मुलायम और अखिलेश नहीं बचे सीबीआई से

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और उनके पुत्र अखिलेश यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई की जांच जारी रहेगी.
फैसले के बाद यादव के एक वकील ने पत्रकारों को बताया कि मुलायम की बहू डिंपल यादव के खिलाफ जांच नहीं होगी क्योंकि जांच शुरू होने के समय उनके पास कोई आधिकारिक पद नहीं था.
हालांकि उन्होंने इसके बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या इस फैसले का अखिलेश के मुख्यमंत्री बने रहने पर कोई असर पड़ेगा.
सुप्रीम कोर्ट ने मार्च 2007 में सीबीआई को मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव समेत परिवार के चार लोगों की संपत्ति की जांच का आदेश दिया था.
इसके खिलाफ मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी.
जनहित याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने मुलायम सिंह की याचिका पर फरवरी, 2011 में ही फैसला सुरक्षित रखा था.
साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को जांच का फैसला एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था.
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया था कि एसपी के शासनकाल में मुलायम, अखिलेश, डिंपल और प्रतीक के नाम 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति बनाई.
मांग की गई थी कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला चलना चाहिए.
आदेश
अदालत ने आदेश दिया था कि सीबीआई मामले की प्रारंभिक जांच करे और पता लगाए कि जनहित याचिका में कितनी सच्चाई है.
साथ ही सीबीआई को निर्देशित किया गया था कि वो अपनी जांच रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपे.
सुप्रीम कोर्ट के इसी फैसले के खिलाफ मुलायम सिंह ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी.












