पाक दोहरी नीति नहीं अपना सकता: कैमरन

डेविड कैमरन
इमेज कैप्शन, प्रधानमंत्री बनने के बाद कैमरन पहली बार भारत की यात्रा पर हैं
    • Author, दिव्या आर्य
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता, बंगलौर से

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने बंगलौर में कहा है कि 'ये बर्दाश्त नहीं किया जा सकता कि पाकिस्तान भारत, अफ़गानिस्तान या दुनिया के किसी अन्य हिस्से में आतंकवाद को बढ़ावा दे.'

प्रधानमंत्री बनने के बाद कैमरन पहली बार भारत की यात्रा पर हैं. उन्होंने ये विचार बैंगलोर में इंफ़ोसिस कंपनी में व्यापार जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करने के बाद मीडिया से सवाल-जवाब के दौरान व्यक्त किए हैं.

लेकिन इसके बाद ब्रितानी अधिकारियों ने कहा है कि 'प्रधानमंत्री कैमरन पाकिस्तान का मक़सद पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ाना देने वाले देश के रूप में उस पर किसी तरह का आरोप लगाना नहीं था.'

लंदन से बीबीसी संवाददाता माइक वूलरिज ने ब्रितानी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि 'प्रधानमत्री कैमरन का संदेश था कि पाकिस्तान को आतंकवादी संगठनों के कामकाज के बंद करने के लिए और प्रयास करने की ज़रूरत है.'

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया

पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कैमरन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, "हमारा मानना है कि इस तरह की रिपोर्टों को अनावश्यक तवज्जो नहीं दी जानी चाहिए और न ही इससे अन्य मुद्दों से ध्यान भटकाने की ज़रूरत है. क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ये भलीभांति जानता है कि पाकिस्तान चरमपंथ से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है."

अब्दुल बासित ने आगे कहा, "हम इस बात के लिए भी प्रतिबद्ध हैं कि पाकिस्तान की ज़मीन का इस्तेमाल किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि को संचालित करने के लिए नहीं होने देंगे. इसलिए पाकिस्तान को बेवजह चिंता की ज़रूरत नहीं है."

'दोहरी नीति नहीं'

ब्रितानी प्रधानमंत्री कैमरन ने कहा, "हम ये चाहते हैं कि पाकिस्तान में मज़बूत लोकतंत्र हो लेकिन हम ऐसे किसी विचार का अनुमोदन नहीं कर सकते कि पाकिस्तान दोहरी नीति अपनाए...इसे भारत, अफ़ग़ानिस्तान या दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकवाद को निर्यात करने की अनुमति दी जाए. जो लोकतांत्रिक सरकारें विकसित दुनिया का हिस्सा बनना चाहतीं हैं उनका आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले गुटों से कोई संबंध नहीं होना चाहिए."

उन्होंने बताया कि पिछले हफ़्ते हुए उनके अमरीका दौरे में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई और उनका रुख़ भी वही था.

इंफ़ोसिस में अपने भाषण में उन्होंने ये साफ़ किया कि भारत के पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान से संबंधों का ब्रिटेन से कोई लेना-देना नहीं है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि दोनों पड़ोसी देशों में स्थिरता और आतंकवाद से निजात पाने की भारत की ख़्वाहिश से वो इत्तफ़ाक रखते हैं.

उन्होंने कहा कि इस दौरे में वो साइबर सिक्यूरिटी और आतंकवाद को मिल रही आर्थिक मदद जैसे नए मुद्दों पर साथ लड़ने की नीतियां बनाने का बात करेंगे.

विमान बनाने का क़रार

इंफ़ोसिस में अपने संबोधन में कैमरन ने भारत के साथ अपने रिश्ते को एक नए मुकाम पर ले जाने की मंशा ज़ाहिर की.

कैमरन ने कहा, "भारत और ब्रिटेन के रिश्तों को सिर्फ़ व्यापार से जोड़कर ही नहीं देखना चाहिए, बल्कि संस्कृति, शिक्षा, क्रिकेट और भाषा की नींव पर ये और मज़बूत हो सकते हैं. आप किसी भी देश से हों, आखिर ‘लिटल मास्टर’ सचिन तेंदुलकर के शतक पर ज़रूर ताली बजाएंगे."

इनफोसिस का दौरा करने के बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स के कार्यालय गए. वहां उनकी मौजूदगी में ब्रिटिश कंपनी बीएई (ब्रिटिश एरोस्पेस) ने हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स के साथ 500 मिलियन पाउंड का करार किया.

इसके तहत बीएई 57 हॉक जेट विमान बनाने में भारत की मदद करेगी.

डेविड कैमरन अपने छह मंत्रियों और कई ब्रितानी कंपनियों के कार्यकारी अधिकारियों समेत एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं. इस यात्रा के दौरान ब्रिटेन औऱ भारत के बीच कई व्यापारिक समझौतों की घोषणा होने के आसार हैं.

प्रधानमंत्री कैमरन बुधवार शाम राजधानी दिल्ली के लिए रवाना होंगे और गुरुवार को उनकी भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ औपचारिक मुलाकात होगी.