आप ऐसे दे सकते हैं तेज़ गर्मी को मात

पुरानी दिल्ली में ठंडाई वाला

पारा दिनों-दिन तेजी से ऊपर जा रहा है. इस गर्मी में आप चाहे जितना पानी पियें, मगर प्यास है कि खत्म होने का नाम नहीं लेती.

ऐसे में कौन से वो ड्रिंक्स हैं, जिनके ज़रिए दिल्ली के बाशिंदे खुद को गर्मी से बचा रहे हैं.

इस सवाल की तलाश हमें ले गई पुरानी दिल्ली, जहां संकरी गलियों से गुज़रते हुए हमने छह ऐसे कारगर नुस्खे ढूंढ़ निकाले, जिन्हें गर्मी भगाने के लिए पीढ़ियों से आजमाया जा रहा है.

गर्मी से निजात पाने के लिए दिल्ली के चांदनी चौक में फतेहपुरी मस्जिद के पास ऐसी कई चीजें आपको मिल जाएंगी.

जहां सबसे पहले हमारा पाला पड़ा ठंडाई से. केसर, इलायची, बादाम और खसखस से भरपूर इस गला तर करने वाली ठंडाई का एक घूंट 44 डिग्री में भी आपको 24 डिग्री का अहसास करा सकता है.

ठंडाई विक्रेता बाला पहलवान के मुताबिक वह 16 साल से इसे बेच रहे हैं. जैसे-जैसे गर्मी अपने चरम पर पहुंचती है, इसकी ज़रूरत बढ़ जाती है.

बेल का शर्बत

पुरानी दिल्ली में बेल शर्बत वाला
इमेज कैप्शन, रेहड़ियों पर बिकने वाला बेल शर्बत तरो-ताजगी देने वाला माना जाता है

चांदनी चौक के लाल कुआं इलाके में कुछ आगे बढ़ते ही हमारी मुलाकात हुई अशोक चौहान नाम के एक शख्स से, जो पिछले 15 साल से बेल का जूस बेच रहे हैं.

अशोक हर गर्मी में दिल्ली के यमुना विहार से दिल्ली-6 तक पैदल आते हैं.

रेहड़ी के साथ उनका यह सफ़र करीब 10 किलोमीटर का होता है.

अशोक के मुताबिक दोपहर में बेल का जूस कुछ कम बिकता है, क्योंकि सुबह बेल का जूस ज्यादा गाढ़ा होता है.

इसके बाद शाम को एक बार बिक्री तेजी से बढ़ जाती है.

डॉक्टरों की राय में बेल का जूस गर्मी के दिनों में पेट की बीमारियों को रोकने में काफी मददगार है.

इसका जिक्र पुराने आयुर्वेद और यूनानी के मेडिकल मैनुअल्स में भी किया गया है.

मलाई और आम की लस्सी

पुरानी दिल्ली में परंपरागत पेय

फ़तेहपुरी मस्जिद तक अगर आप आ ही गए हैं तो उसके ठीक सामने सौ साल पुरानी अमृतसरी लस्सी की दुकान पर रुककर एक गिलास लस्सी न पी, तो फिर बात ही क्या.

चौथी पीढ़ी के अंशुमान चावला बताते हैं कि उनके परदादा ने लाहौर में लस्सी बेचने का काम शुरू किया था.

बंटवारे के बाद उनके पिता ने फ़तेहपुरी मस्जिद के सामने यह दुकान खोली थी.

पहले सिर्फ मलाई लस्सी बिकती थी लेकिन अंशुमान के मुताबिक आज आम, केला, केसर बादाम और डायट लस्सी समेत वह कई लस्सियां बेच रहे हैं.

अंशुमान के मुताबिक गर्मियों में मैंगो शेक के मुकाबले आम की लस्सी शरीर के लिए ज्यादा कारगर है.

