राहुल गांधी बोले चीन के मसले पर सो रही सरकार, बीजेपी ने नेहरू पर किया पलटवार

इमेज स्रोत, ANI
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि चीन भारत के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने की तैयारी कर रहा है. राहुल गांधी राजस्थान के जयपुर में भारत जोड़ो यात्रा के 100वें दिन पर हुई प्रेसवार्ता में बोल रहे थे.
राहुल गांधी ने कहा, "चीन हमारे ख़िलाफ़ युद्ध की तैयारी कर रहा है लेकिन हमारी सरकार इस बात को स्वीकार करने को तैयार नहीं है, वो सच्चाई छिपा रही है."
राहुल गांधी ने इस दौरान चीन का ज़िक्र किया और कहा कि प्रेस उनसे चीन के बारे में सवाल नहीं करती.
ये चीन के मसले पर राहुल गांधी का सरकार पर सबसे तीख़ा हमला कहा जा सकता है. उन्होंने मीडिया से भी शिकायत के लहज़े में कहा कि कोई उनसे चीन के बारे में नहीं पूछता है.
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
उन्होंने कहा कि "प्रेस वाले आज मुझसे सचिन पायलट, भारत जोड़ो यात्रा और अशोक गहलोत जैसे सारे सवाल करेंगे लेकिन वो मुझसे चीन के बारे में कोई सवाल नहीं करेंगे."
उन्होंने कहा, "चीन ने भारत के दो हज़ार वर्ग किलोमीटर इलाक़े पर कब्ज़ा किया हुआ है, वो भारत के 20 जवानों को शहीद कर चुका है और अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सेना के जवानों को पीट रहा है. मैंने कहा था कि भारत की प्रेस मुझसे इस बारे में सवाल नहीं करेगी और मेरी बात सच थी."
राहुल गांधी कि वे दो-तीन सालों से चीन से ख़तरा की बात करते आ रहे हैं लेकिन सरकार उसे छिपाने की कोशिश कर रही है, नज़रअंदाज़ कर रही है.
बीजेपी ने राहुल गांधी के इस बयान पर प्रतिक्रिया जारी की है.
पार्टी के राजस्थान से सांसद और प्रवक्ता राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा, "राहुल गांधी के नाना जी सो रहे थे और सोते-सोते उन्होंने भारत का 37000 स्क्वायर किमी क्षेत्र गंवा दिया. उसके बाद राहुल गांधी को लगा कि चीन से मित्रता करनी चाहिए और अब मित्रता इतनी गहरी है कि चीन क्या करने वाला है ये उन्हें पता है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
राहुल गांधी ने और क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा ये महज़ घुसपैठ की कोशिश नहीं है, "लद्दाख की तरफ और अरुणाचल प्रदेश की तरफ हमले की उनकी (चीन) की पूरी तैयारी चल रही है. देश की सरकार सोई हुई है. वो इस बात को सुनना नहीं चाहती है. उनकी तैयारी घुसपैठ की नहीं है उनकी तैयारी युद्ध की है."
"अगर आप उनके हथियारों का पैटर्न देखें तो आप समझेंगे कि वो वहां क्या कर रहे हैं और हमारी सरकार इस बात को शायद स्वीकार नहीं कर पा रही, वो इस बात को छिपा रही है."
उन्होंने इसके बाद इसके कारणों के बारे में कहा कि "हमारी सरकार रणनीतिक तौर पर काम नहीं करती, इवेंट बेस्ट काम करती है. वो सोचते हैं कि यहां पर एक इवेंट करो, वहां पर एक इवेंट करो. लेकिन जब अंतरराष्ट्रीय रिश्तों की बात होती है, जियो-स्ट्रैटजी की बात होती है, वहां पर शक्ति काम करती है."
उन्होंने कहा, "उन्होंने इसे लेकर तीन-चार बार आगाह किया है कि सरकार को सावधान रहना चाहिए, जो हो रहा है उसे समझना चाहिए क्योंकि बयानबाज़ी होती रहती है. विदेश मंत्री बयान देते रहे हैं. मुझे कहना नहीं चाहिए लेकिन मुझे लगता है कि शायद उन्हें अपनी समझ थोड़ी गहरी करनी चाहिए."

कांग्रेस नेता अधिर रंजन चौधरी भी बोले
राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी उन पर हमलावर है, जिसके बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार को सचेत करना गुनाह कैसे है.
उन्होंने कहा, "विपक्ष की तरफ से अगर सरकार को किसी विषय पर सचेत किया जाता है, तो क्या ये गुनाह है? अगर भारत और चीन के बीच सब कुछ ठीक है तो फिर यथास्थिति बहाल करने की क्या ज़रूरत है?"
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने बीजेपी पर चीन के साथ व्यापार बढ़ाने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा, "चीन को सज़ा देने की बजाय ये लोग चीन का व्यापार बढ़ाने में मदद कर रहे हैं. 3,560 भारतीय कंपनियों में चीनी व्यक्ति निदेशक के पद पर हैं."
"मैं बीजेपी को चुनौती देता हूं, वो इसकी पड़ताल कर सकते हैं. इन बातों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए. राहुल गांधी सरकार को इन बारे में सचेत करते हैं जो उन्हें पसंद नहीं है."
इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 3

तवांग में भारत और चीन के बीच क्या हुआ?
- अरुणाचल प्रदेश के तवांग के यांग्त्से में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच 9 दिसंबर को झड़प हुई.
- इस बारे में 12 दिसंबर को भारतीय मीडिया में ख़बरें आने लगी.
- घटना के चार दिन बाद 13 दिसंबर को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में इस पर बयान दिया.
- उन्होंने कहा कि चीन ने लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर अतिक्रमण कर यथास्थिति को एकतरफ़ा बदलने की कोशिश की है जिसका भारतीय सैनिकों ने डटकर सामना किया.
- उन्होंने कहा कि इस घटना में भारत के किसी सैनिक की न तो मृत्यु हुई है और न ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है.
- इसके बाद इसे लेकर चीनी सेना ने कहा कि भारतीय सैनिक सीमापार कर उनके इलाक़े में आए थे.
- वहीं चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा कि सीमा पर हालात सामान्य रूप से स्थिर हैं.

भारत और चीन सीमा विवाद
- चीन और भारत के बीच 3400 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा है जो विवाद का कारण है.
- ये सीमा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश से होकर गुज़रती है.
- इसे लेकर दोनों देशों के अपने-अपने दावे हैं और इसे लेकर कई बार दोनों के सैनिक आमने-सामने आए हैं.
- दोनों देशों के बीच 1962 में एक युद्ध हो चुका है.
- 2017 में डोकलाम में दोनों के बीच बड़ा विवाद हुआ, जो 72 दिन तक चला.
- 1996 में दोनों देशों के बीच सहमति हुई कि सीमा पर बंदूक या विस्फोटक का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा.
- 2020 के जून में गलवान में भारत और चीन के बीच संघर्ष में भारत के 20 सैनिक मारे गए थे.
- इस संघर्ष के दौरान बंदूक का इस्तेमाल नहीं हुआ बल्कि डंडों और अन्य हथियारों का इस्तेमाल हुआ.
- घटना के कई महीनों बाद चीन ने इस संघर्ष में अपने चार सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकार की.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)














