इतालवी राजदूत को लेकर सभी एयरपोर्ट सतर्क

भारत के गृह मंत्रालय ने इटली के राजदूत को लेकर देश के सभी हवाई अड्डों को अलर्ट कर दिया है. गृह मंत्रालय ने कहा है कि अगर इटली के राजदूत देश छोड़ने की कोशिश करें, तो उन्हें रोका जाए.
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बीबीसी को ये जानकारी दी. ये चेतावनी उच्चतम न्यायालय के उस आदेश के बाद जारी की गई है जिसमें इतालवी राजदूत डेनियल मंचिनी को देश न छोड़ने को कहा गया था.
कोर्ट ने ये आदेश पिछले साल केरल में दो मछुआरों की हत्या के अभियुक्त दो इतालवी नौसैनिकों को भारत भेजने से इटली के इनकार के बाद दिया था.
पिछले महीने इटली में होने वाले चुनाव के लिए इन नौ सैनिकों को घर जाने की इजाज़त दी गई थी. मंचिनी ने निजी तौर पर कोर्ट को विश्वास दिलाया था कि नौ सैनिक समय पर लौट आएंगे.
गृह मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि ये चेतावनी कोर्ट के आदेश के बाद एक नियमित प्रक्रिया है. दिल्ली में इतालवी दूतावास या राजदूत मंचिनी ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
समीक्षा
गुरुवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा था, “हमने इटली के साथ द्विपक्षीय संबंधों की पड़ताल शुरू कर दी है.इस आंतरिक प्रक्रिया के बाद हम सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए ही अगला कदम उठाएंगे.”
इटली के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में जाने के बयान पर भारत का कहना है कि इटली को भारतीय उच्चतम न्यायालय में दिए गए वायदे पर कायम रहना चाहिए.
इटली के राजदूत को सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर 18 तारीख तक जवाब देना है.
इटली का कहना है कि वो अपने नागरिकों पर इटली में ही मुक़दमा चलाना चाहता है क्योंकि दुर्घटना अतंरराष्ट्रीय जल सीमा में हुई थी. इटली का कहना है कि ये मामला भारत की अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.
लेकिन भारत का कहना है कि मारे गए मछुआरे भारतीय थे और वारदात के समय वो एक भारत की नाव पर सवार थे.












