सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को बेचने की हड़बड़ी में नहीं: सीतारमण - प्रेस रिव्यू

निर्मला सीतारमण

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों के बेचने की किसी 'हड़बड़ी' में नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार टेलीकॉम, फाइनेंस समेत चारों स्ट्रेटजिक सेक्टर में बनी रहेगी.

अख़बार 'हिंदुस्तान टाइम्स' ने सीतारमण के उस बयान को प्रमुखता से छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि स्ट्रेटजिक सेक्टरों में सरकारी कपनियां होल्डिंग कंपनियों के तौर पर बनी रहेंगीं.

अख़बार के मुताबिक़ उन्होंने कहा कि सरकार चार स्ट्रेटजिक सेक्टरों में तो बनी ही रहेगी. हालांकि इस दायरे से बाहर की कुछ कंपनियों के निजीकरण पर विचार किया जा सकता है. या उनका सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे उद्योगों में विलय किया जा सकता है या फिर उन्हें बंद किया जा सकता है.

वित्त मंत्री ने रायसीना डायलॉग में कहा कि देश में सरकारी कंपनियां रहेंगी और उन्हें पेशेवर अंदाज़ में चलाया जाएगा. कम से कम चार स्ट्रेटजिक सेक्टर में तो सरकारी कंपनियां रहेंगीं ही.

सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग से जुड़ी नीतियों के तहत परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष और रक्षा, परिवहन और दूरसंचार, बिजली, पेट्रोलियम, कोयला दूसरे खनिज, बैंकिंग, इंश्योरेंस और वित्तीय सेवाएं स्ट्रेटजिक सेक्टर में आते हैं.

आलू किसान

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यूपी: आलू की कीमतें रसातल में, किसान बोले- सरकारफ्री में बांटे

यूपी में आलू की बंपर फसल ने किसानों को मुश्किल में डाल दिया है. ज़्यादा पैदावार की वजह से इसके दाम काफी गिर गए हैं.

दाम न मिल पाने की वजह से किसान सरकार से पीडीएस के लिए आलू खरीदने की मांग कर रहे हैं.

'इंडियन एक्सप्रेस' ने आगरा संभाग में आलू के दाम गिरने की रिपोर्ट छापी है.

रिपोर्ट के मुताबिक़ आगरा के नज़दीक खंडौली में एक कोल्ड स्टोरेज के मालिक डुंगर सिंह चौधरी ने बताया कि आगरा में आलू के थोक दाम गिर कर 400 से 450 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गए हैं. यानी चार से साढ़े चार रुपये प्रति किलो.

ये दाम 'चट्टा' यानी बडे़ साइज के आलू के हैं. छोटे साइज के आलू यानी 'गुल्ला' और उससे भी छोटे 'किर्री' आलू के दामों का तो कोई रेट ही नहीं हैं.

डुंगर सिंह चौधरी कहते हैं, "रिलायंस, मदर डेयरी, बिग बास्केट जैसी कंपनियों की बात तो छोड़ ही दीजिये कोई भी सप्लायर आलू नहीं उठा रहा है. सब नदारद हैं."

आलू उत्पादक किसान समिति के महासचिव मोहम्मद आलमगीर ने कहा, "सरकारी एजेंसियां गेहूं 2125 रुपये और चावल 2040 रुपये प्रति क्विंट पर खरीद रही हैं. सरकार हमसे आधे दाम पर आलू ले ले और पीडीएस में फ्री में बांटे."

प्रवासी श्रमिक

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इमेज कैप्शन, तमिलनाडु की एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करते प्रवासी कामगार

तमिलनाडु में उत्तर भारतीय मजदूरों पर कथित हमलों पर स्टालिन ने क्या कहा?

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा है जो लोग राज्य में प्रवासी मजदूरों पर हमले की अफवाह फैला रहे हैं वो देश हित के ख़िलाफ़ काम कर रहे हैं.

'द हिंदू' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़ स्टालिन ने कहा है कि जो लोग किसी दूसरे राज्य की घटनाओं के वीडियो और फ़ोटो का इस्तेमाल कर तमिलनाडु में डर और अफवाह फैला रहे हैं उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

इस मामले में 'द हिंदू' की एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवासी मजदूर ख़ास कर बिहारी श्रमिकों की कथित पिटाई की ख़बरों से राज्य के उद्योगों में चिंता की लहर है.

