झारखंड: बकरी चोरी के आरोप में युवक की हत्या, मॉब लिंचिंग के आरोप

- Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिन्दी के लिए
छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे झारखंड के गुमला ज़िले के जारी थाना क्षेत्र में एजाज़ ख़ान नामक एक युवक की हत्या कर दी गई है. भीड़ पर युवक की हत्या करने का आरोप है.
हालांकि अभी तक पुष्टि नहीं हुई है. गुमला पुलिस ने इस मामले में एक रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है.
मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. मृत युवक के परिजनों ने हत्या का आरोप छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले के कुछ लोगों पर लगाया है.
लिहाज़ा, झारखंड पुलिस ने इस मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस से भी जांच और अभियुक्तों की गिरफ़्तारी में सहयोग की अपील की है.
गुमला पुलिस ने इस मामले में एक प्रेस बयान जारी किया है.
पुलिस ने कहा है, "जशपुर छत्तीसगढ़ बॉर्डर से लगे गुमला ज़िले के जारी थाना अंतर्गत डुमरटोली बस्ती में एजाज़ ख़ान, उम्र लगभग 22 वर्ष की मृत बॉडी मिली है, जो तिगड़ा बस्ती का रहने वाला है. बॉडी को देखने से ऐसा लगता है कि लाठी या किसी तेज़ धारदार हथियार से उसके सर पर वार किया गया है. उनकी बाइक जली हालत में छत्तीसगढ़ के जशपुर के पतराटोली में मिली है."
पुलिस ने बताया, "जशपुर (छत्तीसगढ़) पुलिस को इसकी सूचना दी गई है. मृतक के परिजन एक रिपोर्ट दर्ज करवा रहे हैं. मृतक का भी आपराधिक इतिहास रहा है. मृतक के ख़िलाफ़ गुमला ज़िले के तीन थाना क्षेत्रों में चोरी और दूसरे आरोपों में मामले दर्ज हैं."

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परिवार का क्या कहना है?
मृतक एजाज़ के परिजनों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ से आए युवकों की भीड़ ने घेरकर एजाज़ की हत्या की है. उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में कुछ लोगों को नामज़द भी किया है.
मृत युवक के भाई सरवर खान ने मीडिया से कहा, "मेरा भाई कल सुबह कुछ काम से जशपुर (छत्तीसगढ़) के पतराटोली गया था. वहां के कुछ युवकों से उसका पुराना विवाद था. उन्हीं युवकों ने लाठी-डंडे और टांगी से मारकर एजाज़ की हत्या की है. पिटाई से उसके दोनों हाथ टूट गए हैं. उसकी बाइक भी पतराटोली से ही मिली, जिसे जला दिया गया था. हमें पुलिस से इन्साफ़ की उम्मीद है."
स्थानीय पत्रकारों ने बीबीसी को बताया कि घटना के वक्त एजाज़ ख़ान के साथ एक और युवक के होने की बात पता चली है. वह भीड़ को देखकर भाग गया. आरोप है कि दोनों युवकों की पिटाई, बकरी चोरी के शक़ में की गई है.
हालाँकि पुलिस ने अभी तक घटना के कारणों को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है. गुमला के एसपी एहतेशाम वकारीव ने कहा है कि हम पूरे मामले की जाँच कर रहे हैं.
इस बीच सोशल मीडिया पर इस मामले को मॉब लिंचिंग बताकर "जस्टिस फ़ॉर एजाज़ ख़ान" कैंपेन भी चलाया जा रहा है. देश भर के लोगों ने इससे संबंधित ट्वीट्स किए हैं.
ग़ौरतलब है कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने कुछ महीने पहले मॉब लिंचिंग निरोधक विधेयक को विधानसभा से पारित कराकर राज्यपाल की स्वीकृति के लिए भेजा था. राज्यपाल ने उसमें त्रुटियाँ निकाल कर उसे सरकार को वापस कर दिया. सरकार ने अभी उसे दोबारा राजभवन नहीं भेजा है.
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