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कश्मीर के शोपियां में चरमपंथियों की गोलीबारी में एक कश्मीरी पंडित की हत्या
जम्मू और कश्मीर में चरमपंथियों ने मंगलवार को आम लोगों पर गोलीबारी की जिसमें एक कश्मीरी पंडित मारा गया.
चरमपंथियों के हमले में मारे गए व्यक्ति का नाम सुनील कुमार भट बताया जा रहा है. वहीं, उनके भाई पिंटू कुमार घायल हो गए हैं.
कश्मीर ज़ोन पुलिस के अनुसार, ये हमला शोपियां के छोटीपुरा इलाक़े में एक सेब के बाग़ में हुआ है.
कश्मीर ज़ोन पुलिस ने ट्विटर पर बताया, "शोपियां के चोतीपोरा इलाके में एक सेब के बाग़ में आतंकवादियों ने आम लोगों पर गोलियां चलाईं. एक व्यक्ति की मौत हुई और एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है. दोनों ही व्यक्तियों का संबंध अल्पसंख्यक समुदाय से है.
पुलिस के अनुसार, "घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है. इलाके की घेराबंदी कर दी गई है."
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, सुनील कुमार भट का पार्थिव शरीर उनके शोपियां स्थित आवास पर लाया गया है.
घटना पर प्रतिक्रियाएं
बीजेपी की जम्मू और कश्मीर इकाई के अध्यक्ष रविंदर रैना ने इस घटना पर प्रतिक्रिया में कहा, "कायर पाकिस्तानी आतंकवादियों ने अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया है. कश्मीरी हिंदू भाई सुनील कुमार भट और पिंटू पर पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हमला किया. पाकिस्तान कश्मीर में ख़ूनखराबा चाहता है. पाकिस्तानी आतंकवादी कश्मीरी लोगों के दुश्मन हैं."
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान कश्मीर को क़ब्रिस्तान में बदल देना चाहता है, लेकिन हम उसके नापाक इरादों को कामयाब नहीं होने देंगे. शोपियां के इलाके में जो लोग भी कश्मीरी पंडितों पर हमला करने में शामिल रहे हैं, उन पर कार्रवाई की जाए, उन्हें निश्चित रूप से इसकी सज़ा मिलेगी."
वहीं, एआईएमआईएम के नेता ओवैसी ने जम्मू और कश्मीर प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा, "भारतीय जनता पार्टी ने जम्मू और कश्मीर में उपराज्यपाल की नियुक्ति की. वहां केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही सरकार नाकाम साबित हुई है."
"अनुच्छेद 370 ख़त्म करने से कोई मदद नहीं मिली है. जम्मू और कश्मीर में किसी कश्मीरी पंडित पर ये पहला हमला नहीं है, वे (केंद्र) सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम रहे हैं. कश्मीरी पंडित अब कश्मीर छोड़ना चाहते हैं. ये मोदी सरकार की एक और नाकामी है. जम्मू और कश्मीर में कश्मीरी पंडितों की ज़िंदगी की रक्षा में नाकामी की ज़िम्मेदारी बीजेपी और उसकी सरकार पर है."
वहीं फ़िल्म अभिनेता अनुपम खेर ने कहा, "ये शर्मनाक है कि कश्मीरी पंडितों पर आज भी ज़ुल्म ढाए जा रहे हैं. यहां तक कि वे लोग अपने ही लोगों की जान ले रहे हैं. वे लोग हर उस शख़्स का क़त्ल कर रहे हैं जो हिंदुस्तान के साथ खड़ा होता है. ये पिछले 30 साल से वहां होता आ रहा है. आप जितनी भी इसकी आलोचना करें, वो कम है. हमें ये मानसिकता बदलनी होगी."
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