इन ख़बरों के बाद राज्य की एमएसएमई, होटलों, रेस्तरां और कंस्ट्रक्शन कंपनियों ने श्रमिकों से कहा है कि वो चिंतित न हों, उनका पूरा ख्याल रखा जाएगा.

अख़बार ने लिखा है कि चेन्नई होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष एम. रवि ने बताया, "इन ख़बरों के बाद मेरे होटल के कुछ कर्मचारी अपने घर चले गए क्योंकि उनके घरों से फोन आने शुरू हो गए थे. लेकिन हम उनके संपर्क में हैं."

कोयंबटूर और तिरुपुर में कुछ प्रवासी कामगार शनिवार को ट्रेन पर सवार होते दिखे. हालांकि अख़बार लिखता है कि वे होली की वजह से घर जा रहे थे.

इसी मामले में 'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट में कहा गया है कि तमिलनाडु में उत्तर भारतीयों पर कथित हमले की 'झूठी और बेबुनियाद' ख़बर इंटरनेट पर प्रकाशित करने के आरोप में यूपी के एक बीजेपी नेता और दो पत्रकारों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

पत्रकारों में 'दैनिक भास्कर' के एक अनाम संपादक भी शामिल हैं.

तमिलनाडु

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इमेज कैप्शन, तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों की कथित पिटाई के मामले में बिहार में विपक्ष सरकार पर हमलावर है

बिहार और झारखंड टीम भेजेंगे

बीजेपी की ओर से इस मामले को उठाए जाने के बाद बिहार सरकार ने शनिवार को कहा कि वो हालात का पता लगाने के लिए एक टीम भेजेगी. झारखंड सरकार ने भी एक टीम वहां भेजने का ऐलान किया है.

तमिलनाडु में बीजेपी के प्रमुख के अन्नामलाई ने प्रवासी मजदूरों पर कथित हमले पर बयान जारी करते हुए कहा है, "मैं राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए कह रहा हूं कि मुझसे बिहार बीजेपी चीफ़ ने यहां के बारे में रिपोर्ट मांगी. लेकिन मैंने उनसे कहा कि ऐसी कोई घटना यहां नहीं हुई है. आपको किसने ये बात बताई. तमिलनाडु की पुलिस और सरकार प्रवासी मजदूरों को पूरी सुरक्षा दे रही है."

हालांकि तमिलनाडु पुलिस ने कहा है कि शुरुआती जांच से पता चला है कि प्रवासी मजदूरों पर हमले से जुड़ी तेज अफवाह राजनीति से प्रेरित लग रही है. ये अफवाह राज्य के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के 1 मार्च के जन्मदिन उत्सव के बाद फैलाई गई.

पाकिस्तान

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भारतीय मूल के शख़्स की कंपनी ने पाकिस्तान को पहुंचाया गेहूं

भारत भले ही पाकिस्तान को गेहूं निर्यात न कर रहा हो लेकिन भारतीय मूल उद्यमी का जहाज एमवी लीला चेन्नई 50 हजार टन गेहूं लेकर पाकिस्तान पहुंचा है. जहाज ने रूस से गेहूं लेकर पाकिस्तान पहुंचाया है.

पाकिस्तान में इस वक्त महंगाई लगभग चालीस फ़ीसदी पहुंच गई और खाने-पीने की चीजों की भारी किल्लत चल रही है.

'टाइम्स ऑफ इंडिया' में छपी ख़बर के मुताबिक़ गेहूं की ये खेप पाकिस्तान की ओर से आयातित चार लाख पचास हजार टन का एक हिस्सा है. जिस जहाज एमवी लीला चेन्नई से ये गेहूं पाकिस्तान पहुंचा है उसकी मालिक कंपनी ग्लोबल मार्केटिंग सिस्टम है. इस कंपनी के फाउंडर भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी अनिल शर्मा हैं.

ये कंपनी री-साइकिलिंग के लिए जहाजों और दूसरे ऑफशोर एसेट्स की सबसे बड़ी खरीदार कंपनी है.

शर्मा मूल रूप से गुजरात के हैं. उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री ली और इसमें पीएचडी भी की.

अपने करियर के शुरुआती दस साल उन्होंने प्रोफेसर के तौर पर अकादमिक दुनिया में बिताए और फिर 1992 में अपनी कंपनी जीएमएस बनाई. ये कंपनी अब शिप रीसाइकिलिंग सेक्टर की शीर्ष कंपनियों में शामिल है.

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