गुजरात में सिर्फ एक आदमी की सरकार: राहुल गांधी

गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 13 दिसंबर को होने वाले पहले दौर के मतदान से पहले चुनाव प्रचार का आज आख़िरी दिन है.
चुनाव प्रचार शाम पांच बजे खत्म हो जाएगा.
चुनाव प्रचार के आख़िरी दिन कांग्रेसी महासचिव राहुल गांधी आज पहली बार चुनाव प्रचार के लिए गुजरात पहुंचे.
राहुल इस दौरान तीन रैलियों को संबोधित करेंगे. ये रैली जामनगर, साणंद और अमरेली में होगी.
इस चुनावी महासंग्राम के दौरान राहुल गांधी की अनुपस्थिती ने कई सवाल भी उठाए थे. खुद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने राहुल गांधी के वहां नहीं पहुंचने पर सवाल खड़े किए थे.
ऐहतियातन कदम
ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि उत्तरप्रदेश चुनावों में राहुल के चुनाव प्रचार फेल होने के बाद पार्टी संभल कर आगे कदम बढ़ा रही है ताकि कांग्रेस के राजकुमार की फजीहत ना हो.
राहुल गांधी से पहले खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह वहां कई चुनावी रैलियों में प्रचार कर चुके हैं.
प्रधानमंत्री आगे भी वहां दूसरे दौर के मतदान से पहले चुनाव प्रचार में हिस्सा लेंगे.
इससे पहले कांग्रेस की सभी बड़े केंद्रीय मंत्रियों ने चुनाव प्रचार किया है लेकिन सभी नो मोदी का नाम लिए बगैर गुजरात में विकास को मुद्दा बनाया था.
ऐसा समझा जा रहा है कि कांग्रेस जानबूझ कर इन चुनावों में सीधे-सीधे ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहती जिससे ये लड़ाई राहुल बनाम मोदी दिखे.
अगर ऐसा होता है तो ज़ाहिर तौर पर इसका नुकसान राहुल गांधी को उठाना पड़ सकता है.
और कांग्रेस पार्टी यूपी चुनाव में राहुल की हुई किरकिरी के बाद ये जोखिम उठाने को तैयार नहीं है.
पार्टी को ये भी लगता है कि अगर बीजेपी इन चुनावों में दोबारा जीतती है तो हार का ठीकरा किसी भी तरह राहुल के सिर पर ना फोड़ा जाए.
क्योंकि ऐसा होना 2014 आम चुनावों के लिए ठीक नहीं है.
ऐसे में राहुल की रैलियों को लेकर काफी उत्सुकता थी कि आख़िर वे किन मुद्दों को उठाएंगे. या चुनाव प्रचार में इतनी देरी से शामिल होने पर उनके पास क्या जवाब है?
<bold>मोदी पर सीधा प्रहार</bold>
जामनगर में अपनी रैली के दौरान राहुल गांधी ने मोदी पर सीधा हमला किया.
राहुल ने गुजरात में सूचना का अधिकार कानून लाने का श्रेय कांग्रेस पार्टी को देते हुए कहा कि, अगर कांग्रेस पार्टी सूचना का अधिकार कानून नहीं लाती तो यहां हो रहे भ्रष्टाचार के मामलों के बारे में पता नहीं चलता.
राहुल ने आरोप लगाया कि गुजरात विधानसभा साल के 25 दिन ही काम करता है.
उन्होंने मोदी का नाम लिए बगैर कहा कि गुजरात में आम आदमी के सपने नहीं बल्कि सिर्फ एक आदमी के सपने पूरे हो रहे हैं.
राहुल के मुताबिक गुजरात में सिर्फ एक आदमी की सुनी और कही जाती है.
कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने जामनगर की चुनावी रैली में अपने भाषण के दौरान गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम लेकर निशाना साधा.
राहुल ने कहा कि सच्चा राजनेता जनता की आवाज़ सुनता है और उसे ही आगे बढ़ाता है लेकिन गुजरात सरकार और इसके मुखिया को सिर्फ अपनी आवाज़ सुनाई देती है.

उन्होंने आरोप लगाया कि गुजरात में तीन दिन में सिर्फ 25 मिनट के लिए पानी मिलता है फिर भी गुजरात चमक रहा है.
राहुल ने ये भी कहा कि राष्ट्रपति महात्मा गांधी मेरे राजनैतिक गुरु हैं.
उन्होंने कहा कि अगर एक राजनेता को लंबी सोच रखनी है तो उन्हें अपने लिए नियम बनाने होंगे.
उन्हें देश के हर व्यक्ति की आवाज सुननी चाहिए चाहे वो अमीर हो, ग़रीब हो या किसी भी जाति का. अगर गांधी जी हर किसी की आवाज़ को नहीं सुनते तो देश में लोकतंत्र नहीं आता.
मैं इसके लिए गुजरात का आभारी हूं क्योंकि गांधी जी गुजरात से थे.