आम और क्रीम का कुल्फ़ा

पुरानी दिल्ली में परंपरागत पेय
इमेज कैप्शन, आम कुल्फा गर्मी दूर करने का अचूक उपाय माना जाता है

हमारा अगला ठिकाना था गली कासिम जान में मौजूद हमदर्द दवाखाना.

इसके ठीक सामने लोगों की भीड़ मौजूद थी. यहां आम कुल्फ़ा बिक रहा था.

दुकान मालिक फ़रीद अहमद के मुताबिक आम कुल्फ़ा आम और क्रीम को मिलाकर बनाया जाता है और फिर इसे कुछ देर के लिए बर्फ से भरे ड्रम में रख दिया जाता है.

इसकी ख़ासियत है कि इसे आप एक साथ खा और पी दोनों सकते हैं क्योंकि यह कुछ गाढ़ा होता है.

फरीद के मुताबिक मशीन में आम का गूदा निकालकर इसमें क्रीम मिलाई जाती है और ठंडा होने पर ये पीने के लिए तैयार हो जाती है.

आम का कुल्फ़ा कुल्फ़ी की तरह लज़ीज़ होता है.

फरीद अहमद कहते हैं कि कुछ लोग इसमें सैकरीन भी मिलाते हैं जिसकी वजह से गला खराब होने का डर रहता है.

लू से बचाए आम पना

पुरानी दिल्ली में परंपरागत पेय

खारी बावली इलाके में आपको करीब 70 साल पुरानी शर्बत-मुरब्बे की दुकान देखने को मिलेगी, जहां आपको तरह-तरह के शर्बत तो मिलेंगे ही, आम पना भी मिलेगा.

हरनारायण गोकलचंद नाम की यह दुकान आजकल अजय शंकर अरोड़ा चलाते हैं.

अजय शंकर बताते हैं कि उनके पूर्वजों ने 1860 में यह काम शुरू किया था.

आज यहां आपको केवड़े, संदल, बादाम जैसे शर्बत सिरप की शक्ल में मिलेंगे. जिन्हें आप ठंडे पानी में मिलाकर तुरंत पी सकते हैं.

अजय शंकर अरोड़ा के मुताबिक इन्हें बनाने में मेहनत ज्यादा लगती है, इसलिए शर्बत अब हर जगह दिखाई नहीं देते.

गर्मी भगाने वाले बीज

पुरानी दिल्ली में परंपरागत पेय
इमेज कैप्शन, खास तरह के बीज जो पानी में डालकर पीने से गर्मी से बचा जा सकता है

दिल्ली-6 में शरीफ़ मंज़िल वह जगह है जिसके आसपास का इलाक़ा हिकमत वाली जगह कहा जाता था. यानी जहां कभी हक़ीमों के शफ़ाख़ाने हुआ करते थे.

अब भी कुछ दवाख़ाने यहां मौजूद हैं, जहां आपको गर्मी से बचने के एकदम नायाब नुस्ख़े मिलेंगे.

ऐसा ही एक नुस्ख़ा हमें पता चला शम्सी दवाखाने के मालिक अनवर अनीस से. ये नुस्खा था - तुख़्मे रीहान और तुख़्मे बालिंगा.

तुख़्म का मतलब है बीज. खास तरह के ये बीज पानी में डालते ही बड़े होकर सफेद हो जाते हैं. अनवर अनीस के मुताबिक इस पानी को पीने से गर्मी नहीं लगती. और इन दिनों बड़ी तादाद में लोग उनसे ये बीज खरीद ले जाते हैं.

डायटीशियन शिखा शर्मा से बीबीसी ने पूछा कि क्या वाकई ये सॉफ्ट ड्रिंक्स शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों की कमी पूरी कर पाते हैं?

उनका जवाब था, "गर्मियों में पित्त बढ़ जाता है जिसकी वजह से गर्मी और लू लगती है. ऐसे में ठंडाई, आम पना जैसी चीजें बेहद काम की साबित होती हैं. और इन्हें बरसों से लोग आज़माते आ रहे हैं."

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