'वो व्हिस्की के चार गिलास पी चुके थे', महिला पर पेशाब करने के मामले में सहयात्री ने बताई आंखों देखी- प्रेस रिव्यू

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एयर इंडिया की फ्लाइट में एक बुज़ुर्ग महिला पर कथित तौर पर पेशाब करने के मामले में एक सहयात्री का बयान सामने आया है.
अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया को अभियुक्त के सहयात्री ने बताया कि यात्रा के दौरान क्या-क्या हुआ और अभियुक्त का व्यवहार कैसा था.
न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही फ्लाइट में एक शख़्स पर एक बुज़ुर्ग महिला पर पेशाब करने का आरोप है. ये घटना 26 नवंबर की है. उस शख़्स के ख़िलाफ़ शिकायत भी दर्ज की गई है.
घटना के दिन अभियुक्त के साथ वाली सीट पर अमेरिका में रहने वाले ऑडियोलॉजी के डॉक्टर सुगाता भट्टाचार्यजी मौजूद थे. वो बिज़नेस क्लास की पहली पंक्ति में सीट 8ए (विंडो सीट) पर बैठे थे. वहीं, अभियुक्त की सीट 8सी थी.
सुगाता ने अख़बार को बताया, ''वो शराब के नशे में डूबे बेकाबू यात्री थे. उन्होंने लंच में ही सिंगल मॉल्ट व्हिस्की के चार गिलास पिए. वो नशे में लग रहे थे. उन्होंने मुझसे तीन बार एक ही सवाल पूछा कि आपके बच्चे क्या करते हैं? तब मैंने एयरलाइन के स्टाफ़ से कहा कि मेरे सहयात्री नशे में हैं और उन्हें इससे ज़्यादा शराब ना दें.''
सुगाता के मुताबिक़, जिस तरह वो नशे में लग रहे थे तो हो सकता है कि उन्हें लंच से पहले और बाद में भी पी हो.
इनकी सीट के पीछे दो महिला सहयात्री बैठी थीं. सुगाता का कहना है कि 'जब अभियुक्त ने सीट 9ए पर बैठीं महिला पर कथित तौर पर पेशाब किया तो वो सोए हुए थे. लेकिन, बाद की घटनाएं उन्हीं के सामने हुईं.'
सुगाता कहते हैं, ''वो (पीड़ित महिला) बहुत घबराई हुई लग रही थीं. केबिन क्रू उनसे अभियुक्त से बात करने के लिए कह रहा था. लेकिन, महिला का कहना था कि वो नशे में है, वो नशे में है. इस तरह का अपराध करने वाले शख़्स को आप माफ़ी के लिए पीड़ित के पास नहीं ला सकते.''

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सुगाता उस घटना को लेकर अब भी हैरान हैं. वह बताते हैं, ''हम बिज़नेस क्लास कैबिन की पहली पंक्ति में बैठे थे. शौचालय चार पंक्ति पीछे था. मुझे अब भी ये बात समझ नहीं आ रही... वो (अभियुक्त) उठकर पीछे की पंक्ति पर गए और पेशाब किया. उस पंक्ति में कोने की सीट पर भी एक महिला बैठी थी लेकिन उन्होंने विंडो सीट की महिला पर पेशाब किया.''
नशे में डूबे अभियुक्त उसके बाद सो गए. सुगाता कहते हैं, ''जब वो जागे और थोड़ा संभले तो उन्होंने मुझसे कहा, 'भाई, शायद मैं मुसीबत में पड़ गया हूं.' तब मैंने कहा, हां, बिल्कुल.''
सुगाता भट्टाचार्यजी पीड़ित महिला की मदद करने के लिए दो केबिन क्रू सदस्यों की तारीफ़ करते हैं. वो बताते हैं, ''उन्होंने दस्ताने पहने और महिला का सामान शौचालय में ले जाकर साफ़ किया. उन्होंने अपने काम से आगे जाकर मदद की."
वह बताते हैं, ''फ्लाइट ख़त्म होने पर मैंने क्रू से शिकायत पुस्तिका मांगी ताकि इस स्थिति को संभालने के तरीक़े के ख़िलाफ़ लिख सकूं तो उन्होंने लिखने के लिए सादा पन्ना पकड़ा दिया. उन्होंने शिकायत की रसीद भी नहीं दी.''

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टीएमसी को इलेक्टोरल बॉन्ड से मिले 528.4 करोड़
तृणमूल कांग्रेस को साल 2021-2022 में हुई कुल आय का 96 प्रतिशत इलेक्टोरल बॉन्ड्स से मिला है.
पार्टी ने चुनाव आयोग को दी गई सालाना ऑडिट रिपोर्ट में ये जानकारी दी है. चुनाव आयोग ने ये रिपोर्ट शुक्रवार को अपनी वेबसाइट पर जारी की है.
अंग्रेज़ी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस में इस ख़बर को प्रमुखता से दिया गया है.
अख़बार के मुताबिक इस रिपोर्ट से पता चलता है कि पार्टी को पिछले वित्त वर्ष में 545.74 करोड़ रुपये की आय हुई है. इसमें से 528.4 करोड़ रुपये सिर्फ़ इलेक्टोरल बॉन्ड्स से मिले हैं.
इसके अलावा 14.36 करोड़ रुपये प्राथमिक सदस्यों से फीस, सब्सक्रिप्शन और कलेक्शन के ज़रिए मिले हैं. बाकी की आय बैंक में जमा पैसे पर आए ब्याज़ और अन्य पार्टी सदस्यों के चंदे से हुई है.
इससे पिछले साल 2020-21 में टीएमसी को 42 करोड़ रुपये इलेक्टोरल बॉन्ड्स से मिले थे.
पार्टी के खर्च की बात करें तो 2020-21 में 132.52 करोड़ रुपये खर्च हुए थे जो 2021-2022 में बढ़कर 268.33 करोड़ हो गये.
वहीं, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) की बात करें तो उसे 2021-2022 में 162.23 करोड़ रुपये की आय हुई है.

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बिहार में जाति आधारित सर्वेक्षण आज से शुरू
बिहार सरकार आज यानी शनिवार से जातिगत सर्वेक्षण का पहला चरण शुरू करने जा रही है. अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू में ये ख़बर पहले पन्ने पर दी गई है.
राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से केंद्र सरकार से राष्ट्रीय स्तर पर जातिगत जनगणना की मांग करते रहे हैं. अब उन्होंने राज्य में ही सर्वेक्षण की शुरुआत कर दी है.
ये जनगणना 12.7 करोड़ जनसंख्या के बीच की जाएगी जो 31 मई को पूरी होगी. पहले चरण में राज्य के सभी घरों की गिनती होगी और उनका रिकॉर्ड बनाया जाएगा जो 21 जनवरी तक पूरा हो जाएगा.
दूसरा चरण एक से 30 अप्रैल तक होगा. इसमें घरों में रहने वाले लोगों, उनकी जाति, उपजाति, सामाजिक-आर्थिक स्थिति आदि की जानकारी इकट्ठा की जाएगी.
अपनी समाधान यात्रा के दौरान शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इस जनगणना में जाति और समुदाय का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा जिससे उनके विकास में मदद मिलेगी.
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