कोड़ा ने कहा, षडयंत्र का शिकार हुआ

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने कहा है कि उनके ख़िलाफ़ षडयंत्र रचा गया है जिससे कि वे चुनाव में हिस्सा न ले सकें और जनता उनके ख़िलाफ़ हो जाएँ.
उनका कहना है कि उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई इसलिए भी हो रही है क्योंकि वे आदिवासी हैं और एक ग़रीब परिवार से ताल्लुक रखते हैं.
प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग ने मधु कोड़ा और उनके सहयोगियों के 70 ठिकानों पर छापामारी कर चार हज़ार करोड़ रूपए से भी ज़्यादा के निवेश संबंधी दस्तावेज़ बरामद किए हैं. छापामारी के बाद दी गई जानकारी के मुताबिक इसमें से एक हज़ार करोड़ रूपए हवाला के माध्यम से विदेशों में निवेश किए गए हैं.
प्रवर्तन निदेशालय के सूत्रों के अनुसार यह निवेश अफ्रीका, लाइबेरिया, थाईलैंड और मलेशिया में किए गए हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने इस संबंध में इंटरपोल की मदद भी मांगी है.
राँची से 250 किलोमीटर दूर चाइबासा में पूर्व मुख्यमंत्री कोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "एक कुचक्र चलाया जा रहा है और मैं समझता हूँ कि इसके पीछे कौन लोग हैं. मैं उन लोगों को बेनकाब करुंगा."
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी जान को ख़तरा है.
उन्होंने कहा कि उन्हें झूठे मामले में फँसाया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "मैं जनता के लिए काम करना जारी रखूँगा और उनके लिए मैं अपनी जान तक दे सकता हूँ. मैं इन सब चीज़ों से नहीं डरता."
इससे पहले ख़बरें मिली थीं कि मधु कोड़ा के आवासीय कार्यालय से जब्त फाइलों की जाँच चल रही है और आयकर के अधिकारी उनसे लगातार पूछताछ कर रहे हैं.
लेकिन शुक्रवार को मधु कोड़ा राँची छोड़कर निकले तो पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या उन्होंने आयकर और प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को यह जानकारी दे दी है कि वे राँची से बाहर जा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि वे चुनाव प्रचार के लिए जगन्नाथपुर विधानसभा की ओर जा रहे हैं और अधिकारी इससे वाकिफ़ हैं.
पीटीआई का कहना है कि आयकर अधिकारी इस बारे में चुप्पी साधे हुए हैं कि उन्होंने मधु कोड़ा को रांची छोड़ने की अनुमति कैसे दे दी.
उल्लेखनीय है कि मधु कोड़ा के पिता रसिका कोड़ा ने केंद्रीय वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी को चिट्ठी लिखकर आरोप लगाया था कि उनके पुत्र को आयकर विभाग ने घर में नज़रबंद कर रखा है.
रसिका कोड़ा का आरोप था कि विभाग के अधिकारी किसी को भी मधु कोड़ा से मिलने नहीं दे रहे हैं.












