अंजलि के परिवार ने उसकी 'दोस्त' निधि के दावे पर क्या कहा- प्रेस रिव्यू

दिल्ली के कंझावला इलाक़े में एक जनवरी की तड़के सुबह एक कथित सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाली अंजलि नाम की युवती के मामले में नया मोड़ सामने आया है.
दिल्ली पुलिस ने कुछ रोज़ पहले बताया था कि हादसे के वक़्त इस युवती की एक दोस्त भी उसके साथ स्कूटी पर सवार थी.
इसके बाद मृतका की दोस्त बताई जा रही निधि का भी बयान सामने आया है, जिसमें उसने कहा है कि मृतका ने दुर्घटना के वक़्त शराब पी रखी थी.
अंग्रेजी अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, मृतका के परिवार ने निधि के बयान को ख़ारिज कर दिया है.
निधि ने बताया है कि मृतका और वह एक जनवरी की सुबह एक पार्टी से लौट रही थीं और उनकी स्कूटी को एक कार ने टक्कर मार दी. इस दुर्घटना में निधि एक तरफ़ गिर गईं और मृतका का शरीर गाड़ी में फंस गया जिसके बाद वह 14 किलोमीटर तक घिसटती चली गईं.
मैजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज किए गए बयान में इस महिला ने दावा किया है कि उसने मृतका को गाड़ी में फँसने के बाद घिसटते देखा. लेकिन वह मौक़े से भाग गई और मदद की गुहार नहीं लगाई.
इस महिला ने ये भी दावा किया है कि दुर्घटना के वक़्त मृतका नशे में थी और मना करने के बावजूद स्कूटी चला रही थी.
हालांकि, मृतका की माँ ने निधि के बयान को ख़ारिज करते हुए कहा है कि वह न तो निधि को जानती हैं और न ही उनके बारे में सुना है.
उन्होंने कहा है कि 'मैं उसके कुछ दोस्तों को जानती हूं और निधि उनमें शामिल नहीं है. मेरी बेटी कभी शराब पीकर घर नहीं आई. ये लड़की ख़ुद को बचाने के लिए मेरी बेटी के चरित्र हनन की कोशिश कर रही है. ये मेरी बेटी को मरते हुए देखकर भाग गई और पुलिस को सूचना नहीं दी."
इस मामले से जुड़ी क़ानूनी कार्रवाई में परिवार की मदद कर रहे भूपेन चौरसिया ने कहा, "निधि के सभी दावे फ़र्ज़ी हैं. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नशे की बात सामने नहीं आई है. ये साज़िश जैसा लग रहा है और हम जल्द ही इसका पता लगाएंगे."
फॉरेंसिक साइंस लैब के अधिकारी ने बताया है कि मृतका की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ये बात सामने नहीं आई है कि मृतका के शरीर में शराब थी या नहीं.
इस अधिकारी ने ये भी बताया है कि मृतका के शरीर से विसरा को सुरक्षित करके हमें दिया गया है. विसरा की जांच में नशे में होने की बात सामने आएगी.
मृतका के परिवार ने दावा किया है कि ये स्पष्ट है कि निधि उनकी बेटी के साथ थी अथवा नहीं क्योंकि उन्होंने कहा है कि इस दुर्घटना में शामिल होने के बावजूद निधि को किसी तरह की चोट नहीं आई है जो कि असंभव लगता है.
बुधवार को दो सीसीटीवी वीडियो सामने आए हैं, जिसमें कथित रूप से निधि रात 1.38 बजे अपने सुल्तानपुरी आवास में प्रवेश करते दिख रही हैं.
यह एक अन्य वीडियो से उलट है जिसमें दोनों को रोहिणी के एक होटल से देर रात एक बजकर 31 मिनट पर निकलते हुए दिखाया गया है.
हालांकि, जिस व्यक्ति के परिसर में कैमरा लगा है, उसने दावा किया कि फुटेज में 45 मिनट का अंतराल है.
अख़बार ने कहा है कि वह स्वतंत्र रूप से फुटेज की पुष्टि नहीं कर सका है.
हालांकि, जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उनके पास अलग-अलग सीसीटीवी क्लिप हैं, जिसमें दोनों महिलाएं होटल से घर की ओर जाती दिख रही हैं.
उन्होंने कहा, 'इसके अलावा, हमारे पास होटल में मेहमानों और दोनों महिलाओं के दोस्तों के बयान हैं. इस सबूत को चार्जशीट में जोड़ा जाएगा.'

