पूर्व जस्टिस अब्दुल नज़ीर बने राज्यपाल, अयोध्या, नोटबंदी जैसे मामलों की कर चुके हैं सुनवाई

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मूर्मु

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केंद्र सरकार ने बड़ा फेरबदल करते हुए महाराष्ट्र समेत 12 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में राज्यपालों को बदल दिया है.

रविवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दफ्तर ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उप-राज्यपाल राधा कृष्णन का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है.

बयान में कहा गया है कि भगत सिंह कोश्यारी की जगह अब झारखंड के राज्यपाल रहे रमेश बैस महाराष्ट्र के राज्यपाल होंगे. वहीं, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है.

वहीं, लद्दाख के उप-राज्यपाल राधा कृष्णन माथुर की जगह अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे ब्रिगेडियर (डॉ) बीडी मिश्रा लद्दाख के नए उप-राज्यपाल होंगे बीजेपी के पूर्व सांसद और तमिलनाडु के निवासी सीपी राधा कृष्णन को झारखंड का राज्यपाल बनाया गया है.

इन 13 नामों से दो सेना के पूर्व अधिकारी रहे हैं, वहीं एक सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज रह चुके हैं.

जहां लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) केवल्य त्रिविक्रम परनाइक को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है, वहीं ब्रिगेडियर (डॉ) बीडी मिश्रा (रिटायर्ड) को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उप-राज्यपाल बनाया गया है.

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार कई राज्यों में राज्यपाल के पद पर नई नियुक्तियां हुई हैं, तो कई राज्यों में जो राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं वो पहले किसी दूसरे राज्य के राज्यपाल थए.

बयान में कहा गया है कि ये नियुक्तियां उस दिन से प्रभावी होंगी जिस दिन राज्यपाल अपना कार्यभार संभालेंगे.

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राज्यपालों के राज्यों में बदलाव:

  • विश्व भूषण हरिचंदन - पहले आंध्र प्रदेश के राज्यपाल थे, अब छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बनाए गए हैं.
  • अनुसुया उइके - पहले छत्तीसगढ़ की राज्यपाल थीं, अब उन्हें मणिपुर में राज्यपाल बनाकर भेजा गया है.
  • ला. गणेशन - पहले मणिपुर के राज्यपाल थे, उन्हें अब नगालैंड का राज्यपाल बनाया गया.
  • फागू चौहान - पहले बिहार के राज्यपाल थे, अब मेघालय के राज्यपाल के तौर पर नियुक्त किए गए हैं.
  • राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर - पहले हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल थे, अब बिहार भेजे गए हैं.
  • रमेश बैस - पहले झारखंड के राज्यपाल थे, अब महाराष्ट्र के राज्यपाल होंगे.
  • ब्रिगेडियर (डॉ) बीडी मिश्रा (रिटायर्ड)- पहले अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल थे, अब केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में उप-राज्यपाल बनाकर भेजा गया है.

नए बनाए गए राज्यपाल

  • लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) केवल्य त्रिविक्रम परनाइक - अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल बनाया गया है.
  • लक्ष्मण प्रसाद आचार्य - सिक्किम के नए राज्यपाल बनाए गए हैं.
  • सीपी राधाकृष्ण - झारखंड के रज्यपाल बने हैं.
  • शिव प्रताप शुक्ल - अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे.
  • गुलाब चंद कटारिया- असम के नए गवर्नर होंगे.
  • जस्टिस (रिटायर्ड) एस अब्दुल नज़ीर- आंध्र प्रदेश के राज्यपाल होंगे.
जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर

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अयोध्या और नोटबंदी मामलों की सुनवाई करने वाले जस्टिसनज़ीर बने राज्यपाल

कर्नाटक के रहने वाले जस्टिस नज़ीर क़रीब एक माह पहले चार जनवरी को रिटायर हुए थे. सुप्रीम कोर्ट में जज रहते हुए वे कई अहम फ़ैसलों में शामिल रहे हैं.

नवंबर 2019 में अयोध्या विवाद पर सर्वसम्मति से दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में वे पांच सदस्यीय खंडपीठ के अकेले मुसलमान जज थे. वहीं, तीन तलाक़ को अवैध क़रार देने वाले सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में भी वे शामिल थे.

जस्टिस नज़ीर केंद्र सरकार की नोटबंदी के फ़ैसले को उचित ठहराने वाली खंडपीठ में भी शामिल थे.

सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका जन्म पांच जनवरी, 1958 को कर्नाटक में हुआ था. उन्होंने अपनी वकालत का करियर 1983 से कर्नाटक हाई कोर्ट से शुरू किया था. उन्हें 2003 में कर्नाटक हाईकोर्ट में एडिशनल जज बनाया गया. सुप्रीम कोर्ट में उन्हें फ़रवरी 2017 में जज बनाया गया था.

