सिद्धारमैया या डीके शिवकुमार- कर्नाटक में आख़िर सीएम क्यों नहीं चुन पा रही कांग्रेस?- प्रेस रिव्यू

मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया

इमेज स्रोत, JAGADEESH NV/EPA-EFE/REX/Shutterstock

इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया

13 मई को कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजे आए. 224 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस के खाते में कुल 135 सीटें आईं जबकि बीजेपी को 66 सीटें मिलीं. जेडीएस और अन्य को 23 सीटें मिलीं.

उम्मीद थी कि पूर्ण बहुमत हासिल करने वाली कांग्रेस मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के नाम का एलान जल्द करेगी, लेकिन अब तक कांग्रेस इस पद के लिए किसी को चुन नहीं सकी है. हालांकि शपथ ग्रहण की तारीख़ 18 मई तय कर दी गई है.

दिल्ली से छपने वाले लगभग सभी अख़बारों ने कांग्रेस की इसी कश्मकश को अपने पहले पन्ने पर जगह दी है. प्रेस रिव्यू में जानते हैं सीएम पद के नाम के एलान में क्यों हो रही है देरी.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी ख़बर के मुताबिक़, इस मामले को लेकर पार्टी में बैठकों का दौर जारी है और इस पर बुधवार को कोई फ़ैसला आ सकता है.

मंगलवार को कर्नाटक के कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाक़ात की और सीएम पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की.

इसके बाद पार्टी को ये फ़ैसला बुधवार तक टालना पड़ा है. पूर्व मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री की रेस में आगे चल रहे सिद्धारमैया भी दिल्ली में ही हैं.

मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाक़ात करने पहुंचे सिद्धारमैया

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाक़ात करने पहुंचे सिद्धारमैया

मुलाकातों का दौर जारी

दोनों नेताओं ने अलग-अलग पार्टी अध्यक्ष खड़गे से मुलाक़ात की है. साथ ही दोनों अन्य नेताओं से भी मुलाक़ातें कर रहे हैं.

अख़बार लिखता है कि पार्टी ने शिवकुमार को सीएम के तौर पर तीन साल के कार्यकाल की पेशकश की है, बशर्ते वो पहले दो साल के लिए सिद्धरमैया को सीएम बनने दें, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया है.

उनका कहना है कि सिद्धारमैया पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए इस बार ये ज़िम्मेदारी नए चेहरे को दी जानी चाहिए, क्योंकि पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की है इसलिए उन्हें सीएम बनाया जाना चाहिए.

डीके शिवकुमार को मार्च 2020 में प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था.

डीके शिवकुमार और मल्लिकार्जुन खड़गे

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, डीके शिवकुमार और मल्लिकार्जुन खड़गे

वहीं सिद्धरमैया का कहना है कि अधिकतर विधायक उनके साथ हैं, इसलिए सीएम पद उन्हें दिया जाना चाहिए.

अख़बार लिखता है कि शिवकुमार बुधवार को पार्टी की प्रमुख रही सोनिया गांधी से मुलाक़ात कर सकते हैं.

अमर उजाला ने लिखा है कि खड़गे के साथ क़रीब आधे घंटे चली मुलाक़ात के बाद शिवकुमार ने उप-मुख्यमंत्री बनने या सीएम पद साझा करने का प्रस्ताव भी ठुकरा दिया है.

सूत्रों के हवाले से अख़बार लिखता है कि उन्होंने ख़ुद को सीएम पद का स्वाभाविक हक़दार बताया है और कहा है कि सीएम न बना तो सामान्य विधायक ही रहूंगा.

ये भी पढ़ें:-

मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ शिवकुमार और सिद्धारमैया

इमेज स्रोत, ANI

अपनी रिपोर्ट में इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि इस मुद्दे पर हाइकमान भी पसोपेश में हैं. कुछ वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि सीएम पद के सही उम्मीदवार शिवकुमार हैं क्योंकि उन्होंने जीत के किए काफ़ी मेहनत की है.

एक सूत्र के हवाले से अख़बार ने लिखा है कि खड़गे 'जुझारू' नेताओं का सम्मान करते हैं.

