अमृतपाल सिंह को घर में शरण देने वाली महिला ने पुलिस को क्या बताया- प्रेस रिव्यू

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छह दिनों से फ़रार चल रहे 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कथित तौर पर अपने घर में रखने के आरोप में पुलिस ने 30 साल की एक महिला को गिरफ्तार किया है.
इस खबर को इंडियन एक्सप्रेस ने अपने पहले पन्ने पर जगह दी है. अख़बार के मुताबिक़ पुलिस ने महिला की पहचान बलजीत कौर के रूप में की और कहा कि अमृतपाल सिंह पंजाब में गिरफ़्तारी से बचने के लिए 19 मार्च की रात महिला के घर रुके थे.
यह घर हरियाणा के शाहबाद मारकंडा इलाके की सिद्धार्थ कॉलोनी में है.
अख़बार के मुताबिक़, पंजाब के आईजी सुखचैन गिल ने बताया कि गुरुवार की सुबह पंजाब और हरियाणा की पुलिस ने मिलकर महिला को गिरफ़्तार किया.
पुलिस के मुताबिक़, बलजीत कौर ने हिसार से एमबीए किया है और वह न तो नौकरी करती है और न ही शादीशुदा है.
अख़बार के मुताबिक़, बलजीत कौर पिछले ढाई साल से कथित तौर पर अमृतपाल सिंह के सहयोगी पापलप्रीत सिंह के संपर्क में थी.
अख़बार ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया कि बलजीत के भाई हरविंदर शाहबाद में सब डिवीज़न मजिस्ट्रेट कार्यालय में काम करते हैं जिन्होंने बुधवार को पुलिस को अमृतपाल सिंह के आने की जानकारी दी थी. पुलिस ने भाई को गिरफ्तार नहीं किया है.
सूत्रों के हवाले से ख़बर में बताया गया है कि कथित तौर पर बलजीत कौर के फ़ोन, सोशल मीडिया अकाउंट और घर पर रैडिकल लिटरेचर के सबूत पाए गए हैं.
सूत्रों के मुताबिक़, बलजीत कौर ने पुलिस को बताया कि अमृतपाल सिंह जब उनके घर पहुंचे थे तो उनके पास बंदूक थी. लेकिन वह किस मॉडल की थी उसकी पहचान वह नहीं कर पाई थीं.
पुलिस सूत्रों के हवाले से अख़बार ने बताया कि अमृतपाल सिंह और पापलप्रीत कुछ कॉल करने के लिए बलजीत के मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करते थे. कथित तौर पर बलजीत ने पुलिस को बताया कि फ़ोन पर उनकी बातचीत से संकेत मिला कि वे उत्तराखंड जाने की योजना बना रहे थे.
पुलिस ने 20 मार्च का एक सीसीटीवी फ़ुटेज भी जारी किया है जिसमें बलजीत कौर के घर के पास कथित तौर पर अमृतपाल सिंह एक छाता पकड़े हुए हैं इस फ़ुटेज में पापलप्रीत भी दिखाई दे रहे हैं.
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कांग्रेस नेताओं को किस बात का डर सता रहा है?
राहुल गांधी को सूरत की एक अदालत ने चार साल पुराने आपराधिक मानहानि केस में दो साल की सज़ा सुनाई है.
फ़ैसले के बाद कांग्रेस नेताओं ने डर जताया है कि नरेंद्र मोदी सरकार लोकसभा में उनकी सदस्यता को ख़त्म करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संसद में अदानी विवाद को रोकने और विपक्ष को डराने के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ऐसा कर सकती है.
इस ख़बर को टेलीग्राफ अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी है.
2019 में राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था, "सभी चोरों का उपनाम (सरनेम) मोदी क्यों है?"
अख़बार के मुताबिक़, वरिष्ठ बीजेपी नेता रविशंकर ने कहा कि राहुल गांधी को अयोग्य ठहराने का फ़ैसला स्पीकर का है.
कांग्रेस नेताओं ने टेलीग्राफ़ अख़बार से बात करते हुए कहा कि मानहानि के मामलों में सज़ा आमतौर पर प्रतीकात्मक होती है, जिसमें एक दिन से लेकर एक महीने तक की जेल की सज़ा सुनाई जाती है.
हालांकि, अगर किसी सांसद या विधायक को कोर्ट दो साल की सज़ा सुनाता है तो वह अयोग्य घोषित हो जाता है और सज़ा पूरी होने के छह साल बाद तक चुनाव नहीं लड़ सकता है.
मौजूदा सांसद होने की वजह से राहुल गांधी की सांसदी फ़िलहाल ख़तरे में नहीं है. उनके पास इस फ़ैसले को चुनौती देने के लिए 30 दिन का समय है.

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टीबी की दवा पर ख़त्म होगा एकाधिकार
भारत में टीबी की दवा बेडाक्विलाइन पर अमेरिकी़ाफार्मास्युटिकल कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के पेटेंट को जुलाई महीने के बाद बढ़ाने से भारतीय पेटेंट ऑफ़िस ने इनकार कर दिया है.
इस ख़बर को द हिंदू अख़बार ने पहले पन्ने पर जगह दी. ख़बर के मुताबिक़, इस फ़ैसले के बाद टीबी मरीज़ों तक दवा की पहुंच ज़्यादा आसान हो जाएगी.
कंपनी के इस दवा पर प्राइमरी पेटेंट जुलाई में ख़त्म हो रहे हैं. इसके बाद ल्यूपिन और मैकलॉड जैसी जेनेरिक दवा कंपनियां इसे बना पाएंगी.
छह महीने के बेडाक्विलाइन दवा के कोर्स के लिए मरीज़ को फ़िलहाल क़रीब 32 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं.
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अब एक्सेंचर ने की छंटनी की घोषणा
बिजनेस स्टैंडर्ड अख़बार ने आईटी सेवाओं और कंसल्टिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी एक्सेंचर की उस घोषणा को पहली ख़बर बनाया है जिसमें कंपनी ने कहा कि वह टोटल वर्क फ़ोर्स में से 19 हज़ार कर्मचारियों यानी 2.5 प्रतिशत स्टाफ़ की छंटनी करेगी.
अख़बार के मुताबिक़, एक्सेंचर से पहले मेटा, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी कंपनियां भी छंटनी की घोषणा कर चुकी हैं.
एक्चेंसर ने सालाना ग्रोथ रेट में 8 से 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी के पिछले अनुमान को कम करके 8 से 10 प्रतिशत कर दिया है.
अख़बार के मुताबिक, 2022 में कंपनी ने कहा था कि उसके पास भारत में 3 लाख लोग हैं जो कुल फ़ोर्स का क़रीब 40 प्रतिशत है.
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