जम्मू-कश्मीर के डीजी (जेल) हेमंत लोहिया की हत्या: अब तक जो पता है

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (जेल) हेमंत लोहिया

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    • Author, मोहित कंधारी
    • पदनाम, जम्मू से बीबीसी हिंदी के लिए

गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू-कश्मीर दौरे के चलते डीजी (जेल) हेमंत लोहिया की हत्या का मामला सवालों के घेरे में है.

57 साल के हेमंत लोहिया 1992 बैच के IPS अधिकारी थे. लोहिया काफी लंबे समय तक केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहे लेकिन इस साल फरवरी में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर जम्मू-कश्मीर लौट आए.

इस दौरान होमगार्ड, नागरिक रक्षा, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) में कमांडेंट जनरल के रूप में तैनात किए गए थे. बाद में इसी साल अगस्त महीने में उन्हें महानिदेशक जेल के रूप में तैनात किया गया.

सोमवार देर शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव उदयवाला स्थित उनके मित्र के घर से बरामद किया गया.

हेमंत लोहिया अपनी पत्नी के साथ सोमवार शाम को अपने मित्र के घर अपनी सरकारी गाड़ी में पहुंचे थे .

सोमवार शाम को क्या हुआ?

जम्मू कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने मंगलवार सुबह बताया कि हत्या के मुख्य अभियुक्त यासिर अहमद को कानाचक इलाके से पकड़ लिया गया है. पुलिस अधिकारी उनसे पूछताछ कर रहे हैं.

पुलिस की प्रारंभिक जांच में अब तक यह बात सामने आई है की सोमवार शाम को हेमंत लोहिया ने अपने मित्र के परिवार संग भोजन करने के बाद अपने घरेलू नौकर यासिर अहमद को कमरे में बुलाया और उसे अपने पांव मालिश करने को कहा.

इस दौरान उनकी पत्नी उनके साथ कमरे में मौजूद नहीं थी. उनके दोस्त के परिवार वाले भी अपने अपने कमरे में आराम करने चले गए थे.

इसी बीच हेमंत लोहिया की ज़ोर की चीख सुन कर जब परिवार के सदस्य उनके कमरे की तरफ भागे तो कमरा अंदर से बंद था.

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (जेल) हेमंत लोहिया

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पुलिस की जांच

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पुलिस का कहना है इसी बीच घरेलू नौकर यासिर ने हेमंत लोहिया पर हमला कर उनकी हत्या की होगी.

पुलिस ने कमरे से टूटी हुई केचअप की बोतल बरामद की है. देर रात पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए हेमंत लोहिया का शव जम्मू के मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल शिफ्ट कर दिया था.

पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट का दावा

इस बीच, कश्मीर घाटी स्थित चरमपंथी संगठन पीपुल्स एंटी-फासिस्ट फ्रंट (PAFF) ने लोहिया की हत्या की ज़िम्मेदारी ली है.

PAFF ने सोशल मीडिया के ज़रिए इस बात की जानकारी दी. जम्मू-कश्मीर पुलिस के रिकॉर्ड्स के मुताबिक ये संगठन जैश से जुड़ा है. संगठन ने अपनी प्रेस रिलीज़ में कहा कि 'यह गृह मंत्री को हमारा छोटा सा तोहफा है. हम किसी को भी कभी भी-कहीं भी मार सकते हैं.'

हालांकि पुलिस ने इन दावों को खारिज किया है.

PAFF के इन दावों पर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने जम्मू में पत्रकारों को बताया अभी तक प्रारंभिक जांच में कोई आतंकी कृत्य स्पष्ट नहीं है, लेकिन किसी भी संभावना से इनकार करने के लिए गहन जांच की जा रही है.

यासिर अहमद

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यासिर अहमद की मानसिक हालात

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दिलबाग सिंह के मुताबिक़ अब तक की प्रारम्भिक जांच में यह सामने आया है कि रामबन निवासी घरेलू नौकर यासिर अहमद, हेमंत लोहिया की हत्या के मामले मुख्य अभियुक्त है.

इससे पहले घटना स्थल से एकत्र किए गए कुछ सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध अभियुक्त को इस अपराध को अंजाम देने के बाद भागते हुए देखा गया था.

पुलिस का कहना है कि यासिर अहमद करीब 6 महीने से हेमंत लोहिया के सहायक के तौर पर काम कर रहे थे. शुरुआती जांच में पता चला है कि वह अपने व्यवहार में काफी आक्रामक था और डिप्रेशन का भी शिकार था.

उसकी मानसिक स्थिति को दर्शाने वाले कुछ दस्तावेज़ी सबूतों के अलावा अपराध के हथियार को भी ज़ब्त कर लिया गया है.

अमित शाह

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अमित शाह का दौरा

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हेमंत लोहिया की हत्या का मामला इस वजह से और गंभीर हो जाता है क्योंकि भारत के गृह मंत्री अमित शाह भी इस वक़्त जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं.

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को हेमंत लोहिया को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया , "श्री हेमंत लोहिया एक उत्कृष्ट पुलिस अधिकारी और एक महान इंसान थे. उन्होंने बड़े सम्मान और समर्पण के साथ देश की सेवा की. उनके दुखद निधन पर स्तब्ध हूं. शोक संतप्त परिवार और दोस्तों के प्रति मेरी संवेदना".

इस बीच जम्मू और कश्मीर के राजौरी और जम्मू ज़िलों के कुछ हिस्सों में मंगलवार को मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है.

एडीजीपी मुकेश सिंह ने कहा कि लोग अफवाहों पर ध्यान ना दें और पुलिस के आधिकारिक बयान को ही सही मानें.

जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने एक नोटिफिकेशन जारी करके बताया कि इंटरनेट सेवाएं अस्थाई तौर पर मंगलवार शाम सात बजे तक बंद रहेंगी. ताकि कोई भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि न हो और कानून व्यवस्था बनी रहे.

यह फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे की वजह से लिया गया है.

पांच अक्टूबर को अमित शाह श्रीनगर में जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति का रिव्यू करेंगे. उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, सेना के शीर्ष अधिकारी, पैरा मिलिट्री के अधिकारी, राज्य पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारी भी बैठक में हिस्सा लेंगे.

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