अख़बार लिखता है कि साल भर में लोकसभा चुनाव होने हैं और पार्टी दोनों में से किसी को भी नाराज़ करने का जोख़िम नहीं उठा सकती, इसलिए वो दोनों को ख़ुश करने के फ़ॉर्मूले पर विचार कर रही है.

हिंदुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि पार्टी के पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट पार्टी हाई कमान को सौंपी है, जिसमें कहा गया है कि 85 नेता सीएम पद के लिए सिद्धारमैया के नाम का समर्थन करते हैं.

अख़बार लिखता है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश या राजस्थान में हुई घटना दोहराना नहीं चाहती, इसलिए अगले चुनावों को ध्यान में रख कर फ़ैसला करना चाहती है.

मध्य प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बग़ावत के बाद वहां कांग्रेस सरकार गिर गई थी, तो वहीं राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच तनातनी आज भी अख़बारों की सुर्ख़ियों में रहती है.

ये भी पढ़ें:-

भारत की सुप्रीम कोर्ट.

इमेज स्रोत, AFP

सुप्रीम कोर्ट ने कहा- ईडी डर का माहौल न पैदा करे

जनसत्ता में छपी एक ख़बर के अनुसार, छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर बुरा बर्ताव करने और शराब घोटाला मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को फंसाने का आरोप लगाया है.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा कि वो डर का माहौल पैदा न करे.

अख़बार लिखता है कि राज्य सरकार के मुताबिक़, आबकारी विभाग के कई अधिकारियों ने कहा है कि ईडी ने उन्हें गिरफ़्तार करने की धमकी दी है और वो सीएम को फंसाना चाहती है.

सरकार ने दावा किया कि इस कारण कई अधिकारी काम नहीं करना चाहते.

कोर्ट में हो रही सुनवाई के दौरान ईडी की तरफ़ से पेश हुए वकील ने इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि ईडी एक मामले की जांच कर रही है.

इस पर कोर्ट ने कहा है कि इस तरीके का बर्ताव करने पर जायज़ वजह भी संदिग्ध हो जाती है.

बीते महीने छत्तीसगढ़ सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग क़ानून के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख़ किया था.

सरकार का कहना था कि गै़र बीजेपी शासित राज्यों की सरकारों को डराने और उनका कामकाज बाधित करने के लिए ईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है.

एस जयशंकर

इमेज स्रोत, DIVYAKANT SOLANKI/EPA-EFE/REX/Shutterstock

'रूसी उत्पाद' की यूरोप में सप्लाई को लेकर चिंता में यूरोपीय संघ

द हिंदू में छपी एक ख़बर के अनुसार, यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री जुसेप बोरेल ने कहा है कि अगर रूस के कच्चे तेल से बने उत्पाद यूरोपीय बाज़ार तक पहुंचे रहे हैं, तो यूरोपीय संघ के सदस्यों को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए.

एक अख़बार से बात करते हुए बोरेल ने कहा कि अगर ऐसा हो रहा है तो ये रूस पर लगे प्रतिबंधों को धोखे से पार करने जैसा है.

उनके इस आरोप को भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ख़ारिज किया है.

उन्होंने कहा है कि अगर रूस से आयातित कच्चे तेल को किसी तीसरे देश में रिफ़ाइन करके उससे अलग उत्पाद बनाया जाता है तो वो रूसी तेल नहीं रह जाता.

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी मुल्कों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. हालांकि भारत रूस के साथ अपने संबंध पहले की तरह ही बनाए हुए है.

मॉनसून की बारिश

इमेज स्रोत, IDREES MOHAMMED/EPA-EFE/REX/Shutterstock

इस साल देरी से आएगा मॉनसून

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी एक ख़बर के अनुसार, इस बार मॉनसून देरी के केरल पहुंचेगा.

भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को कहा कि इस बार दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तीन दिन की देरी से केरल पहुंचेगा.

अक्सर मॉनसून जून की एक तारीख़ को केरल के तट से टकराता है, लेकिन इस साल ये चार तारीख़ तक केरल में दस्तक दे सकता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)