इंफ़ोसिस को 577 करोड़ का आयकर नोटिस

इंफोसिस ने पहले भी इस तरह के नोटिस के खिलाफ आयकर विभाग मे अपील कर रखी है
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भारत के आयकर विभाग ने देश की दूसरी सबसे बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी <link type="page"><caption> इंफोसिस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2011/04/110430_infosys_kamat_ia.shtml" platform="highweb"/></link> को वित्त वर्ष 2009-10 के लिए 577 करोड़ रुपए के कर भुगतान का नोटिस भेजा है.

आयकर के इस नोटिस के बाद इंफ़ोसिस ने कहा है कि वह इसके खिलाफ का कानून का सहारा लेने की कोशिश कर रही है.

ये कंपनी पहले से ही वित्त वर्ष 2005 से 2008 के लिए एक हज़ार 175 करोड़ रुपए के आयकर का मामला लड़ रही है.

क़ानूनी पहलू

अमरीकी शेयर बाज़ार में भी लिस्ट्ड <link type="page"><caption> इंफोसिस</caption><url href="http://www.bbc.co.uk/hindi/business/story/2006/08/060820_infosis_narayanmurthy.shtml" platform="highweb"/></link> ने अमरीकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) को सूचित किया है,''कंपनी को आयकर अधिकारियों की ओर से वित्त वर्ष 2009 के कर आंकलन से संबंधित एक पत्र मिला है, इसमें 106 मीलियन अमरीकी डॉलर के आयकर की मांग की गई है.''

कंपनी के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया,''हमें वित्त वर्ष 2009-10 के कर निर्धारण संबंधी आदेश मिला है, इसमें 577 करोड़ रुपए के कर की मांग की गई है.''

आयकर विभाग के 17 जनवरी को जारी आदेश का हवाला देते हुए इस पत्र में कहा गया है कि कंपनी को वित्त वर्ष 2007-08 और 2008-09 में विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) से साफ्टवेयर विकास से हुए मुनाफ़े पर कर में छूट का लाभ नहीं मिल सकता है.

कंपनी के प्रवक्ता ने कहा,''इंफ़ोसिस आयकर आयुक्त के पास इसके खिलाफ अपील करने जा रही है.''

अमरीकी रेग्यूलेटर एसईसी को दी जानकारी में कंपनी ने कहा है,''इस साल के शुरू से ही कंपनी इसी तरह का मामला लड़ रही है, इसलिए इसके खिलाफ उचित कानून के तहत समय रहते अपील प्राधिकरण में की जाएगी.''

कंपनी का पक्ष

इंफ़ोसिस से इसके पहले वित्त वर्ष 2005 से 2008 के लिए 214 मिलियन अमरीकी डॉलर के आयकर की मांग की गई थी. इसमें 62 मीलियन डॉलर का ब्याज भी शामिल है.

कंपनी ने इसके खिलाफ बंगलौर के आयकर आयुक्त के यहाँ अपील कर रखी है.

एसईसी को दी जानकारी में इंफोसिस ने कहा है कि इस मामले में उसका पक्ष काफी मजबूत है और वह ये मामला जीत सकती है.

इंफोसिस ने एसईसी से कहा है कि एक भारतीय कंपनी होने की वजह से उसे दुनिया भर से होने वाली आय पर उसे भारतीय आयकर कानून 1961 की धारा पांच के तहत भारत में करों का भुगतान करना होता है.

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