैर कहा, ''दाग़दार नेता हमें मंज़ूर नहीं. गठबंधन में रहना अब मुश्किल है और इस बारे में दो-तीन दिनों में फ़ैसला ले लिया जाएगा.''
नीतीश कुमार के बहुत क़रीबी माने जाने वाले जद-यू के राज्यसभा सांसद शिवानंद तिवारी ने नरेंद्र मोदी पर चुटकी लेते हुए कहा, ''नरेंद्र मोदी एक तरफ़ तो वो कांग्रेस मुक्त देश की बात करते हैं और दूसरी तरफ़ सरदार पटेल की मूर्ति लगाने की बात करते हैं. सरदार पटेल भी तो कांग्रेस परंपरा के नेता है.''
जद-यू नेताओं के जवाब में भाजपा नेता सीपी ठाकुर ने कहा, ''गठबंधन जारी रहना चाहिए लेकिन अगर गठबंधन टूट ही जाता है तो हम अकेले लड़ेंगे. इन सबसे नरेंद्र मोदी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा.''
विचार-विमर्श
पटना में बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर के मुताबिक भाजपा ने जबसे नरेंद्र मोदी को लोकसभा चुनाव प्रचार समिति का बनाया है, जदयू-भाजपा की सरकार के भविष्य को लेकर चर्चा का दौर शुरू हो गया है.
लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफ़ा वापस लेने के बाद यह और साफ़ हो गया है कि भाजपा अपने फ़ैसले से पीछे नहीं हटेगी, इसके बाद से जदयू ने भाजपा के साथ अपने संबंधों पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया तेज़ कर दी है.
बिहार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा, ''जद-यू चाहे तो वह अपने सांसदों और विधायकों को एक साथ बैठाकर उनकी राय जान सकती है. मेरा दावा है कि उसके अधिकतर सासंद-विधायक भाजपा के साथ गठबंधन जारी रखने के पक्ष में राय देंगे.''
भाजपा अध्यक्ष के इस बयान को उकसाऊ बयान माना जा रहा है. इसके बाद जद-यू नेतृत्व ने जल्द ही कोई फ़ैसला कर लेने का मन बना लिया है.
नीतीश कुमार ने मंगलवार रात पार्टी प्रमुख शरद यादव, वरिष्ठ मंत्रियों विजेंदर यादव, विजय कुमार चौधरी, नरेंद्र सिंह, वृषन पटेल, श्याम रजक और राज्यसभा सदस्य आरसीपी सिंह से इस विषय पर चर्चा की.

सरकार से भाजपा के अलग होने की सूरत में दो निर्दलीय विधायकों ने नीतीश सरकार को समर्थन देने की पहले ही घोषणा कर रखी है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के ग़ैर कांग्रेसी और ग़ैर भाजपाई संघीय मोर्चे के गठन की दिशा में प्रयास की घोषणा के साथ ही नीतीश कुमार ने इस दिशा में सोचना शुरू कर दिया है.
कैसे बनेगी सरकार
नीतीश कुमार ने मंगलवार को कहा था कि नरेंद्र मोदी को भाजपा की चुनाव समिति का प्रमुख बनाए जाने के बाद पैदा हुई परिस्थितियों पर चर्चा की जाएगी और सही समय पर फ़ैसला लिया जाएगा.
पिछले कुछ महीनों में जिस तरह नीतीश कुमार कांग्रेस के प्रति नरम हुए हैं, उससे संभावना जताई जा रही है कि गठबंधन टूटने की दशा में कांग्रेस के चार विधायक भी उन्हें समर्थन दे सकते हैं.
बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में जनता दल (यूनाइटेड) के 118, भाजपा के 91, राजद के 22 और भाकपा और लोजपा के एक-एक विधायक हैं. सरकार बनाने के लिए 122 विधायकों का समर्थन जरूरी है.
मोदी को चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाए जाने के बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने पार्टी के महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा दे दिया था. जनता दल (यूनाइटेड) ने इसे राजग के भविष्य के लिए अच्छा नहीं बताया था.
नरेंद्र मोदी के नाम की घोषणा को उन्हें प्रधानमंत्री पद के दावेदार के रूप में पेश करने के रूप में देखा जा रहा है.नीतीश कुमार पहले से कहते आ रहे हैं कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का <link type="page"><caption> प्रधानमंत्री पद का दावेदार</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/04/130414_nitish_jdu_dp.shtml" platform="highweb"/></link> कोई धर्मनिरपेक्ष व्यक्ति होना चाहिए.
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