विश्व हिंदू परिषद के नेता की धमकी- मौलवी अपना सामान बांध लें वरना... - प्रेस रिव्यू

भोरा कलां मस्जिद विवाद

गुरुग्राम के भोरा कलां गांव में हाल ही में मस्जिद में नमाज़ पढ़ रहे लोगों से मारपीट का मामला गरमाया था. इस मामले में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने गंभीर आरोप लगाए और मौलवियों को चेतावनी दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, रविवार को विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा कि मस्जिद में विवाद का मुद्दा 'ज़मीन जिहाद' की एक बड़ी साज़िश का हिस्सा है. उन्होंने मौलवियों को चेतावनी देते हुए कहा कहा कि 'अपना सामान बांध लो.'

हरियाणा के मानेसर में वीएचपी की ओर से आयोजित 'त्रिशूल दीक्षा' कार्यक्रम में 100 से अधिक लोगों की मौजूदगी में सुरेंद्र जैन ने कहा, ''12-13 साल पहले सिर्फ तीन मुसलमान परिवार भोरा कलां आए थे और उस जगह पर नमाज़ पढ़ने की इजाज़त मांगी थी जहां बकरियां घास चरती थीं. तब एक आपसी सहमति बनी थी कि वहां न तो कोई मौलवी रखा जाएगा और न ही बाहर से कोई आकर रहेगा.''

''लेकिन धीरे-धीरे बाहरी लोगों का आना-जाना शुरू हो गया. उन्होंने ईंटें जोड़ीं और मस्जिद बनाने का काम शुरू कर दिया. कोई आप के घर में घुसकर मस्जिद बनाएगा, आप स्वीकार करोगे? जो भोरा कलां में हुआ है वो कल गुरुग्राम, मानेसर, हरियाणा और देश के किसी भी कोने में हो सकता है. वो पूरे देश का धर्म बदलना चाहते हैं. मैं भोरा कलां के लोगों को बधाई देता हूं कि उन्होंने उनको सबक सिखा दिया.''

सुरेंद्र जैन यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, ''मैं मौलवियों से कहना चाहता हूं कि अपना सामान बांध लो, वरना मानेसर के लोग तुम्हें नहीं छोड़ेंगे. ये हिंदू राष्ट्र था, है और रहेगा.''

उधर गांव के सरपंच ने अख़बार को बताया है कि स्थानीय लोगों को मस्जिद से कोई समस्या नहीं है, यह विवाद बाहरी लोगों का करवाया है.

रविवार को हुए वीएचपी के इस कार्यक्रम से तीन महीने पहले मानेसर में एक मंदिर में बजरंग दल और वीएचपी ने एक पंचायत आयोजित की थी और 'मुसलमान दुकानदारों और ठेले वालों' के आर्थिक बहिष्कार की अपील की थी.

श्रीलंका में बढ़ती चीनी सेना भारत के लिए ख़तरे के संकेत?

चीनी सेना

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श्रीलंका में लगातार बढ़ रही चीनी सेना की मौजूदगी पर तमिलनाडु सक्रिय खुफिया एजेंसियों ने चिंता जताई है. राज्य की एजेंसी ने चेतावनी दी है कि श्रीलंका में चीनी फौज की मौजूदगी भारत की सुरक्षा के लिए ख़तरा बन सकती है और समुद्री सीमा पर निगरानी बढ़ाने की भी अपील की.

द हिंदू की ख़बर के मुताबिक, एजेंसी ने चेताया है कि उत्तरी श्रीलंका में पीएलए की तैनाती और हाईटेक गैजेट जैसे सैटेलाइट, ड्रोन और दूसरे संचार उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर भारत को चौकन्ना रहने की ज़रूरत है. इस संबंध में सभी शहरों को एडवाइजरी भेजी गई है.

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने समुद्री ककड़ी की खेती की आड़ में अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया है.

ख़ुफ़िया एजेंसी ने यह चेतावनी अपने ही एक अलर्ट के कुछ दिन बाद जारी की है जिसमें बताया गया था कि कुछ चीनी नागरिकों ने श्रीलंका की एक राजनीतिक पार्टी के काडर की मदद से भारत में समुद्री रास्ते से प्रवेश किया है.

तमिलनाडु कोस्टल सिक्योरिटी ग्रुप ने भी एक केंद्रीय एजेंसी का हवाला देते हुए अलर्ट दिया था कि हंबनटोटा पोर्ट पर चीनी जहाज़ का इस्तेमाल सैटेलाइट मॉनिटर करने, रॉकेट और इंटर कॉन्टिनेंटल मिसाइल लॉन्च में किया गया.

सिक्योरिटी ग्रुप ने तमिलनाडु के समुद्री तट पर सुरक्षा पुख्ता करने की भी अपील की थी.

उत्तरी श्रीलंका में चीनी नागरिकों के बेरोकटोक घूमने की वजह से तमिल मछुआरों में नाराज़गी है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि चीन उनकी जीविका के एक मात्र साधन पर भी नज़र गड़ाए है और समुद्र से कीमती चीज़ें निकाल रहा है.

''सब पर हिंदी जबरन न थोपी जाए''

मोदी और स्टालिन

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपील की है कि गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर जबरन यह भाषा न थोपी जाए.

हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर के अनुसार, दरअसल, एक संसदीय समिति ने हाल ही में यह सुझाव दिया था कि जिन राज्यों में हिंदी बोली जाती है वहां टेक्निकल और नॉन-टेक्निकल उच्च शिक्षा वाले संस्थानों जैसे आईआईटी में हिंदी को ज़रूरी किया जाए और गैर-हिंदी भाषी राज्यों में क्षेत्रीय भाषा रखी जाए. इसके अलावा समिति ने संयुक्त राष्ट्र में हिंदी को आधिकारिक भाषा तय करने का भी सुझाव दिया.

स्टालिन ने पीएम मोदी लिखी चिट्ठी में कहा, ''भारत में हिंदी के मुकाबले दूसरी भाषाएं बोलने वालों की संख्या अधिक है. मुझे भरोसा है कि आप ये मानते हैं कि अपनी विशिष्टता और भाषाई संस्कृति के साथ हर भाषा की अपनी विशेषता होती है.''

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उन्होंने आगे लिखा, ''केंद्र सरकार की कोशिश आठवीं अनुसूची में तमिल समेत सभी भाषाओं को शामिल रखना और वैज्ञानिक विकास और तकीनीकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए और सभी भाषाओं को बढ़ावा देना और बोलने वालों के बराबर शिक्षा और रोजगार के मामले में प्रगति के रास्ते खोलने चाहिए.

शनिवार को डीएमके के युवा मोर्चा के सचिव और स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने चेतावनी दी है कि अगर राज्य पर हिंदी थोपी गई तो वो दिल्ली में बीजेपी के ख़िलाफ़ आंदोलन करेंगे.

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