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राहुल गांधी को आरएलडी से मिला साथ, सपा-बसपा से बेरुख़ी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली 'भारत जोड़ो यात्रा' नौ राज्यों से होते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश पहुंच चुकी है. और इस क्षेत्र की प्रमुख राजनीतिक दल आरएलडी ने कांग्रेस का समर्थन किया है.
जनसत्ता में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्लाह भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ही इस यात्रा से जुड़ रहे हैं. बुधवार को राष्ट्रीय लोकदल के शीर्ष नेतृत्व ने कांग्रेस नेता का स्वागत किया है. रालोद के नेता इस यात्रा में शामिल हो रहे हैं लेकिन जयंत चौधरी इस यात्रा में शामिल नहीं हो रहे हैं. इसकी वजह उनका देश से बाहर होना बताई जा रही है.
रालोद के वरिष्ठ नेता ने कहा है, "हम इसे राजनीति के चश्मे से नहीं देख रहे हैं. हम इसे केवल कांग्रेस और राहुल जी की देश को एक करने की पहल के रूप में देख रहे हैं. हम एक ही विचारधारा का पालन करते हैं और हमारी पार्टी भी समाज में एकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम करती रही है."
कांग्रेस की यूपी सोशल मीडिया सेल प्रभारी पंखुड़ी पाठक ने कहा, "राज्य में मुख्य विपक्षी दलों के प्रमुख यात्रा में शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन अखिलेश यादव, मायावती जी और जयंत चौधरी सहित सभी ने इस कदम की सराहना की है. और अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को हमारे साथ आने की खुली छूट दे दी है…विपक्षी नेता बाद में हमारे साथ आ सकते हैं, कोई नहीं जानता."

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शरद पवार बोले, 'बेरोजगारी के चलते दुल्हनें नहीं मिल रहीं'
राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र और महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार को घेरा है.
अमर उजाला में प्रकाशित ख़बर के मुताबिक़, पवार ने कहा है कि बेरोजगारी के कारण सामाजिक समस्याएं पैदा हो रही हैं. इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा है कि 'शादी योग्य युवकों को नौकरियां नहीं होने के कारण दुल्हनें नहीं मिल रही हैं.'
पवार ने अपने भाषण में एक किस्सा सुनाते हुए कहा है कि 'वे एक बार अपनी यात्रा के दौरान एक गांव के चौराहे पर 25 से 30 साल के 15 से 20 युवकों के बीच पहुंचे. उनसे पूछा कि उन्होंने क्या पढ़ाई की है? कुछ ने कहा कि वे स्नातक हैं तो कुछ ने कहा कि वे स्नातकोत्तर हैं. जब उनसे पूछा कि क्या वे शादीशुदा हैं, तो सभी ने ना कहा. शादी नहीं होने की वजह पूछी तो युवकों ने कहा कि कोई भी उन्हें दुल्हन देने के लिए तैयार नहीं है, क्योंकि उनके पास कोई नौकरी नहीं है. उन्होंने कहा कि यह समस्या महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में ज्यादा सुनी जा रही है.
पवार ने कहा कि रोजगार को बढ़ावा देने की नीतियों अपनाने के बजाय समुदायों और धर्मों के बीच विभाजन पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है. दो समुदायों के बीच नफरत पैदा करने के लिए बेतरतीब ढंग से कुछ मुद्दे बनाए जाते हैं. वे ऐसा क्यों कर रहे हैं? क्योंकि वे उन वादों को पूरा नहीं कर पाए हैं जो चुनाव के दौरान किए थे.
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