एनडी तिवारी के ख़ून की जाँच होगी

नारायण दत्त तिवारी
इमेज कैप्शन, नारायण दत्त तिवारी रोहित शेखर के दावे को झूठा बताते हैं

दिल्ली हाईकोर्ट ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता नारायण दत्त तिवारी से पहली जून को अदालत में उपस्थित होकर अपने ख़ून का नमूना देने को कहा है.

अदालत इस नमूने से उनका डीएनए टेस्ट करवाएगी जिससे कि एक 31 वर्षीय युवक के दावे की जाँच की जा सके कि नारायण दत्त तिवारी उनके पिता हैं.

इसी दिन युवक रोहित शेखर और उनकी माँ उज्जवला शर्मा के ख़ून के भी नमूने लिए जाएँगे.

दिल्ली हाईकोर्ट के संयुक्त रजिस्ट्रार दीपक गर्ग ने कहा है कि तीनों व्यक्ति कोर्ट की डिस्पेंसरी में आकर अपने ख़ून का नमूना दें.

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने डिस्पेंसरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नोटिस जारी किया था उसके जवाब में चिकित्सा अधिकारी ने अदालत को मंगलवार को सूचना दी है कि तीनों व्यक्तियों के ख़ून के नमूने पहली जून को लिए जा सकते हैं.

अदालत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 85 वर्षीय नारायण दत्त तिवारी, रोहित शेखर और उनकी माँ तीनों को सूचित कर दिया गया है कि हैदराबाद में सेंटर फ़ॉर डीएनए, फ़िगंरप्रिंट्स एंड डायगनोस्टिक्स (सीडीएफ़डी) में डीएनए टेस्ट का ख़र्च तीनों को मिलकर उठाना होगा.

बेटा होने का दावा

रोहित शेखर ने अपनी याचिका में कहा है कि नारायण दत्त तिवारी के उनकी माँ के साथ गहरे ताल्लुक़ात रहे थे और उन्होंने उनकी माँ से वादा किया था कि वो उनसे शादी करेंगे लेकिन वो अपने वादे से मुकर गए.

रोहित शेखर का दावा है कि वो अपनी माँ उज्ज्वला शर्मा और नारायण दत्त तिवारी के क़रीबी रिश्ते के परिणाम हैं.

नारायण दत्त तिवारी ने हमेशा ही इसका खंडन किया है.

इसके अलावा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तिवारी ने अदालत में एक अपील दायर करके कहा था कि इस मामले को ख़ारिज कर देना चाहिए.

अपनी अपील में उन्होंने कहा था कि याचिकाकर्ता के पैदा होने के 31 साल बाद ये याचिका दाखिल की गई है इसलिए इसे ख़ारिज कर दिया जाना चाहिए.

वर्ष 2009 के नवंबर में रोहित शेखर की याचिका इसलिए ख़ारिज हो गई थी क्योंकि अदालत का कहना था कि नारायण दत्त तिवारी आंध्र प्रदेश के राज्यपाल हैं और हैदराबाद में रहते हैं इसलिए इस याचिका की सुनवाई दिल्ली में नहीं हो सकती.

लेकिन दिसंबर में नारायण दत्त तिवारी को एक वीडियो टेप के विवाद की वजह से आंध्र प्रदेश का राज्यपाल पद छोड़ना पड़ा था.

इस टेप में एक वृद्ध व्यक्ति को तीन महिलाओं के साथ आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया गया था. टेलीविज़न चैनल ने दावा किया था कि वो व्यक्ति तिवारी हैं.

नारायण दत्त तिवारी ने इस पूरे मामले को आधारहीन और अपने खिलाफ़ साजिश बताया था लेकिन उन्होंने राज्यपाल के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

राज्यपाल पद से इस्तीफ़ा देने के बाद रोहित शेखर की याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया था.