गुवाहाटी छेड़छाड़ : तीन और गिरफ्तारियां

लड़की के छेड़छाड़

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इमेज कैप्शन, राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस घटना की जांच के लिए अपनी एक टीम भेजी.

गुवाहाटी छेड़छाड़ मामले में तीन और लोगों की गिरफ्तारी हुई है. इस मामले में एक पुलिस अधिकारी को भी ड्यूटी का निर्वाह न करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है.

गुवाहाटी पुलिस ने मुख्य अभियुक्त की जानकारी देने के लिए एक लाख की नाम राशी की भी घोषणा कर दी है.

गिरफ्तारियों की जानकारी देते हुए गुवाहाटी सिटी की प्रमुख पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस मामले में अब कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं लेकिन प्रमुख अभियुक्त अमरज्योति कलिता अब भी पकड़ में नही आया है.

खबरे ये भी है कि जिस पत्रकार पर भीड़ को उकसाने का आरोप लगा था उसने आरोपों को गलत बताते हुए अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है.

असम और आस पास के राज्यों में बाकी के अभियुक्तों को पकड़ने के लिए पुलिस की तलाश जारी है.

अल्टीमेटम

ये गिरफ्तारियां शनिवार को मुख्य मंत्री तरूण गोगोई के उस अल्टीमेटम के बाद हुई हैं जिसमें उन्होंने सारे अभियुक्तों को पकड़ने के लिए पुलिस को 48 घंटों का समय दिया था.

जुलाई दस को बीच शहर में हुई घटना में पुलिस की ढिलाई की काफी निंदा हो रही है. आरोप है कि पुलिस घटनास्थल पर काफी देर से आई.

इस घटना के वीडियो के आधार पर पुलिस ने 12 लोगों की पहचान की थई. इसी पहचान के आधार पर पुलिस ने सात लोगों को गिरफ़्तार किया है जबकि पांच लोग अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.

इसके अलावा उन्होंने एक सदस्यीय जाँच आयोग गठित किया है जिसकी जिम्मेदारी अतिरिक्त मुख्य सचिव एमिली चौधरी को सौंपी गई है. ये आयोग 15 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगा.

उल्लेखनीय है कि सोमवार की रात गुवाहाटी-शिलोंग रोड़ पर एक बार के सामने एक लड़की के साथ कुछ लोगों ने बदसलूकी की थी और उसके कपड़े फाड़ दिए थे.

इस घटना को एक स्थानीय टीवी चैनल ने कैमरे में उतार लिया था.

लेकिन इस पर हंगामा तब शुरु हुआ जब इस वीडियो को यूट्यूब पर डाल दिया गया.

इसके बाद से इस घटना की चौतरफ़ा निंदा हुई है और राज्य पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगे हैं.

सिगरेट के दाग

राष्ट्रीय महिला आयोग का एक सदस्य मंडल उस लड़की से मिलने शनिवार को गुवाहाटी पहुंचा. उनके अनुसार उस लड़की के शरीर पर सिगरेट से जलाने के दाग भी है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार असम के समाज कल्याण मंत्री एकन बोरा ने कहा, "वह लड़की इस घटना और मीडिया की ओर की जा रही चर्चा से बहुत सहमी हुई है और समाज कल्याण मंत्री होने के नाते ये मेरी ज़िम्मेदारी है कि मैं उसकी सहायता करूँ. मैंने उसे आश्वासन दिया है कि सरकार उसकी सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम करेगी."

इस घटना ने पूरे देश को सकते में ला दिया और एक बार फिर लड़कियों की सुरक्षा पर बहस गर्म हो गई है.