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महराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी

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भगत सिंह कोश्यारी- विवादों में रहा कार्यकाल

मोदी सरकार में राज्यपालों में फेरबदल के कयास पहले से लगाए जा रहे थे. महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के कार्यकाल में हुए विवादों के बाद उनके हटने की चर्चा भी हो रही थी.

भगत सिंह कोश्यारी पहले ही अपने पद से हटने की इच्छा जता चुके थे. उनके कुछ बयानों को लेकर महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टियों उनके इस्तीफ़े की मांग कर रही थीं.

भगत सिंह कोश्यारी को साल 2019 में महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया था. उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा.

साल 2019 में महाराष्ट्र चुनाव के बाद बीजेपी के पास बहुमत ना होने पर भी आधी रात को सरकार बनाने के लिए बुलाने को लेकर भी उनकी आलोचना हुई थी.

पिछले साल नवंबर में उन्होंने छत्रपति शिवाजी को पुराने युग के नायक कहा था. उन्होंने बीआर आंबेडकर और बीजेपी नेता नितिन गडकरी को नए युग के नायक बताया था. इस विवाद पर एनसीपी, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और कांग्रेस ने कोश्यारी पर शिवाजी का अपमान करने का आरोप लगाया था.

इसी तरह कोश्यारी ने कहा था, "पंडित जवाहरलाल नेहरू, भारत के पहले प्रधान मंत्री, खुद को एक शांतिदूत मानते थे. इसने देश को कमज़ोर बना दिया और यह लंबे समय तक कमज़ोर रहा."

वह कारगिल विजय दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. कोश्यारी ने कहा, "अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार को छोड़कर, पिछली सरकारें राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं थीं."

इसी साल जनवर में ही भगत सिंह कोश्यारी ने कहा था कि राज्यपाल की भूमिका उनके लिए कभी खुशी लेकर नहीं आई. उन्हें सिर्फ़ दुख ही मिला. जनवरी 23 को उन्होंने ट्वीट करके बताया था कि उन्होंने पीएम मोदी से उन्हें सभी राजनीतिक ज़िम्मेदारियों से मुक़्त किए जाने की इच्छा जताई है.

महाराष्ट्र के राज्यपाल बदलने को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत ने कहा, "राज्यपाल बदलकर महाराष्ट्र पर कोई अहसान नहीं किया गया है. कई राज्यपाल बदले गए हैं. उनके (भगत सिंह कोश्यारी) शिवाजी महाराज और सावित्रीबाई फुले को लेकर दिए बयानों के चलते महाराष्ट्र के लोग एक साल से राज्यपाल बदलने की मांग कर रहे थे."

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शिव प्रताप शुक्ला - पहले थे मोदी सरकार में मंत्री

शिव प्रताप शुक्ला हिमाचल प्रदेश में मोदी सरकार की पिछले सरकार में वित्त राज्यमंत्री रह चुके हैं.

उत्तर प्रदेश के रुद्रपुर से आने वाले शिव प्रताप मौजूदा वक्त में राज्य सभा सदस्य हैं और बीजेपी में ब्राह्मणों के एक प्रभावी चेहरे को तौर पर देखे जाते हैं.

राजनाथ सिंह जिस दौर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे उस दौरान शिव प्रताप शुक्ला ग्रामीण विकास मंत्री थे. 1989 से लेकर 1996 तक वो चार बार गोरखपुर से विधायक रहे थे.

छात्र जीवन के वक्त से बीजेपी की छात्र ईकाई एबीवीपी से जुड़े रहने वाले शिव प्रताप शुक्ला आरएसएस के साथ भी जुड़े रहे हैं.

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गुलाब चंद कटारिया

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गुलाब चंद कटारिया को बधाई

राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाया गया है. उन्हें राजस्थान का कद्दवार नेता माना जाता है. गुलाब चंद कटारिया आठ बार विधायक और एक बार सांसद रहे हैं.

भैरोसिंह शेखावत सरकार में मंत्री रहे. उन्होंने राज्यस्थान के गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री का पदभार भी संभाला है.

वह प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष, सचिव और महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ उनके अच्छे समीकरण नहीं माने जाते. ऐसे में बीजेपी के फ़ैसले को राजस्थान चुनाव से जोड़कर भी देखा जा रहा है.

बीजेपी नेता राज्यवर्धन राठौड़ ने गुलाब चंद कटारिया को असम के राज्यपाल बनाए जाने को लेकर उन्हें बधाई दी है.

राठौड़ ने लिखा, "हमारे वरिष्ठ नेता और राजस्थान बीजेपी के लोकप्रिय चेहरे गुलाब चंद कटारिया जी को असम का राज्पाल बनाया गया है. उन्हें हार्दिक बधाई."

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