'अतीत की गिरफ़्त में नहीं रह सकता देश': सुप्रीम कोर्ट - प्रेस रिव्यू

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देश की सर्वोच्च अदालत ने बीते सोमवार कुछ स्थानों के नामों में परिवर्तन के लिए दायर याचिका ख़ारिज करते हुए कहा है कि देश अतीत की गिरफ़्त में नहीं रह सकता.
इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, वकील अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में उन स्थानों के नाम बदलवाने के लिए जनहित याचिका दायर की थी जिनके नाम मुस्लिम आक्रमणकारियों के नाम पर रखे गए थे.
इस याचिका को ख़ारिज करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा है कि किसी भी देश का अतीत मौजूदा और आने वाली पीढ़ियों को इतना परेशान नहीं कर सकता कि वे अपने ही इतिहास की क़ैदी बनकर रह जाएं.
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस केएम जोसेफ़ और जस्टिस बीबी नागरत्ना ने इस याचिका को ख़ारिज किया है.
जस्टिस जोसेफ़ ने कहा, "आप चाहते हैं कि ये मुद्दा जीवित बना रहे और देश उबलता रहे? अगर एक समुदाय विशेष पर उंगलिया उठाई जाती हैं तो आप समाज के उस तबके को नीचा दिखाते हैं. भारत एक धर्म निरपेक्ष देश है और ये एक धर्म निरपेक्ष फ़ोरम है."
जस्टिस नागरत्ना ने भी इस याचिका पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा, "हिंदू होना जीवन जीने का एक ढंग है. इसी वजह से भारत सभी को अपने आप में समाहित कर सका. इसी वजह से हम एक साथ रहने में सक्षम हैं."

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उमेश पाल हत्याकांड में हुआ एनकाउंटर
उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीते सोमवार उमेश पाल हत्याकांड के एक अभियुक्त का एनकाउंटर किया है.
जनसत्ता में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके सरकारी गनर की दिनदहाड़े हत्या करने वाले हिस्ट्रीशीटर को पुलिस ने सोमवार को मार दिया है.
प्रयागराज पुलिस ने दावा किया है कि उमेश पाल हत्याकांड में शामिल अरबाज़ को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है. वहीं, उमेश पाल हत्याकांड के अन्य अभियुक्तों की तलाश के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है.
राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या में जिस क्रेटा कार का इस्तेमाल किया गया था, उसको अरबाज़ ही चला रहा था. मारे गए अरबाज़ को अतीक अहमद का क़रीबी बताया जा रहा है. अरबाज़ सल्लापुर का रहने वाला था, जो अतीक अहमद की गाड़ी भी चलाता था.
धूमनगंज इलाके में स्थित नेहरू पार्क के जंगल में अरबाज़ को मारा गया है. इस एनकाउंटर में एक पुलिसकर्मी के भी घायल होने की ख़बर है. एनकाउंटर में गोली लगने के बाद अरबाज़ को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
एडीजी क़ानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि '24 फ़रवरी की शाम राजू पाल विधायक हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी. मामले में कार्रवाई के क्रम में आज प्रयागराज जनपद के धूमनगंज थाना क्षेत्र में एक मुठभेड़ में मामले में शामिल अरबाज़ घायल हुआ.'
कुमार ने कहा कि उसके पास से एक पिस्टल मिली है.
अरबाज़ पर अभियोग था कि घटना के दिन इस्तेमाल होने वाली गाड़ी वही चला रहा था और उसने फ़ायरिंग भी की थी.
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